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SPECIFICATION:
- Publisher : Jaico Publishing House
- By: Robert L. Piccioni (Author)
- Binding : Paperback
- Language : English
- Edition : 2010
- Pages : 320 pages
- Size :21.6 x 2 x 14.4 cm
- ISBN-10: 8184950691
- ISBN-13: 978-8184950694
DESCRIPTION:
You don't have to be a great musician to appreciate great music. Nor do you need to be a great scientist to appreciate the exciting discoveries and intriguing mysteries of our universe. Dr. Robert Piccioni brings the excitement of modern scientific discoveries to general audiences. He makes the key facts and concepts understandable without "dumbing" them down. He presents them in a friendly, conversational manner and includes many personal anecdotes about the people behind the science. With 33 images and over 100 graphics, this book explains the real science behind the headlines and sound bites. Learn all about:
- Our universe: How big? How old? What came before?
- The Big Bang, black holes and supernovae
- Quantum Mechanics and uncertainty
- How the immense and the minute are connected
- What is Special about General Relativity
- How mankind can become Earth's best friend

SPECIFICATION:
- Publisher : Rajpal and Sons
- By: Amelie Nothomb (Author)
- Binding :Paperback
- Language : Hindi
- Edition :2020
- Pages: 176 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10:9389373255
- ISBN-13: 9789389373257
DESCRIPTION:
एक अधूरा उपन्यास लेखिका आमेली नोतों का पहला उपन्यास है जो उन्होंने 26 वर्ष की उम्र में लिखा था। इसके साथ ही वे एक विलक्षण लेखिका के रूप में स्थापित हो गयीं। तब से लेकर अब तक उनका हर साल एक नया उपन्यास प्रकाशित होता आ रहा है। पन्द्रह से अधिक भाषाओं में उनके उपन्यासों के अनुवाद हो चुके हैं। 1999 में उन्हें फ्रेंच अकादमी के ‘ग्रां प्री’ पुरस्कार से नवाज़ा गया और 2008 में ‘ग्रां प्री जियोनो’ प्राप्त हुआ। इस उपन्यास का मुख्य पात्र, प्रेतेक्सता ताश, साहित्य के नोबेल पुरस्कार विजेता हैं। उनकी मृत्यु निकट है और उनसे बातचीत करने के लिए पत्रकार लगातार आ रहे हैं लेकिन तर्क-विद्या में सिद्धहस्त प्रेतेक्सता ताश अपने वाक्य-चातुर्य से सबको परास्त कर देते हैं। इसी दौरान यह भी पता चलता है कि वे अपनी निजी ज़िन्दगी में निहायत नस्लवादी और स्त्री-विरोधी ही नहीं बल्कि अव्वल दर्जे के मानव-द्वेषी भी हैं। एक महिला पत्रकार ताश की ज़िन्दगी को खंगालना शुरू करती है जो उन्हें उनके अतीत की ओर ले जाती है। वह यह भी जानने की कोशिश करती है कि आखिर ताश का एक उपन्यास वर्षों से अधूरा क्यों पड़ा है? और यहीं से कहानी एक नया मोड़ लेती है... इस पुस्तक का फ्रेंच से हिन्दी में अनुवाद किया है संजय कुमार ने, जो दस वर्षों से अंग्रेजी और विदेशी भाषा विश्वविद्यालय, हैदराबाद में फ्रेंच साहित्य का अध्यापन कार्य कर रहे हैं। फ्रेंच भाषा, साहित्य और संस्कृति पर उनकी अब तक दसेक पुस्तकें और दर्जन भर शोध निबंध प्रकाशित हो चुके हैं।

