Indian Poetry Books

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Gandhi Ke Brahmacharya PrayogGandhi Ke Brahmacharya Prayog
Gandhi Ke Brahmacharya Prayog
SPECIFICATION:
  • Publisher :Rajpal and Sons
  • By: Shankar Sharan (Author)
  • Binding : Hardcover
  • Language: Hindi
  • Edition :2013
  • Pages: 156 pages
  • Size : 20 x 14 x 4 cm
  • ISBN-10 : 9350640813
  • ISBN-13: 9789350640814

DESCRIPTION: 

‘‘गाँधी काम-भावना की दुर्दम्य शक्ति से जीवनपर्यंत आक्रान्त रहे। उन्होंने ब्रह्मचर्य व्रत, अर्थात पत्नी के साथ शारीरिक सम्बन्ध का त्याग सन् 1906 में ही ले लिया था। पर वे स्त्री-पुरुष सम्बन्ध के आकर्षण से कभी मुक्त नहीं हो सके। जिसे गाँधीजी ने जीवन के उत्तरार्ध में ‘ब्रह्मचर्य प्रयोग’ कहा, उसके गम्भीर अध्ययन के बाद वह मोह और आकर्षण ही लगता है। स्वयं गाँधीजी ने अपनी आत्मकथा लिखने में तथा उस के बारह वर्ष बाद भी स्वीकार किया है कि वे ‘इन्द्रिय नियन्त्रण’ रखने में कठिनाई महसूस करते हैं। अर्थात् 57 और 69 वर्ष की आयु में भी उनका ब्रह्मचर्य एक सचेत प्रयत्न था, सहजावस्था नहीं। गाँधीजी ने यह छिपाया नहीं, यह उनकी महानता थी। किन्तु उन प्रयोगों में कोई महानता नहीं थी।’’ गाँधीजी के ब्रह्मचर्य के प्रयोग क्या थे? ऐसे प्रयोगों के पीछे गाँधीजी की क्या धारणा थी? कारण क्या थे, ऐसे प्रयोग करने के? और इन प्रयोगों की गाँधीजी के जीवन में क्या अहमियत थी? ऐसे ही कुछ असहज सवालों पर यह पुस्तक प्रकाश डालती है। गंभीर अध्ययन के बाद लिखी यह पुस्तक प्रामाणिक उद्धरणों पर आधारित है और लेखक का कहना है कि ‘‘यह एक प्रयास है ताकि हम प्रत्येक विषय पर पूर्वाग्रहरहित होकर जानकारी प्राप्त करने तथा सोचने-विचारने के प्रति सचेत हों।’’

                          $16
                          Antarrashtriya Antariksh AnveshanAntarrashtriya Antariksh Anveshan
                          Antarrashtriya Antariksh Anveshan
                          SPECIFICATION:
                          • Publisher :Rajpal and Sons
                          • By:  Kali Shankar (Author)
                          • Binding : Hardcover
                          • Language: Hindi
                          • Edition :2011
                          • Pages: 176 pages
                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                          • ISBN-10 : 81702893610
                          • ISBN-13: 9788170289364

                          DESCRIPTION: 

                          अन्तरिक्ष मानव के लिए एक रहस्यमय चुनौती है, जिसे वह समझने और जीतने का निरंतर प्रयास करता रहा है। 1961 में पहली बार मनुष्य अन्तरिक्ष में गया; तब से लेकर अन्तरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में अनेक कीर्तिमान बने हैं। इन सब कीर्तिमानों की जानकारी इस पुस्तक में प्रस्तुत है। सामान्य पाठक, बुद्धिजीवी, विद्यार्थी सभी इस पुस्तक को पढ़कर ज्ञान बढ़ा सकते हैं और अपना मनोरंजन भी कर सकते हैं।

                                                  $16
                                                  MominMomin
                                                  Momin
                                                  SPECIFICATION:
                                                  • Publisher :Rajpal and Sons
                                                  • By: Dharampal Gupta Shalabh (Author)
                                                  • Binding : Paperback
                                                  • Language: Hindi
                                                  • Edition :2020
                                                  • Pages: 112 pages
                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                  • ISBN-10 : 93893733110
                                                  • ISBN-13: 9789389373318

                                                  DESCRIPTION: 

                                                  इस अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक-माला की शुरुआत 1960 के दशक में हुई जब पहली बार नागरी लिपि में उर्दू की चुनी हुई शायरी के संकलन प्रकाशित कर राजपाल एण्ड सन्ज़ ने हिन्दी पाठकों को उर्दू शायरी का लुत्फ़ उठाने का अवसर प्रदान किया। शृंखला की हर पुस्तक में शायर के संपूर्ण लेखन में से बेहतरीन शायरी का चयन है और पाठकों की सुविधा के लिए कठिन शब्दों के अर्थ भी दिये हैं; और साथ ही हर शायर के जीवन और लेखन पर रोचक भूमिका भी है।
                                                  आज तक इस पुस्तक-माला के अनगिनत संस्करण छप चुके हैं। अब इसे एक नई साज-ज्जा में प्रस्तुत किया जा रहा है।

