Biographies & Autobiographies

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Yaadon Ki BaaraatYaadon Ki Baaraat
Yaadon Ki Baaraat
SPECIFICATION:
  • Publisher : Rajpal and Sons
  • By: Josh Malihabadi (Author)
  • Binding :Paperback
  • Language : Hindi
  • Edition :2019
  • Pages: 160 pages
  • Size : 20 x 14 x 4 cm
  • ISBN-10: 9386534673
  • ISBN-13 :9789386534675

DESCRIPTION: 

साफ़ और सीधी बात कहने वाले, जोश मलीहाबादी ने अपनी आत्मकथा उतनी ही साफ़गोई से बयां की है जितने वे खुद थे। 1898 में अविभाजित भारत में मलीहाबाद के यूनाइटिड प्राविन्स में एक साहित्यिक परिवार में उनका जन्म हुआ और नाम रखा गया, शब्बीर हसन खान। जब उन्होंने शायरी करनी शुरू की तो अपना नाम जोश मलीहाबादी रख लिया। जोशीले तो वे थे ही और सोच भी शुरू से ही सत्ता-विरोधी थी। ‘हुस्न और इंकलाब’ नज़्म के बाद उन्हें ‘शायर-ए-इंकलाब’ कहा जाने लगा। 1925 में उस्मानिया विश्वविद्यालय में जब वे काम करते थे, तो उन्होंने हैदराबाद के निज़ाम के खिलाफ़ एक नज़्म कही जिसके चलते उन्हें हैदराबाद छोड़ना पड़ा और उन्होंने कलीम नामक पत्रिका शुरू की जिसमें अंग्रेज़ों के खिलाफ़ लिखते थे। विभाजन के बाद जोश कुछ समय तक भारत में रहे। 1954 में उन्हें भारत सरकार ने पद्मभूषण से सम्मानित किया। लेकिन उर्दू ज़बान के कट्टर समर्थक जोश मलीहाबादी ने महसूस किया कि भारत में उर्दू ज़बान का पहले जैसा दर्जा नहीं रहेगा और इसलिए 1958 में वे पाकिस्तान जा बसे और आखिर तक वहीं रहे। 1982 में 83 साल की उम्र में उनका निधन हुआ। जोश मलीहाबादी की ज़िन्दगी जितनी विवादग्रस्त थी, उतनी ही उनकी यह आत्मकथा चर्चित रही। आज भी जोश मलीहाबादी का नाम ऊँचे दर्जे के शायरों में शुमार है और उनकी नज़्में और शे’र बहुत लोकप्रिय हैं। यही कारण है कि उनकी आत्मकथा को आज भी पाठक पढ़ना चाहते हैं।

                          $15
                          J. Krishnamurti - Ek JeevaniJ. Krishnamurti - Ek Jeevani
                          J. Krishnamurti - Ek Jeevani
                          SPECIFICATION:
                          • Publisher : Rajpal and Sons
                          • By: Mary Lutyens (Author)
                          • Binding :Hardcover
                          • Language : Hindi
                          • Edition :2013
                          • Pages: 292 pages
                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                          • ISBN-10: 9350640708
                          • ISBN-13 :9789350640708

                          DESCRIPTION: 

                          1986 में 90 वर्ष की आयु में कृष्णमूर्ति की मृत्यु हुई, मेरी लट्यंस द्वारा लिखित उनकी वृहदाकार जीवनी के दो खंड ‘द यिअर्ज़ ऑव अवेकनिंग’ (1975) तथा ‘द यिअर्ज़ ऑव फुलफिलमेंट’ (1983) प्रकाशित हो चुके थे। तीसरा खंड ‘दि ओपन डोर’ 1988 में प्रकाशित हुआ। इन तीनों खंडों को मेरी लट्यंस ने ‘द लाइफ एंड डेथ ऑव जे. कृष्णमूर्ति’ नाम से एक ही पुस्तक में समेटा है। मेरी लट्यंस ही के शब्दों में ‘‘मुझे वह वक्त याद नहीं है, जब मैं कृष्णमूर्ति को नहीं जानती थी।’’ थियो साफी द्वारा उद्घोषित नये मसीहा के रूप में जब युवा कृष्णमूर्ति का पहली बार इंग्लैंड आना हुआ था, तब से उनके अंतिम वर्षों तक के जीवन को मेरी लट्यंस ने एक मित्र के तौर पर देखा है और उनकी समग्र जीवन-यात्रा समझने का जतन किया है। ‘कृष्णमूर्ति कौन या क्या थे?’ इस प्रश्न के उत्तर का अन्वेषण उनके जीवन और उनकी मृत्यु के संदर्भ में इन पृष्ठों में किया गया है। कृष्णमूर्ति के अनुसार, उन्होंने जो कुछ कहा है, वह सभी के लिए समान रूप से प्रासंगिक है। हम स्वयं सत्य को खोज सकें, इसमें आने वाली हर बाधा से हमें मुक्त करना ही उनका उद्देश्य है। कृष्णमूर्ति की शिक्षाओं और उनके जीवन में कहीं कोई फर्क नहीं है-अतएव उनका जीवन भी उनकी शिक्षा ही है; जीवन, जिसकी व्यापकता में मृत्यु भी समाविष्ट है। कृष्णमूर्ति की शिक्षाओं को समझने के लिए उनके जीवन की, उनकी मृत्यु की विशदता को जानना-समझना महत्त्वपूर्ण है। एक निवैयक्तिक व्यक्तित्व की अद्भुत गाथा.