SPECIFICATION:
- Publisher : Rajpal and Sons
- By: Amelie Nothomb (Author)
- Binding :Hardcover
- Language : Hindi
- Edition :2020
- Pages: 176 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10:9389373263
- ISBN-13: 9789389373264
DESCRIPTION:
एक अधूरा उपन्यास लेखिका आमेली नोतों का पहला उपन्यास है जो उन्होंने 26 वर्ष की उम्र में लिखा था। इसके साथ ही वे एक विलक्षण लेखिका के रूप में स्थापित हो गयीं। तब से लेकर अब तक उनका हर साल एक नया उपन्यास प्रकाशित होता आ रहा है। पन्द्रह से अधिक भाषाओं में उनके उपन्यासों के अनुवाद हो चुके हैं। 1999 में उन्हें फ्रेंच अकादमी के ‘ग्रां प्री’ पुरस्कार से नवाज़ा गया और 2008 में ‘ग्रां प्री जियोनो’ प्राप्त हुआ। इस उपन्यास का मुख्य पात्र, प्रेतेक्सता ताश, साहित्य के नोबेल पुरस्कार विजेता हैं। उनकी मृत्यु निकट है और उनसे बातचीत करने के लिए पत्रकार लगातार आ रहे हैं लेकिन तर्क-विद्या में सिद्धहस्त प्रेतेक्सता ताश अपने वाक्य-चातुर्य से सबको परास्त कर देते हैं। इसी दौरान यह भी पता चलता है कि वे अपनी निजी ज़िन्दगी में निहायत नस्लवादी और स्त्री-विरोधी ही नहीं बल्कि अव्वल दर्जे के मानव-द्वेषी भी हैं। एक महिला पत्रकार ताश की ज़िन्दगी को खंगालना शुरू करती है जो उन्हें उनके अतीत की ओर ले जाती है। वह यह भी जानने की कोशिश करती है कि आखिर ताश का एक उपन्यास वर्षों से अधूरा क्यों पड़ा है? और यहीं से कहानी एक नया मोड़ लेती है... इस पुस्तक का फ्रेंच से हिन्दी में अनुवाद किया है संजय कुमार ने, जो दस वर्षों से अंग्रेजी और विदेशी भाषा विश्वविद्यालय, हैदराबाद में फ्रेंच साहित्य का अध्यापन कार्य कर रहे हैं। फ्रेंच भाषा, साहित्य और संस्कृति पर उनकी अब तक दसेक पुस्तकें और दर्जन भर शोध निबंध प्रकाशित हो चुके हैं।
SPECIFICATION:
- Publisher : Dey's Publishing
- By : Sankar
- Cover : Paperback
- Language : Bengali
- Edition : 2004
- Weight : 250 gm.
- ISBN-10 : 8170790913
- ISBN-13 : 978-8170790914

SPECIFICATION:
- Publisher : R.R. Sheth & Co. Private Limited
- By : Kajal Oza-Vaidya
- Cover : Paperback
- Language : Gujarati
- Edition : 2016
- Pages : 152
- Weight : 255 gm
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10 : 9351225038
- ISBN-13 : 978-9351225034
DESCRIPTION:
એકબીજાને ગમતાં રહીએ - કાજલ ઓઝા - વૈદ્ય 'સુખી' થવાની નાની નાની ફોર્મ્યુલા માણસમાત્ર એના સંબંધોને આધારે જીવે છે. બુદ્ધિશાળી હોય કે અભણ...લુચ્ચો હોય કે ભોળો...લાગણીશીલ હોય કે પ્રેક્ટીકલ... એને એના પોતાના આગવા સંબંધો હોય છે, જેને તોડવા-સાચવવાના એના પોતાના કારણો એની પાસે હોય જ છે. આપણે સૌ સંબધોમાંથી જન્મેલા અનુભવ અને અનુભવમાંથી જન્મેલા વ્યક્તિત્વો છીએ. આ વ્યક્તિત્વો જ આપણા નવા સબંધો બાંધે છે અથવા જૂના સબંધો તોડે છે. આ લેખો સુખની શોધમાં કદાચ તમારો નકશો બની શકે એવા ઉદ્દેશથી લખાયા છે અને તે દ્વારા તમને 'સુખી' થવાની નાની નાની ફોર્મ્યુલા આપવાનો પ્રયાસ છે. આપણે જિંદગીને સમજવાનો એટલો બધો પ્રયત્ન કરીએ છીએ કે ધીમે ધીમે જીવવાનું ભૂલી જઈએ છીએ... સંબંધોને ધીમે ધીમે આપણા લોહીના લયમાં ભેળવીને, હૃદયના ધબકારા સાથે મેળવીને, એકબીજા પરત્વે સ્વીકારની લાગણી કેળવીને જીવવામાં આવે તો એમાંથી ઘણું બધું મળે છે. 'મળવા'નો અર્થ અહીં ફાયદો કે ગેરફાયદો નથી જ...સવાલ છે 'સુખ'નો, 'શાંતિ'નો, 'સ્નેહ'નો દરેકને પોતાના સંબંધમાંથી ફક્ત આટલી જ અપેક્ષા હોય છે. સમજવું એટલું જ પડે છે કે જે અપેક્ષા આપણને છે તે જ સામેવાળી વ્યક્તિને પણ હોઈ શકે. તમે એવું ઇચ્છો કે કોઈ તમારી કાળજી લે, સામેની વ્યક્તિ પણ એ જ ઇચ્છે છે...આ લેખો મારા પોતાના અનુભવમાંથી જન્મેલી એક એવી સમજદારી છે જેને આપણે 'અર્થહીન' કહી શકીએ. હું આ સમજદારી મારા પોતાના સંબંધોમાં કામે લગાડી શકી નથી. પણ હા, મને ચોક્કસ સમજાયું છે કે આટલું કરવાથી ઘણીબધી સમસ્યાઓ ઘટી શકે. આ લેખો સુખની શોધમાં કદાચ તમારો નકશો બની શકે એવા ઉદ્દેશથી લખ્યા છે અને તે દ્વારા તમને 'સુખી' થવાની નાની નાની ફોર્મ્યુલા આપવાનો મારો પ્રયાસ છે. - કાજલ ઓઝા-વૈદ્ય