                                                  मोमिन ख़ान मोमिन (1800 - 1851) ग़ालिब, ज़ौक के वक्त के शायर हैं, जो अपनी ग़ज़लों के लिए याद किये जाते हैं और जिनमें फ़ारसी भाषा की ख़ास झलक मिलती है। कहा जाता है कि मोमिन के इस एक शे’र के लिए ग़ालिब उन्हें अपना पूरा दीवान देने के लिए तैयार थे -
                                                  तुम मेरे पास होते हो गोया
                                                  जब कोई दूसरा नहीं होता
                                                  कश्मीरी परिवार में जन्मे, मोमिन पेशे से तो एक हकीम थे और शायद इसीलिए उन्हें हक़ीम ख़ान भी कहा जाता है।

                                                                          $12
                                                                          Aaj Ke Prasiddh Shayar - ShaharyaarAaj Ke Prasiddh Shayar - Shaharyaar
                                                                          Aaj Ke Prasiddh Shayar - Shaharyaar
                                                                          SPECIFICATION:
                                                                          • Publisher :Rajpal and Sons
                                                                          • By: Shaharyaar) (Author)
                                                                          • Binding : Paperback
                                                                          • Language: Hindi
                                                                          • Edition :2017
                                                                          • Pages: 160 pages
                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                          • ISBN-10 : 8170289793
                                                                          • ISBN-13: 9788170289791

                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                          मशहूर उर्दू शायर शहरयार के समूचे कलाम में से उनके क़रीबी दोस्त, प्रसिद्ध साहित्यकार कमलेश्वर द्वारा विशेष रूप से तैयार संकलन, शायर की ज़िन्दगी और उनके लेखन पर रोचक भूमिका सहित चैंकानेवाली आतिशबाज़ी से हटकर, शाइस्तगी से भरी कुछ ऐसी शायरी जो अजाने ही वक्त की पुकार में बदल जाती है।

                                                                                                  $12
                                                                                                  Kavita SadiKavita Sadi
                                                                                                  Kavita Sadi
                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                  • Publisher :Rajpal and Sons
                                                                                                  • By:  Suresh Salil (Author)
                                                                                                  • Binding :Paperback
                                                                                                  • Language: Hindi
                                                                                                  • Edition :2018
                                                                                                  • Pages: 624 pages
                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                  • ISBN-10:: 9386534509
                                                                                                  • ISBN-13: 9789386534507

                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                  "कविता सदी आधुनिक हिन्दी कविता का प्रतिनिधि संचयन है जिसमें आधुनिक हिन्दी के जन्मदाता भारतेन्दु हरिश्चंद्र से समकालीन हिन्दी कविता के अग्रगण्य कवि सम्मिलित हैं। यह चयन एक जिल्द में आधुनिक हिन्दी कविता की सुनहरी तस्वीर है जिसमें पिछले डेढ़ सौ वर्षों के हिन्दी कविता के भिन्न-भिन्न आन्दोलनों, प्रवृत्तियों और शैलियों की झलक मिलती है। यहाँ नवजागरणकालीन कवियों की बानी है तो छायावाद के कोमल स्वर भी, प्रगतिशील कविता के मील पत्थर हैं तो प्रयोगवाद और नयी कविता की विशिष्ट कविताएँ भी। दलित और स्त्री अस्मिताओं के प्रतिनिधि कवियों को यहाँ पढ़ा जा सकता है और समकालीन कविता के शीर्ष कवियों को भी। हिन्दी कविता के इस चयन को तैयार किया है सुपरिचित कवि, लेखक, आलोचक और अनुवादक सुरेश सलिल ने। 19 जून 1942 में जन्मे सुरेश सलिल हिन्दी, उर्दू और अंग्रेज़ी के विद्वान हैं। अब तक उनके छह मौलिक कविता-संग्रह प्रकाशित हैं और अनेक काव्य अनुवाद भी, जिसमें मुख्य है - बीसवीं सदी की विश्व कविता का बृहत् संचयन : रोशनी की खिड़कियाँ । हाल ही में उनके द्वारा सम्पादित कारवाने-ग़ज़ल (आठ सौ वर्षों की ग़ज़लों का सफ़रनामा) को आलोचकों और पाठकों, दोनों ने ही सराहा है।"

                                                                                                                          $30
                                                                                                                          Karvaane GazalKarvaane Gazal
                                                                                                                          Karvaane Gazal
                                                                                                                          SPECIFICATION:
                                                                                                                          • Publisher :Rajpal and Sons
                                                                                                                          • By:  Suresh Salil (Author)
                                                                                                                          • Binding :Paperback
                                                                                                                          • Language: Hindi
                                                                                                                          • Edition :2017
                                                                                                                          • Pages: 352 pages
                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                          • ISBN-10: 9350643995
                                                                                                                          • ISBN-13: 9789350643990