                                                  $30
                                                  J. Krishnamurti - Ek JeevaniJ. Krishnamurti - Ek Jeevani
                                                  J. Krishnamurti - Ek Jeevani
                                                  SPECIFICATION:
                                                  • Publisher : Rajpal and Sons
                                                  • By: Mary Lutyens (Author)
                                                  • Binding :Paperback
                                                  • Language : Hindi
                                                  • Edition :2018
                                                  • Pages: 292 pages
                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                  • ISBN-10: 9350641585
                                                  • ISBN-13 :9789350641583

                                                  DESCRIPTION: 

                                                  1986 में 90 वर्ष की आयु में कृष्णमूर्ति की मृत्यु हुई, मेरी लट्यंस द्वारा लिखित उनकी वृहदाकार जीवनी के दो खंड ‘द यिअर्ज़ ऑव अवेकनिंग’ (1975) तथा ‘द यिअर्ज़ ऑव फुलफिलमेंट’ (1983) प्रकाशित हो चुके थे। तीसरा खंड ‘दि ओपन डोर’ 1988 में प्रकाशित हुआ। इन तीनों खंडों को मेरी लट्यंस ने ‘द लाइफ एंड डेथ ऑव जे. कृष्णमूर्ति’ नाम से एक ही पुस्तक में समेटा है। मेरी लट्यंस ही के शब्दों में ‘‘मुझे वह वक्त याद नहीं है, जब मैं कृष्णमूर्ति को नहीं जानती थी।’’ थियो साफी द्वारा उद्घोषित नये मसीहा के रूप में जब युवा कृष्णमूर्ति का पहली बार इंग्लैंड आना हुआ था, तब से उनके अंतिम वर्षों तक के जीवन को मेरी लट्यंस ने एक मित्र के तौर पर देखा है और उनकी समग्र जीवन-यात्रा समझने का जतन किया है। ‘कृष्णमूर्ति कौन या क्या थे?’ इस प्रश्न के उत्तर का अन्वेषण उनके जीवन और उनकी मृत्यु के संदर्भ में इन पृष्ठों में किया गया है। कृष्णमूर्ति के अनुसार, उन्होंने जो कुछ कहा है, वह सभी के लिए समान रूप से प्रासंगिक है। हम स्वयं सत्य को खोज सकें, इसमें आने वाली हर बाधा से हमें मुक्त करना ही उनका उद्देश्य है। कृष्णमूर्ति की शिक्षाओं और उनके जीवन में कहीं कोई फर्क नहीं है-अतएव उनका जीवन भी उनकी शिक्षा ही है; जीवन, जिसकी व्यापकता में मृत्यु भी समाविष्ट है। कृष्णमूर्ति की शिक्षाओं को समझने के लिए उनके जीवन की, उनकी मृत्यु की विशदता को जानना-समझना महत्त्वपूर्ण है। एक निवैयक्तिक व्यक्तित्व की अद्भुत गाथा.