SPECIFICATION:
- Publisher : Rajpal and Sons
- By: Amritlal Nagar(Author)
- Binding :Hardcover
- Language : Hindi
- Edition :2019
- Pages: 548 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10: 8170286271
- ISBN-13: 9788170286271
DESCRIPTION:
पद्मभूषण से सम्मानित अमृतलाल नागर की गिनती बीसवीं सदी के हिन्दी साहित्य के प्रमुख लेखकों में होती है। उनके लेखन की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वे अपनी कहानियों और उपन्यासों में पात्रों का ऐसा चित्रण करते थे जो कि कहानी खत्म होने के बाद भी लम्बे समय तक पाठक के दिलोदिमाग पर छाये रहते थे। इसी खूबी के कारण कई बार उनकी तुलना प्रेमचन्द से की जाती है। 17 अगस्त, 1916 में आगरा, उत्तर प्रदेश में जन्मे अमृतलाल नागर को उनके 74 वर्ष के जीवनकाल में अनेक सम्मानों से नवाज़ा गया। उन्होंने उपन्यास, कहानी, यात्रा-वृत्तान्त, संस्मरण, जीवनी, निबन्ध, रिपोर्ताज, व्यंग्य, नाटक और बच्चों के लिए पुस्तकें-सभी विधाओं में काम किया। इसके अतिरिक्त अन्य भाषाओं से कई महत्त्वपूर्ण कृतियों को हिन्दी में अनुदित किया। साहित्य के अतिरिक्त उन्होंने रेडियो, रंगमंच और फिल्मों में भी सक्रिय योगदान दिया। प्रस्तुत ग्रन्थ में उनकी सभी कहानियों को एक साथ सम्मिलित किया गया है।

SPECIFICATION:
- Publisher : Rajpal and Sons
- By: Pallav (Author)
- Binding :Paperback
- Language : Hindi
- Edition :2018
- Pages: 144 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10: 9386534355
- ISBN-13: 9789386534354
DESCRIPTION:
हिन्दी साहित्य के सागर में से गागर भरते हुए पहली बार ऐसी कहानियाँ एक जिल्द में संकलित हैं जिनके शीर्षक में आया गिनती का अंक न केवल उत्सुकता जगाता है बल्कि हिन्दी कहानी की व्यापकता और गहराई से भी पाठकों को जोड़ता है। प्रेमचन्द, फणीश्वरनाथ ‘रेणु’, हरिशंकर परसाई, रवीन्द्र कालिया से लेकर स्वयंप्रकाश और असग़र वजाहत-सभी दिग्गज कहानीकारों की कहानियाँ इसमें सम्मिलित हैं। इन कहानियों की एक और विशेषता यह भी है कि इनमें कहानी विधा के सभी रस मिलते हैं। प्रेम, करुणा, रहस्य, रोमांच, हास्य, व्यंग्य और जीवन के उतार-चढ़ाव के चित्र इन कहानीकारों की कलम से निकलकर यादगार बन जाते हैं। हिन्दी कहानी पर शोध कर चुके दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दू कॉलेज के प्राध्यापक डॉ पल्लव इस अनूठी पुस्तक के संपादक हैं। इस पुस्तक में गिनती कहानियों की है, कहानियों के मार्फ़त है।