                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                          हर ज़ुबान से सबसे मीठी बातें होती हैं प्यार-मोहब्बत की, और जब ये उर्दू ज़ुबान में कही जायें तो इन्हें ‘ग़ज़ल’ कहा जाता है। ग़ज़ल एक ख़ास किस्म की काव्य-विधा है जिसकी शुरुआत अरबी साहित्य में पायी जाती है। अरबी से जब ग़ज़ल फ़ारसी में आयी तो इसमें सूफ़ीवाद और अध्यात्म भी जुड़ गये; और हिन्दुस्तान की सरज़मीं पर आते-आते ग़ज़ल की ज़ुबान उर्दू हो गयी। हिन्दुस्तान में कहाँ पर ग़ज़ल की शुरुआत हुई, उत्तर भारत या दक्कन में, इस पर विवाद है। शुरुआत कहीं भी हुई हो, लेकिन हिन्दुस्तानियों ने ग़ज़ल को पूरी तरह से अपना बना लिया और इसे देवनागरी में भी लिखा जाने लगा। प्रतीकों और संकेतों के ज़रिये भावपूर्ण अभिव्यक्ति करने वाली ग़ज़ल में प्रेम और श्रृंगार के अलावा दर्शन, सूफ़ीवाद, अध्यात्म, देशभक्ति, नैतिक सिद्धान्त सभी विषयों पर लिखा जाता है। कारवाने ग़ज़ल में हिन्दी के नामी कवि और उर्दू के विशेषज्ञ, सुरेश सलिल, ने अमीर खुसरो से लेकर परवीन शाकिर तक, 173 चुनिंदा शायर और कवि जो अब हमारे बीच नहीं हैं, की ग़ज़लों का इन्द्रधनुषी गुलदस्ता सजाया है। वही उमर का एक पल कोई लाये तड़पती हुई सी ग़ज़ल कोई लाये हक़ीक़त को लाये तख़ैयुल से बाहर मेरी मुश्किलों का जो हल कोई लाये - शमशेर

                                                                                                                                                  $30
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                                                                                                                                                  Havayein Kya Kya Hain
                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                                                                  • Publisher :Rajpal and Sons
                                                                                                                                                  • By:  Suresh Salil (Author)
                                                                                                                                                  • Binding :Paperback
                                                                                                                                                  • Language: Hindi
                                                                                                                                                  • Edition :2020
                                                                                                                                                  • Pages: 128 pages
                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                  • ISBN-10: 93893732810
                                                                                                                                                  • ISBN-13: 9789389373288

                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                  कल कबूतर उड़ाये जाते थे आज गिद्धों से चल रही दुनिया उफ्, कि नीरो बजा रही बांसुरी उफ्, शोलों में जल रही दुनिया कभी दुनिया बदल रहे थे हम आज हमको बदल रही दुनिया ऐसी सटीक ग़ज़लें कहने वाले सुपरिचित कवि, अनुवादक, संपादक और समीक्षक सुरेश सलिल के इस संग्रह में उनकी ग़ज़लें, नज़्में, कत्ए और शे’र शामिल हैं जो उन्होंने पिछले एक दशक में कहे हैं। अभिव्यक्ति के लिए कविता, गीत, ग़ज़ल, नज़्म आदि हिन्दी-उर्दू के सभी काव्य रूपों में वे आवाजाही करते हैं और इनके काव्य सरोकार ग्राम से नगर तक और व्यक्ति-चेतना से सामाजिक-वैचारिक चेतना तक सूत्रबद्ध हैं। सुरेश सलिल द्वारा अनुवादित-संपादित बीसवीं सदी की विश्व कविता का संचयन, रोशनी की खिड़कियाँ, चर्चित है। बर्टोल्ट ब्रेष्ट, पाब्लो नेरूदा, नाज़िम हिकमत आदि दुनिया के अनेक महाकवियों के पुस्तकाकार संचयन भी उन्होंने हिन्दी अनुवाद में प्रस्तुत किये हैं। उनके द्वारा संपादित ग़ज़ल की आठ सौ साल लम्बी यात्रा का प्रतिनिधि संकलन, कारवाने ग़ज़ल, और बीसवीं सदी की हिन्दी कविता का संचयन, कविता सदी, बहुप्रशंसित है। 19 जून 1942 में जन्मे सुरेश सलिल दिल्ली में रहते हैं। इनका संपर्क है: ई-14, सादतपुर, दिल्ली-110090, मोबाइल: 07042481980

                                                                                                                                                                          $15
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                                                                                                                                                                          Diwan-e-Ghalib
                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                          • Publisher :Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                          • By:  Kuldip  Salil (Author)
                                                                                                                                                                          • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                          • Language: English
                                                                                                                                                                          • Edition :2018
                                                                                                                                                                          • Pages: 140 pages
                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 8170286921
                                                                                                                                                                          • ISBN-13: 9788170286929

                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                          With Meer, Ghalib, Iqbal and Faiz, to name only four, the firmament of Urdu poetry is truly star-studded, with Humerous starlets strewn around. Ghalib has not only pride of place among them but his stature is growing with every passing decade. He was ahead of his time, and his contemporaries failed to comprehend him fully. It was when India (and Pakistan) celebrated his first death centenary in 1969 that Ghalib was really rehabilitated and recognized as the great poet that he is. There has been no looking back after that. As with other great poets like Shakespeare, one discovers a new wealth of meaning every time one reads him, and different people find different meaning, suiting their need and situation. In other words, great poets are inexhaustible in their appeal and meaning and do not get dated even when they mirror their times most effectively. Ghalib's writings are not only an authentic account of his own age, his poetry transcends his times and situation and is universal in its appeal.''