                                                                          $30
                                                                          Mera Desh NikalaMera Desh Nikala
                                                                          Mera Desh Nikala
                                                                          SPECIFICATION:
                                                                          • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                          • By:  Dalai Lama(Author)
                                                                          • Binding :Paperback
                                                                          • Language : Hindi
                                                                          • Edition :2017
                                                                          • Pages: 272 pages
                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                          • ISBN-10: 81702886910
                                                                          • ISBN-13 :9788170288695

                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                          यह आत्मकथा है शान्ति नोबेल पुरस्कार से सम्मानित परम पावन दलाई लामा की, जिनकी प्रतिष्ठा सारे संसार में है और जिन्हें तिब्बतवासी भगवान के समान पूजते हैं। चीन द्वारा तिब्बत पर आधिपत्य स्थापित किए जाने के बाद 1959 में उन्हें तिब्बत से निष्कासित कर दिया और वे पिछले 51 वर्षों से भारत में निर्वासित के रूप में अपना जीवन ही रहे हैं। 1938 में जब वे केवल दो वर्ष के थे तब उन्हें दलाई लामा के रूप में पहचाना गया। उन्हें घर और माता-पिता से दूर ल्हासा के एक मठ में ले जाया गया जहाँ कठोर अनुशासन और अकेलेपन में उनकी परवरिश हुई। सात वर्ष की छोटी उम्र में उन्हें तिब्बत का सबसे बड़ा धार्मिक नेता घोषित किया गया और जब वे पंद्रह वर्ष के थे उन्हें तिब्बत का सर्वोच्च राजनीतिक पद दिया गया। एक प्रखर चिंतक, विचारक और आज के वैज्ञानिक युग में सत्य और न्याय का पक्ष लेने वाले धर्मगुरु की तरह दलाई लामा को देश-विदेश में सम्मान मिलता है। यह आत्मकथा है देश निकाला पाने वाले एक निर्वासित शांतिमय योद्धा के संघर्ष की जिसके प्रत्येक पृष्ठ पर उनके गंभीर चिंतन की झलक मिलती है और जीवन के लिए प्रेरणाप्रद विचार भी।

                                                                                                  $20
                                                                                                  Mera Desh NikalaMera Desh Nikala
                                                                                                  Mera Desh Nikala
                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                  • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                  • By:  Dalai Lama(Author)
                                                                                                  • Binding :Hardcover
                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                  • Edition :2010
                                                                                                  • Pages: 272 pages
                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                  • ISBN-10: 8170288673
                                                                                                  • ISBN-13 :9788170288671

                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                  यह आत्मकथा है शान्ति नोबेल पुरस्कार से सम्मानित परम पावन दलाई लामा की, जिनकी प्रतिष्ठा सारे संसार में है और जिन्हें तिब्बतवासी भगवान के समान पूजते हैं। चीन द्वारा तिब्बत पर आधिपत्य स्थापित किए जाने के बाद 1959 में उन्हें तिब्बत से निष्कासित कर दिया और वे पिछले 51 वर्षों से भारत में निर्वासित के रूप में अपना जीवन ही रहे हैं। 1938 में जब वे केवल दो वर्ष के थे तब उन्हें दलाई लामा के रूप में पहचाना गया। उन्हें घर और माता-पिता से दूर ल्हासा के एक मठ में ले जाया गया जहाँ कठोर अनुशासन और अकेलेपन में उनकी परवरिश हुई। सात वर्ष की छोटी उम्र में उन्हें तिब्बत का सबसे बड़ा धार्मिक नेता घोषित किया गया और जब वे पंद्रह वर्ष के थे उन्हें तिब्बत का सर्वोच्च राजनीतिक पद दिया गया। एक प्रखर चिंतक, विचारक और आज के वैज्ञानिक युग में सत्य और न्याय का पक्ष लेने वाले धर्मगुरु की तरह दलाई लामा को देश-विदेश में सम्मान मिलता है। यह आत्मकथा है देश निकाला पाने वाले एक निर्वासित शांतिमय योद्धा के संघर्ष की जिसके प्रत्येक पृष्ठ पर उनके गंभीर चिंतन की झलक मिलती है और जीवन के लिए प्रेरणाप्रद विचार भी।

                                                                                                                          $25
                                                                                                                          Meri Priya KahaniyaanMeri Priya Kahaniyaan
                                                                                                                          Meri Priya Kahaniyaan
                                                                                                                          SPECIFICATION:
                                                                                                                          • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                          • By:  Kamleshwar (Author)
                                                                                                                          • Binding : Paperback
                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                          • Edition :2018
                                                                                                                          • Pages: 128 pages
                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                          • ISBN-10: 9350640589
                                                                                                                          • ISBN-13 :9789350640586

                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                          हिन्दी साहित्य के आधुनिक कहानीकारों में कमलेश्वर की कहानियों का ऊँचा स्थान है। कहानी को एक सार्थक और समानतापरक मोड़ देने में इनका बड़ा हाथ रहा है। इस संकलन में कमलेश्वर की अपनी प्रिय कहानियाँ, उनकी कहानी-सम्बन्धी मूल धारणाओं को व्यक्त करने वाली भूमिका के साथ, संकलित हैं।