SPECIFICATION:
- Publisher : Rajpal and Sons
- By : Ratneshwar Kumar Singh
- Cover : Paperback
- Language : Hindi
- Edition : 2019
- Pages : 240
- Weight : 250 gm.
- Size : 13.97 x 1.4 x 21.59 cm
- ISBN-10 : 9389373042
- ISBN-13 : 978-9389373042
DESCRIPTION:
एक लड़की पानी-पानी जीवन और पानी के गहरे रिश्तों को रेखांकित करने वाला अपने ढंग का अनूठा उपन्यास है। सूखे की आशंका के दृश्य के साथ शुरू हुए इस उपन्यास की कथा के केंद्र में पानी है। जल के बिना जीवन कैसा हो जाएगा इसकी भयावह छायाएँ हैं। कहानी शुरू होती है लड़कियो के एक होस्टल से, उनके मुक्त जीवन की उन्मुक्त छवियों से। उस होस्टल में प्रवेश लेने वाली लड़कियों को पहले दिन और बातों के अलावा क़िफ़ायत के साथ पानी के इस्तेमाल के बारे में भी बताया जाता है, और यह भी कि प्रत्येक दिन एटीएम मशीन के सहारे उनको निश्चित मात्रा में पानी मिलेगा। उपन्यास में भविष्य के जीवन की छवियाँ हैं, अतीत के सूखे की यादें हैं, पानी की समस्या से निपटने की वर्तमान नाकाफ़ी तैयारियों का जायज़ा है। आसन्न संकट की छवियाँ बताने वाली आर्टीफ़िशियल इंटेलीजेंस तकनीक है। लड़कियों के कॉलेज में पानी रिसर्च एंड डेवलपमेंट की पढ़ाई होती है, उपन्यास की कहानी में पानी के नाम पर घुसपैठ हो रही है, विश्व पानी सम्मेलन हो रहा है।
यह हिन्दी में अपने ढंग का अकेला उपन्यास है जिसमें साइंस फिक्शन की तकनीकों को कुछ लड़कियों के जीवन में आए उतार-चढ़ावों के साथ इस तरह से प्रस्तुत किया गया है कि कहानी की रोचकता के साथ उपन्यास का मूल संदेश कहीं भी बाधित नहीं होता है।
बहुचर्चित उपन्यास रेखना मेरी जान के लेखक रत्नेश्वर कुमार सिंह की अब तक अलग-अलग विषयों पर दस पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वे पत्रकारिता साहित्य के लिए भारत सरकार द्वारा 1998 में ‘भारतेन्दु हरिश्चंद्र पुरस्कार’ से सम्मानित किये जा चुके हैं।

SPECIFICATION:
- Publisher : Rajpal and Sons
- By: Binod Chaudhary Author)
- Binding :Paperback
- Language : Hindi
- Edition :2017
- Pages: 272 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10: 9386534339
- ISBN-13 :9789386534330
DESCRIPTION:
‘‘सपनों को साकार कैसे किया जाये-बिनोद चौधरी की आत्मकथा पढ़कर समझा जा सकता है। सभी भावी उद्यमियों को अवश्य ही यह पुस्तक पढ़नी चाहिए।’’ -विद्या देवी भंडारे, नेपाल की राष्ट्रपति बिनोद चौधरी एशिया के एक प्रमुख उद्योगपति हैं जो अन्तर्राष्ट्रीय पत्रिका फोर्ब्स की 2013 की सूची में सम्मिलित होने वाले एकमात्र नेपाली हैं। उनके द्वारा संचालित ‘चौधरी ग्रुप’ का बैंकिंग, बीमा, वित्त, होटल और रीयल एस्टेट का कारोबार केवल नेपाल में ही नहीं, बल्कि भारत और अन्य देशों में भी दूर-दूर तक फैला हुआ है। उनकी वाई-वाई (Wai Wai) नूडल्स बेहद लोकप्रिय है और अभी तक भारत में इसके एक अरब पैकेट बिक चुके हैं। चुनौतियों का सामना करने से बिनोद चौधरी कभी पीछे न¬हीं हटते और यही कारण है कि वे अपने व्यवसाय को दिन-प्रतिदिन प्रगति और समृद्धि के रास्ते पर ले जा रहे हैं। पढ़िये और आप भी प्रेरित होइये अपने सपनों को साकार करने के लिए।