                                                                                                                                                                                                  $19
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                                                                                                                                                                                                  • By:  Kuldip  Salil (Author)
                                                                                                                                                                                                  • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                                                  • Language: English
                                                                                                                                                                                                  • Edition :2018
                                                                                                                                                                                                  • Pages: 192 pages
                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 9350643111
                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13: 9789350643112

                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                  Sahir Ludhianvi can be called the poet with a “social conscience” as is evident from his poetry in which social concerns are often the dominant themes. Through his poetry he lamented the decline of morality in society, discrimination against women, futility of war, and attacked the rise of the self-appointed custodians of religion and power-hungry politicians. Born into a Muslim family on March 8, 1921, his real name was Abdul Hayee and Sahir Ludhianvi was his pen name. Sahir's childhood was marked by the separation of his parents and the unfair treatment of his mother. His first work, a collection of poems in Urdu, Talkhiyan, was published in 1945 when he was just 24 years old. He worked as a journalist and editor in Lahore, editing several Urdu magazines. In 1949 he moved to Mumbai, after the Pakistan government issued arrest warrants for him for making inflammatory and communal statements. Mumbai proved to be lucky for him as his poetic genius was discovered by the Hindi film industry. For three decades he wrote lyrics of Hindi film songs, forming successful partnerships with several music directors. His ego often came in the way of his ability to sustain long term professional relationships and he fell out with people over trivial matters. He died of a cardiac arrest on October 25, 1980 in Mumbai. Sahir Ludhianvi was honoured with the Padma Shri in 1971, and on his 92nd birthday a commemorative stamp was issued in his memory. Best of Sahir offers an English translation of Sahir Ludhinavi's selected ghazals and nazms along with their transliterations in Hindi and English.

                                                                                                                                                                                                                          $22
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                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                                                                          • Publisher :Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                                                                          • By:  Kuldip  Salil (Author)
                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                                                                          • Language: English
                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2017
                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 168 pages
                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 8170289602
                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13: 9788170289609

                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                          Meer Taqi Meer, the eighteenth century Udru poet, is called the imam (leader) of Urdu poetry. He was highly regarded by his contemporaries and even the later poets, including Ghalib, acknowledged Meer's poetic genius. Meer belonged to the Delhi school of Urdu ghazals. The greatest strength of his poetry is its simplicity and elegant style. The language he used is not intricate or grand but simple and easily understood. It is this simplicity which makes a deep impact on the readers. Meer also used Persian imagery and idiom in his poetry to enhance its beauty. Though Meer tried his hand at various poetic forms, his fame is mainly due to his ghazals which deal with love, especially unrequited love. He has written some of the best Urdu poems on love. His masnavi Mu'amlat-e-Ishq is counted among the greatest love poems in Urdu literature. His personal life influenced the poetry he wrote and the pathos and melancholy in his poetry are due to the tragedies he suffered throughout his life. Meer wrote poetry in Urdu and Persian. His collection of Urdu poems, Kulliat-e-Meer, has six volumes which have 13,585 couplets. Kulliat-e-Farsi is the collection of his poems in Persian language. Meer also wrote his autobiography in Persian called Zikr-e-Meer. This book offers a selection of the best ghazals of Meer Taqi Meer, translated into English by Kuldip Salil. To help you enjoy the richness and flavor of Urdu Language, the original Urdu ghazals are transliterated and presented both in Roman and Devangari scripts.

                                                                                                                                                                                                                                                  $25
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                                                                                                                                                                                                                                                  Best of Iqbal
                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                                                                                                  • Publisher :Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                                                                                                  • By:  Kuldip  Salil (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                  • Language: English
                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2016
                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 244 pages
                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 81702892210
                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13: 9788170289227

                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                  Mohammad Iqbal was a poet and political philosopher, known both for his poetry and his ideas that were influential in the creation of Pakistan. Mohammad Iqbal was born in Sialkot, Pubjab in 1877. He graduated from Government College, Lahore, with a master's degree in philosophy and then taught there until 1905. During this period his poetry expressed an ardent nationalism, but a marked change came over his views between 1905 and 1908, while studying for his doctorate at Cambridge University, England, as he was deeply influenced by the philosophies of Nietzsche and Bergson and became extremely critical of Western civilization, which he regarded as decadent. Iqbal turned to Islam for inspiration and rejected nationalism as a disease of the West. He argued that Muslims must find their destiny through a pan-Islamic movement that ignored national boundaries. These ideas found expression in his long peoms 'Asrar-e-Khudi' (The Secrets of the Self) in 1915 and 'Rumuz-e-Bekhudi' (The Mysteries of Selflessness) in 1918, which he wrote in Persian and not Urdu. In his last years Iqbal returned to Urdu as his poetic medium. He died in Lahore on April 21, 1938. This book presents a collection of some of the best nazms and ghazals of Iqbal, along with their English translation as well as transliterations in both Hindi and English so that the readers can enjoy the original beauty of Urdu poetry.

                                                                                                                                                                                                                                                                          $25
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                                                                                                                                                                                                                                                                          Best of Faraz
                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:  Kuldip  Salil (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language: English
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2016
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 176 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 81702879110
                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13: 9788170287919

                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

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                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $19
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Best of Faiz
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By:  Kuldip  Salil (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language: English
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2016
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 176 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 81702879110
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13: 9788170287919

                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Fiaz Ahmed Faiz is the most famous contemporary Urdu poet of the twentieth century who appeals both to the common man as well as the elite connoisseurs of poetry. Faiz's ghazals reflect a strong influence of the Persian style and diction, because of which he is often considered the inheritor of the tradition of Ghalib: and at the same time several of them are written in a simple conversational style dealing with the problems of the common man. Faiz was a committed poet who regarded poetry as a vehicle of serious thought rather than just a pleasurable pastime and often used it to champion the cause of socialistic humanism. Born in Sialkot in 1911, Faiz began his career as a lecturer in English but soon turned to journalism where he excelled, rising to the post of editor of The Pakistan Times. In 1951 the Pakistan government sentenced him to four years imprisonment on the charges of complicity in a failed coup attempt known as the Rawalpindi Conspiracy case. While in jail he wrote two of his greatest works, Dasta-e-Saba and Zindan-Nama. During the regime of Zia-ul-Haq he was forced into exile to Beirut. He returned to Pakistan in 1982 and two years later he passed away. This book offers a selection of the best of Faiz's ghazals and nazms along with their English translations as well as transliterations so you can enjoy the beauty and richness of Urdu language as you read the English transliteration while the translation helps you understand the meaning with all its subtle nuances.