                                                                                                                                                  $12
                                                                                                                                                  Mehfil
                                                                                                                                                  Mehfil
                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                                                                  • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                  • By:  Kamleshwar (Author)
                                                                                                                                                  • Binding : Hardcover
                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                  • Edition :2003
                                                                                                                                                  • Pages: 106 pages
                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                  • ISBN-10: 8170284538
                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9788170284536

                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                  निर्मला देशपांडे, दिलीप चित्रे, बाबूराव बागुल, वसंत नरहर फेणे मराठी साहित्य के जाने-माने नाम हैं। उनकी और अन्य मराठी लेखकों की चुनी हुई कहानियाँ इस पुस्तक में प्रस्तुत हैं जिनका चुनाव हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार कमलेश्वर ने किया है और साथ ही एक विस्तृत भूमिका भी लिखी है। प्रत्येक भाषा का मिज़ाज अपना ही होता है, औरों से कुछ हटकर। इस संकलन में आप मराठी कहानी का अपना खास तेवर, अपनी खास रवानी पाएंगे। यह पुस्तक हिन्दी के पाठकों को मराठी कहानियों और साहित्य को जानने का अवसर प्रदान करती है।

                                                                                                                                                                          $10
                                                                                                                                                                          Jo Maine JiyaJo Maine Jiya
                                                                                                                                                                          Jo Maine Jiya
                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                          • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                          • By:  Kamleshwar (Author)
                                                                                                                                                                          • Binding : Hardcover
                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                          • Edition :2014
                                                                                                                                                                          • Pages: 224 pages
                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 8170281229
                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9788170281220

                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                          अपनी मौलिक सूझबूझ और नज़रिये को लेकर लगातार चर्चित तथा विवादास्पद रहने वाले कमलेश्वर की बातें रोचक भी है और पाठकों को अपने साथ अतीत व भविष्य में बहा ले जाने का मादूदा भी रखती है। उम्र की एक खास दहलीज पर पैर रखते ही आदमी को अचानक बीते दिन घेरने लगते है, यादों के धुंधले अक्स साफ दिखने लगते है और बेहद याद आने लगते हैँ--वक्त की पिछली गलियों, घोडों, चौराहों पर पीछे छुट गये लोगों और इन यादों के झरोखे से दिखाई देती है एक पूरी दुनिया-हलचलों, दोस्ती-दुश्मनी, आधी शताब्दी के अनेक छोटे- बड़े साहित्यिक कारनामों और इतिहास-प्रसंगों से भरी-पूरी दुनिया। 'जो मैंने जिया' में कमलेश्वर की इसी दुनिया का चित्रण है।

                                                                                                                                                                                                  $15
                                                                                                                                                                                                  Jalti Hui NadiJalti Hui Nadi
                                                                                                                                                                                                  Jalti Hui Nadi
                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                                                  • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                                                  • By:  Kamleshwar (Author)
                                                                                                                                                                                                  • Binding : Hardcover
                                                                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                  • Edition :2016
                                                                                                                                                                                                  • Pages: 206 pages
                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 8170282985
                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9788170282983

                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                  "ग़ज़ल के इतिहास में जाने की ज़रूरत मैं महसूस नहीं करता। साहित्य की हर विधा अपनी बात और उसे कहने के ढब से, संस्कारों से फ़ौरन पहचानी जाती है। ग़ज़ल की तो यह ख़ासियत है। आप उर्दू जानें या न जानें, पर ग़ज़ल को जान भी लेते हैं और समझ भी लेते हैं। जब 13वीं सदी में, आज से सात सौ साल पहले हिन्दी खड़ी बोली के बाबा आदम अमीर खुसरो ने खड़ी बोली हिन्दी की ग़ज़ल लिखी: जब यार देखा नयन भर दिल की गई चिंता उतर, ऐसा नहीं कोई अजब राखे उसे समझाय कर। जब आँख से ओझल भया, तड़पन लगा मेरा जिया, हक्का इलाही क्या किया, आँसू चले भर लाय कर। तू तो हमारा यार है, तुझ पर हमारा प्यार है, तुझे दोस्ती बिसियार है इक शब मिलो तुम आय कर। जाना तलब तेरी करूं दीगर तलब किसकी करूं, तेरी ही चिंता दिल धरूं इक दिन मिलो तुम आय कर। तो ग़ज़ल का इतिहास जानने की ज़रूरत नहीं थी। अमीर खुसरो के सात सौ साल बाद भी बीसवीं सदी के बीतते बरसों में जब दुष्यंत ने ग़ज़ल लिखी : कहाँ तो तय था चिरागाँ हरेक घर के लिए, कहाँ चिराग़ मय्यसर नहीं शहर के लिए। तब भी इतिहास को जानने की ज़रूरत नहीं पड़ी। जो बात कही गयी, वह सीधे लोगों के दिलो-दिमाग़ तक पहुँच गयी। और जब 'अदम' गोंडवी कहते हैं : ग़ज़ल को ले चलो अब गाँव के दिलकश नज़रों में, मुसलसल फ़न का डीएम घुटता है इन अदबी इदारों में। तब भी इस कथन को समझने के लिए इतिहास को तकलीफ़ देने की ज़रूरत नहीं पड़ती। ग़ज़ल एकमात्र ऐसी विधा हजो किसी ख़ास भाषा के बंधन में बँधने से इंकार करती है। इतिहास को ग़ज़ल की ज़रूरत है, ग़ज़ल को इतिहास की नहीं। इसलिए यह संकलन अभी अधूरा है। ग़ज़ल की तूफ़ानी रचनात्मक बाढ़ को संभाल सकना सम्भव नहीं है। शेष-अशेष अगले संकलनों में। - कमलेश्वर "