SPECIFICATION:
- Publisher : Rajpal and Sons
- By: Kamleshwar (Author)
- Binding : Paperback
- Language : Hindi
- Edition :2017
- Pages: 112 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10: 8170283817
- ISBN-13 : 9788170283812
DESCRIPTION:
‘‘यह मेरा पहला उपन्यास है। लिखा सन् 1956 में गया था, यह उसी समय पूरा का पूरा हंस में छपा था। फिर सन् 68-69 या शायद इसके बाद श्री प्रेम कपूर ने इस पर फ़िल्म बनाई ‘बदनाम बस्ती’। मेरे लिए यह उपन्यास उतना ही प्रिय है जितनी प्रिय मेरे लिए मेरी माँ और मेरी जन्मभूमि मैनपुरी। तब यह उपन्यास बदनाम बस्ती के नाम से छपा और लोकप्रिय हुआ। अब तक मेरी ही तरह गर्दिश में चकराता हुआ यह उपन्यास अब अपने मूल नाम से प्रस्तुत है: एक सड़क सत्तावन गलियां’’

SPECIFICATION:
- Publisher : Rajpal and Sons
- By: Parveen Tarana (Author)
- Binding :Paperback
- Language : Hindi
- Edition :2019
- Pages: 112 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10: 9386534940
- ISBN-13: 9789386534941
DESCRIPTION:
स्त्री विमर्श के आम मुहावरों से हटकर जिन युवा लेखिकाओं ने अपने परिवेश का जीवंत चित्रण कर विशेष पहचान बनायी है उनमें तराना परवीन प्रमुख हैं। उनका यह पहला कहानी-संग्रह अपनी विलक्षण निगाह, निजी संवेदना और गहरी पक्षधरता का परिचय देती है। गंभीर सवालों के साथ भाषा का नया मुहावरा इन कहानियों को पठनीय बनाता है जो देर तक पाठक के दिल में रहता है। पिछले पच्चीस वर्षों से अनेक विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों में अंग्रेज़ी का अध्यापन कर चुकीं तराना परवीन की अब तक तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। हंस, मधुमती, इंडिया टुडे साहित्यिक वार्षिकी में प्रकाशित उनकी कहानियाँ विशेष चर्चा का विषय रही हैं। वर्तमान में वे उदयपुर के मीरा गल्र्स कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।

SPECIFICATION:
- Publisher : Rajpal and Sons
- By: Roberto Arlt
- Binding : Paperback
- Language : Hindi
- Edition :2018
- Pages: 192 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10: 9386534568
- ISBN-13 :9789386534569
DESCRIPTION:
रोबेर्तो आर्ल्ट लैटिन अमेरिकन साहित्य में उतना ही प्रतिष्ठित और उल्लेखनीय स्थान रखते हैं जितना कि गेब्रियल गार्सिया मार्केज़ और इसाबेले अल्लेंदे। बहुत से समीक्षक और आलोचक उनके इस पहले उपन्यास द मैड टॉय को उनकी सबसे अच्छी रचना मानते हैं। खासकर इसलिए कि यह आत्मकथात्मक होते हुए भी एक जीवंत सामाजिक-राजनीतिक और दार्शनिक कथानक है। अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनो आयर्स की अराजक पृष्ठभूमि में यह उपन्यास एक किशोर की कहानी बयान करता है जो अमीरों का पैसा लूट कर गरीबों में बाँटने वाला लुटेरा बनने के सपने देखता है। लेकिन असल ज़िन्दगी में गरीबी, सपनों और महत्वाकांक्षाओं की टूटन से जूझते हुए उसकी ज़िन्दगी में चोरी और विश्वासघात रचनात्मकता के रूपक बन जाते हैं। कहानी कभी यथार्थवादी हो जाती है तो कभी जासूसी, रूमानी, आध्यात्मिक और दार्शनिक भी। विश्व साहित्य की दुनिया में बहुत कम ऐसे उपन्यास हुए हैं जो इतने स्तरों पर एक साथ कहानी को कह रहे हों। हथियारों, लूटमार, चोरी के प्रति आकर्षित होते हुए भी अंततः सिल्वियो अपने एक चोर दोस्त से विश्वासघात करता है, जो उसके अपने नज़रिए से नायकत्व के बिलकुल उलट है। लेकिन यही इस उपन्यास की खूबी है, और इसके नायक की भी। इस उपन्यास के स्पेनिश भाषा में कई संस्करण छप चुके हैं, नाट्य रूपांतरण भी हो चुका है और इस पर फ़िल्म भी बन चुकी है।