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $19
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          A Treasury of Urdu PoetryA Treasury of Urdu Poetry
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          A Treasury of Urdu Poetry
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:  Kuldip  Salil (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language: English
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2018
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 320 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 8170286913
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13: 9788170286912

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          A Treasury of Urdu Poetry is a treasure-house of the best of Urdu poetry from the times of the great classic poet Mir to modern day poets such as Faiz and Faraz. This Treasury contains selected ghazals and nazms of thirty-four eminent Urdu poets. Care has been taken to select only those pieces which meet the twin tests of excellence and popularity. Lovers of Urdu poetry would find this book a dream come true and a handy volume that opens a window on the world of Urdu poetry. "Translation of poetry from one language to the other is extremely difficult, some would say, impossible. The Challenge here is the challenge of being faithful to the original and at the same time retaining its charm and beauty. It is not only the idea of the original that is to be conveyed but its soul, its strength, its poignancy and sweetness, and if possible, its rhythm and resonance should also reach the reader." - Kuldip Salil

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $25
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Neela NeelaNeela Neela
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Neela Neela
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By: Gautam Rajrishi (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding :Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language: Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2020
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 128 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 9389373190
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13:9789389373196

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  गौतम राजऋषि भारतीय सेना में कर्नल हैं। उनकी अभी तक अधिकांश पोस्टिंग कश्मीर के आतंकवाद ग्रस्त इलाकों और बर्फ़ीली ऊँचाइयों पर ‘लाइन आॅफ कंट्रोल’ पर हुई है। उन्होंने दुश्मनों के साथ कई मुठभेड़ों का डटकर सामना किया और एक बार तो गम्भीर रूप से घायल भी हुए। ‘पराक्रम पदक’ और ‘सेना मैडल’ से सम्मानित कर्नल गौतम राजऋषि की राइफ़ल के अचूक निशाने की तरह ही उनकी कलम भी अपना प्रभाव छोड़ती है। एक तरफ़ जहाँ वे अपनी ड्यूटी पर तैनात रहते हैं, वहीं जो भी फ़ुरसत की घड़ियाँ मिलती हैं, उनमें कलम उठा लेते हैं। पिछले कुछ वर्षों में उनकी कहानियाँ हंस, वागर्थ, पाखी आदि पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। चुनौतीपूर्ण फ़ौजी जीवन को उन्होंने करीब से जिया और देखा है। इस बीच कई ऐसी घटनाएँ हुईं और ऐसे पात्र मिले जो यादगार बन गये। इन्हीं अनुभवों और स्मृतियों को लेकर उन्होंने कहानियाँ लिखीं जो इस पुस्तक में सम्मिलित हैं। इन कहानियों में फ़ौजी जीवन की वो झलक मिलती है जो आम नागरिक से बहुत ही अलग है और जिसे पढ़ते पाठक फ़ौजी माहौल में पहुँच जाता है। यह गौतम राजऋषि की दूसरी पुस्तक है। पहली पुस्तक, पाल ले इक रोग नादान, जो उनकी ग़ज़लों का संकलन था, काफी लोकप्रिय और चर्चित रही। उनका संपर्क है gautam_rajrish@yahoo.co.in; mobile no. 9759479500

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $15
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Paanchvi HijratPaanchvi Hijrat
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Paanchvi Hijrat
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By: Humera Rahat (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language: Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2016
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 128 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 9350643987
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13:9789350643983

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          मेरी कम-ओ-बेश चालीस नज्में और कई ग़ज़लें हिन्दी ज़बान का लिबास पहनकर आपके सामने हैं। इन नज्मांे में आपको मैं मिलूँगी। औरत मिलेगी। ये नज्में एक आईना हैं। इनमें आपको समाज का अक्स भी मिलेगा और इश्क़ का धमाल भी। कहीं पर मैंने अपनी तन्हाई को लिखा है और कहीं पर उस शोर को जो मेरे अंदर ही कहीं मौजूद है और मुझे तन्हा नहीं होने देता। ये शायद पाकिस्तानी और हिन्दुस्तानी औरत का मुश्तर्का अल्मीया है कि औरत का कोई घर नहीं होता, वो हमेशा चार रिश्तों की मुहताज रहती है बाप, भाई, शौहर और बेटा। - पुस्तक की भूमिका से हुमैरा राहत पाकिस्तान की जानी-पहचानी लेखिका हैं जिनकी अभी तक शायरी की तीन पुस्तकें छप चुकी हैं। इन्हीं में से उनकी चुनिंदा नज्में और ग़ज़लें इस पुस्तक में शामिल हैं। शायरी के अलावा वे उपन्यास और कहानियां भी लिखती हैं जिसके लिए उन्हें अनेक सम्मानों से नवाज़ा जा चुका है। हुमैरा राहत कराची में रहती हैं और एक स्कूल में पढ़ाती हैं। अपने शौहर इरफान अहमद खान के साथ दक्षिण एशिया में सूफी खयालात, कला, साहित्य, संस्कृति पर एक पत्रिका प्रकाशित करती हैं।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $12
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Kamayani
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Kamayani
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By:  Jaishankar Prasad (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding :Paperback
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 152 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 9350642263
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13: 9789350642269

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  जयशंकर प्रसाद (1889-1937) का महाकाव्य 'कामायनी' आधुनिक हिन्दी साहित्य की सबसे महत्त्वपूर्ण साहित्यिक कृति मानी जाती है। इसमें मानवीय संवेदनाओं, विचारों और कर्म का आदान-प्रदान दर्शाया गया है। यह महाकाव्य एक वैदिक कथानक पर आधारित है जिसमें मनु (एक मनुष्य) प्रलय के बाद अपने को बिलकुल भावनाहीन पाता है। फिर कैसे वह अलग-अलग भावनाओं, विचारों और कर्मों में उलझने लगता है। कई लोगों का मानना है कि 'कामायनी' के अध्यायों का क्रम इस बात का संकेत देता है कि उम्र के साथ मनुष्य के व्यक्तित्व में कैसे परिवर्तन आता है। यह महाकाव्य छायावादी कविता का सबसे अच्छा उदाहरण माना जाता है।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $15
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari - Meer Taqui MeerLokpriya Shayar Aur Unki Shayari - Meer Taqui Meer
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari - Meer Taqui Meer
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By: Prakash Pandit (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2017
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 100 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 9350643138
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13:9789350643136

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          इस अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक-माला की शुरुआत 1960 के दशक में हुई जब पहली बार नागरी लिपि में उर्दू की चुनी हुई शायरी के संकलन प्रकाशित कर राजपाल एंड सन्स ने हिंदी पाठकों को उर्दू शायरी का लुत्फ़ उठाने का अवसर प्रदान किया। इस पुस्तक-माला का संपादन उर्दू के सुप्रसिद्ध संपादक प्रकाश पंडित ने किया था। हर पुस्तक में शायर के संपूर्ण लेखन में से बेहतरीन शायरी का चयन है और पाठकों की सुविधा के लिए कठिन शब्दों के अर्थ भी दिए हैं। प्रकाश पंडित ने हर शायर के जीवन और लेखन पर- जिनमें से कुछ समकालीन शायर उनके परिचित भी थे- रोचक और चुटीली भूमिकाएं लिखी हैं। आज तक इस पुस्तक-माला के अनगिनत संस्करण छप चुके हैं। अब इसे एक नई साज-सज्जा में प्रस्तुत किया जा रहा है जिसमें उर्दू शायरी के जानकार सुरेश सलिल ने हर पुस्तक में अतिरिक्त सामग्री जोड़ी है। प्रसिद्ध शायर मीर तक़ी ‘मीर’ को हुए दो सौ से ज़्यादा साल गुज़र गये पर वे जैसे अपने समय में लोकप्रिय थे, वैसे ही आज भी हैं। इसकी वजह यह है कि उन्होंने अपने दुःख की भावना को इतना प्रबल कर दिया कि बिलकुल सीधे-सादे शब्दों में कही उनकी बात हर ज़माने के लोगों को प्रभावित करने लगी।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $14
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari - Mazruh SultanpuriLokpriya Shayar Aur Unki Shayari - Mazruh Sultanpuri
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari - Mazruh Sultanpuri
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By: Prakash Pandit (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding :Paperback
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2018
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 128 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13:9789350641996

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  इस अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक-माला की शुरुआत 1960 के दशक में हुई जब पहली बार नागरी लिपि में उर्दू की चुनी हुई शायरी के संकलन प्रकाशित कर राजपाल एण्ड सन्ज़ ने हिन्दी पाठकों को उर्दू शायरी का लुत्फ़ उठाने का अवसर प्रदान किया। इस पुस्तक-माला का संपादन उर्दू के सुप्रसिद्ध संपादक प्रकाश पंडित ने किया था। हर पुस्तक में शायर के संपूर्ण लेखन में से बेहतरीन शायरी का चयन है और पाठकों की सुविधा के लिए कठिन शब्दों के अर्थ भी दिए हैं। प्रकाश पंडित ने हर शायर के जीवन और लेखन पर-जिनमें से कुछ समकालीन शायर उनके परिचित भी थे - रोचक और चुटीली भूमिकाएं लिखी हैं। आज तक इस पुस्तक-माला के अनगिनत संस्करण छप चुके हैं। अब इसे एक नई साज-सज्जा में प्रस्तुत किया जा रहा है जिसमें उर्दू शायरी के जानकार सुरेश सलिल ने हर पुस्तक में अतिरिक्त सामग्री जोड़ी है। मजाज़ (1911-1955) अपनी प्रेम और क्रान्ति से भरपूर शायरी के लिए मशहूर हैं। ग़ज़ल और नज़्म उनकी खासियत थी। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के लिए लिखा तराना ‘ये मेरा चमन, ये मेरा चमन, मैं अपने चमन का बुलबुल हूँ’ आज भी लोकप्रिय है। अपनी ज़िन्दगी में उन्होंने जिससे प्यार किया उसे वे पा न सके और इसी दौर में उन्होंने सबसे खूबसूरत और मोहब्बत भरी ग़ज़लें और नज़्में लिखीं। आखिर के दिनों में उनकी मानसिक हालत खराब हो गई और वे बेतहाशा शराब पीने लग गये थे और एक दिन शराब ही उनकी मौत की वजह बनी।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $14
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari - Majaaz
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By: Prakash Pandit (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2018
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 128 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13:9789350643846