SPECIFICATION:
- Publisher : Rajpal and Sons
- By: Jaiprakash Bharati
- Binding : Paperback
- Language : Hindi
- Edition :2013
- Pages: 48 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10: 9380300123
- ISBN-13 :9789380300122
DESCRIPTION:
हिन्दी के कहानी लेखकों में मन्नू भंडारी का अग्रणी स्थान है। उनकी कहानियों में नारी-जीवन के उन अन्तरंग अनुभवों को विशेष रूप से अभिव्यक्ति दी गई है जो उनके नितांत अपने हैं और पुरुष कहानीकारों की रचनाओं में प्रायः नहीं मिलते। वैसे मन्नू भंडारी ने अपने अन्य समकालीन समर्थ लेखकों की तरह ही लगभग सभी पहलुओं पर सशक्त कहानियाँ लिखी हैं।

The beautiful wooden figure of Lord Ganesha is given a refine and detail treatment with some sparkling carvings on it. One of the most popular gods in Hinduism, Lord Ganesha is the God of Learning and Wisdom. He is worshipped first among all the gods and he is called Agraganya. Lord Ganesha is also known as the Remover of Obstacles as he removes obstacles on our path following worship.

Specification
- Product Code :2181
- Material :Cotton cloth
- Size : 32" x 22"
Description
The beautiful Batik painting of Lord Ganesha, one of the most revered gods in Hinduism is painted in the traditional Batik style revealing a deep sense of colour and pattern. Batik prints of West Bengal, Orissa and Tamil Nadu are known for their originality, uniqueness and fineness. Batik is the art of creating images on the cotton cloth using wax resist method. Applying the wax resist and systematic cracking are the key to a beautiful art piece. The characteristic batik effect is created by cracking of wax on the lighter hues and seeping in of the darker colors though them. This Lord of Wisdom is also called Ekadanta because he has one broken tusk. It is said that this tusk broke when an elephant had his head cut off. It is also said that his tusk was knocked out by Parasurama. One day Parasurama arrived to see Siva, and Ganesh would not let him pass. When Parasurama tried to get by Ganesh they started fighting and Parasurama broke his tusk. Parvati was about to curse Parasurama, but Brahma stopped her and promised that even though he had only one tusk, that Ganesh would still be worshipped by all men and even the demigods would worship him.

Specification
- Product Code :6445
- Material :Brass
- Size :9"H x 7"W x 3"D
- Weight :3 kg.
Description
SPECIFICATION:
- Publisher : Jaico Publishing House
- By: Munesh Chandra Trivedi (Author)
- Binding : Paperback
- Language : English
- Edition : 2010
- Pages : 404 pages
- Size : : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10 : 8184951175
- ISBN-13 : 978-8184951172
DESCRIPTION:
Acceptance and implementation of e-commerce and e-business technologies has brought about a major transformation in the way business is being carried out by organizations. Today, almost all pioneering and successful organizations have incorporated electronic commerce technologies in their business practices. The continuing convergence of modern updated technologies in telecommunication and computing has helped significantly in getting easy access to information stored on networks through desktop and mobile devices. This book gives an introduction to e-commerce, followed by a detailed, analytical explanation of management issues and concerns affecting e-commerce in various business arenas. Students pursuing MBA will find a veritable resource in this book for any course in E-Business or E-Commerce they are most likely to take. The book will also be suitable for students pursuing MCA and B. Tech. programs for courses on electronic commerce.

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