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          इस अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक-माला की शुरुआत 1960 के दशक में हुई जब पहली बार नागरी लिपि में उर्दू की चुनी हुई शायरी के संकलन प्रकाशित कर राजपाल एण्ड सन्ज़ ने हिन्दी पाठकों को उर्दू शायरी का लुत्फ़ उठाने का अवसर प्रदान किया। इस पुस्तक-माला का संपादन उर्दू के सुप्रसिद्ध संपादक प्रकाश पंडित ने किया था। हर पुस्तक में शायर के संपूर्ण लेखन में से बेहतरीन शायरी का चयन है और पाठकों की सुविधा के लिए कठिन शब्दों के अर्थ भी दिए हैं। प्रकाश पंडित ने हर शायर के जीवन और लेखन पर-जिनमें से कुछ समकालीन शायर उनके परिचित भी थे - रोचक और चुटीली भूमिकाएं लिखी हैं। आज तक इस पुस्तक-माला के अनगिनत संस्करण छप चुके हैं। अब इसे एक नई साज-सज्जा में प्रस्तुत किया जा रहा है जिसमें उर्दू शायरी के जानकार सुरेश सलिल ने हर पुस्तक में अतिरिक्त सामग्री जोड़ी है। मजाज़ (1911-1955) अपनी प्रेम और क्रान्ति से भरपूर शायरी के लिए मशहूर हैं। ग़ज़ल और नज़्म उनकी खासियत थी। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के लिए लिखा तराना ‘ये मेरा चमन, ये मेरा चमन, मैं अपने चमन का बुलबुल हूँ’ आज भी लोकप्रिय है। अपनी ज़िन्दगी में उन्होंने जिससे प्यार किया उसे वे पा न सके और इसी दौर में उन्होंने सबसे खूबसूरत और मोहब्बत भरी ग़ज़लें और नज़्में लिखीं। आखिर के दिनों में उनकी मानसिक हालत खराब हो गई और वे बेतहाशा शराब पीने लग गये थे और एक दिन शराब ही उनकी मौत की वजह बनी।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $14
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari - Josh Malihabadi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By: Prakash Pandit (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding :Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2017
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 128 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 8170283426
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13:9788170283423

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  इस अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक-माला की शुरुआत 1960 के दशक में हुई जब पहली बार नागरी लिपि में उर्दू की चुनी हुई शायरी के संकलन प्रकाशित कर राजपाल एण्ड सन्ज़ ने हिन्दी पाठकों को उर्दू शायरी का लुत्फ़ उठाने का अवसर प्रदान किया। इस पुस्तक-माला का संपादन उर्दू के सुप्रसिद्ध संपादक प्रकाश पंडित ने किया था। हर पुस्तक में शायर के संपूर्ण लेखन में से बेहतरीन शायरी का चयन है और पाठकों की सुविधा के लिए कठिन शब्दों के अर्थ भी दिए हैं। प्रकाश पंडित ने हर शायर के जीवन और लेखन पर-जिनमें से कुछ समकालीन शायर उनके परिचित भी थे - रोचक और चुटीली भूमिकाएं लिखी हैं। आज तक इस पुस्तक-माला के अनगिनत संस्करण छप चुके हैं। अब इसे एक नई साज-सज्जा में प्रस्तुत किया जा रहा है जिसमें उर्दू शायरी के जानकार सुरेश सलिल ने हर पुस्तक में अतिरिक्त सामग्री जोड़ी है। उर्दू साहित्य में इक़बाल का स्थान रवीन्द्रनाथ टैगोर के समान है। वे जहाँ एक ओर चिंतनपरक और सूफ़ियाना शायरी के लिए मशहूर हैं, वहीं उन्होंने प्रकृति-चित्रण, राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति तथा सर्वधर्म सद्भाव को भी अपनी शायरी का विषय बनाया है। प्रगतिशील शायरी का झंडा सबसे पहले उन्हीं ने उठाया जो बाद में जोश, फ़िराक़, फ़ैज़, साहिर आदि अनेक शायरों में पुष्पित-पल्लवित हुआ।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $12
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari - Jigar MoradabadiLokpriya Shayar Aur Unki Shayari - Jigar Moradabadi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari - Jigar Moradabadi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By: Prakash Pandit (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Paperback
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2018
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 128 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13:9789350643891

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          इस अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक-माला की शुरुआत 1960 के दशक में हुई जब पहली बार नागरी लिपि में उर्दू की चुनी हुई शायरी के संकलन प्रकाशित कर राजपाल एण्ड सन्ज़ ने हिन्दी पाठकों को उर्दू शायरी का लुत्फ़ उठाने का अवसर प्रदान किया। इस पुस्तक-माला का संपादन उर्दू के सुप्रसिद्ध संपादक प्रकाश पंडित ने किया था। हर पुस्तक में शायर के संपूर्ण लेखन में से बेहतरीन शायरी का चयन है और पाठकों की सुविधा के लिए कठिन शब्दों के अर्थ भी दिए हैं। प्रकाश पंडित ने हर शायर के जीवन और लेखन पर-जिनमें से कुछ समकालीन शायर उनके परिचित भी थे - रोचक और चुटीली भूमिकाएं लिखी हैं। आज तक इस पुस्तक-माला के अनगिनत संस्करण छप चुके हैं। अब इसे एक नई साज-सज्जा में प्रस्तुत किया जा रहा है जिसमें उर्दू शायरी के जानकार सुरेश सलिल ने हर पुस्तक में अतिरिक्त सामग्री जोड़ी है। उर्दू साहित्य में इक़बाल का स्थान रवीन्द्रनाथ टैगोर के समान है। वे जहाँ एक ओर चिंतनपरक और सूफ़ियाना शायरी के लिए मशहूर हैं, वहीं उन्होंने प्रकृति-चित्रण, राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति तथा सर्वधर्म सद्भाव को भी अपनी शायरी का विषय बनाया है। प्रगतिशील शायरी का झंडा सबसे पहले उन्हीं ने उठाया जो बाद में जोश, फ़िराक़, फ़ैज़, साहिर आदि अनेक शायरों में पुष्पित-पल्लवित हुआ।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $14
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari - IqbalLokpriya Shayar Aur Unki Shayari - Iqbal
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari - Iqbal
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By: Prakash Pandit (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding :Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2019
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 128 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 9350642425
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13: 9789350642429

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  इस अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक-माला की शुरुआत 1960 के दशक में हुई जब पहली बार नागरी लिपि में उर्दू की चुनी हुई शायरी के संकलन प्रकाशित कर राजपाल एण्ड सन्ज़ ने हिन्दी पाठकों को उर्दू शायरी का लुत्फ़ उठाने का अवसर प्रदान किया। इस पुस्तक-माला का संपादन उर्दू के सुप्रसिद्ध संपादक प्रकाश पंडित ने किया था। हर पुस्तक में शायर के संपूर्ण लेखन में से बेहतरीन शायरी का चयन है और पाठकों की सुविधा के लिए कठिन शब्दों के अर्थ भी दिए हैं। प्रकाश पंडित ने हर शायर के जीवन और लेखन पर-जिनमें से कुछ समकालीन शायर उनके परिचित भी थे - रोचक और चुटीली भूमिकाएं लिखी हैं। आज तक इस पुस्तक-माला के अनगिनत संस्करण छप चुके हैं। अब इसे एक नई साज-सज्जा में प्रस्तुत किया जा रहा है जिसमें उर्दू शायरी के जानकार सुरेश सलिल ने हर पुस्तक में अतिरिक्त सामग्री जोड़ी है। उर्दू साहित्य में इक़बाल का स्थान रवीन्द्रनाथ टैगोर के समान है। वे जहाँ एक ओर चिंतनपरक और सूफ़ियाना शायरी के लिए मशहूर हैं, वहीं उन्होंने प्रकृति-चित्रण, राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति तथा सर्वधर्म सद्भाव को भी अपनी शायरी का विषय बनाया है। प्रगतिशील शायरी का झंडा सबसे पहले उन्हीं ने उठाया जो बाद में जोश, फ़िराक़, फ़ैज़, साहिर आदि अनेक शायरों में पुष्पित-पल्लवित हुआ।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $15
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari - Hafiz Jalandhari
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By: Prakash Pandit (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2012
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 96 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 8170283639
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13: 9788170283638

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          वर्षों पहले नागरी लिपि में उर्दू की चुनी हुई शायरी के संकलन प्रकाशित कर राजपाल एण्ड सन्ज़ ने पुस्तक प्रकाशन की दुनिया में एक नया कदम उठाया था। उर्दू लिपि न जानने वाले लेकिन शायरी को पसंद करने वाले अनगिनत लोगों के लिए यह एक बड़ी नियामत साबित हुआ और सभी ने इससे बहुत लाभ उठाया। ज्यादातर संकलन उर्दू के सुप्रसिद्ध सम्पादक प्रकाश पंडित ने किये हैं। उन्होंने शायर के सम्पूर्ण लेखन से चयन किया है और कठिन शब्दों के अर्थ साथ ही दे दिये हैं। इसी के साथ, शायर के जीवन और कार्य पर-जिनमें से समकालीन उनके परिचित ही थे-बहुत रोचक और चुटीली भूमिकाएं लिखी हैं। ये बोलती तस्वीरें हैं जो सोने में सुहागे का काम करती हैं। उर्दू शायरी में हफ़ीज जालन्धरी का अपना मुकाम है। आजादी से पहले के दौर में वे शायद सबसे अधिक लोकप्रिय शायर थे, जिनकी नज़्में और ग़ज़लें साहित्य-प्रेमियों की जुबान पर चढ़ी हुई थीं। इनकी शायरी की एक विशेषता यह है कि उन्होंने नये और अछूते विषयों पर कलम चलाई और पढ़ने वालों के दिल और दिमाग पर एकदम छा गये। आज भी उनकी शायरी पहले की तरह मकबूल है।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $8

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Recently viewed