                                                                                                                                                                                                                          $20
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                                                                                                                                                                                                                          Ankhon Dekha Pakistan
                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                                                                          • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                                                                          • By:  Kamleshwar (Author)
                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Hardcover
                                                                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2014
                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 168 pages
                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 8170286417
                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 : 9788170286417

                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                          पिछले दिनों कमलेश्वर को पाकिस्तान जाने का अवसर मिला लेखकों के सम्मेलन में। वहाँ रहकर, छोटे-बड़े, सभी व्यक्तियों से मिलकर, पाकिस्तानी लेखकों और लेखिकाओं से खुले दिल से बातें करके, वहाँ की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को देख-भाल कर जो अनुभव उन्होंने प्राप्त किए, उन्हें अपने खास अन्दाज़ में लिखा है। पाकिस्तान आज एक कठिन दौर से गुजर रहा है। अनेक विरोधाभासों, विषमताओं और विसंगतियों में लोग जी रहे हैं। जहाँ एक ओर गरीबों की पराकाष्ठा है तो दूसरी ओर अमीरी और जागीरदारी की। एक ओर सरकारी तौर पर शराबबन्दी है तो दूसरी ओर अमीरों के घर-घर में मयखाने खुले हैं। इन्हें पढ़कर आज के पाकिस्तान का सजीव चित्र आपके सामने आएगा। इस पुस्तक का एक विशेष प्रसंग है उन कैदियों के पत्र जो उन्होंने कमलेश्वर को लिखे। जो हिन्दुस्तान और पाकिस्तान के जेलों में कई वर्षों से बन्द हैं।

                                                                                                                                                                                                                                                  $18
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                                                                                                                                                                                                                                                  Wah Ustad
                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                                                                                                  • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                                                                                                  • By:   Praveen Kumar Jha(Author)
                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                  • Language :  Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2020
                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 176 pages
                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 9389373271
                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9789389373271

                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                  ताल गया तो बाल गया सुर गया तो सर गया ऐसी होती है भारतीय शास्त्रीय संगीत के घरानों की परंपरा - जहाँ संगीत के हर एक पहलू पर इतना बारीकी से ध्यान दिया जाता है। वर्षों की कड़ी मेहनत और रियाज़ से ही बन पाता है कोई ऐसा गायक कि जिसे सुनकर श्रोता कह उठते हैं - वाह उस्ताद!! ग्वालियर घराना, आगरा घराना, भिंडी बाज़ार घराना, दिल्ली घराना, पटियाला घराना....ये नाम हैं उत्तर भारत के शास्त्रीय संगीत से जुड़े घरानों के। हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत में घरानों की परंपरा रही है। देश के अलग-अलग प्रांतों से इन घरानों की शुरुआत हुई और उसी जगह के नाम पर रखे गये हैं घरानों के नाम। हर घराने की अपनी खासियत, अपना इतिहास और अपना वंश है। यूँ तो संगीत का आनंद लेने के लिए ज़रूरी नहीं कि संगीत का ज्ञान हो लेकिन अगर थोड़ी बहुत संगीत की जानकारी हो, यह मालूम हो कि गायक और वादक के संगीत का क्या संदर्भ है, तो उसे सुनने में और ही आनंद आता है। इस पुस्तक में अलग-अलग घरानों से संबंधित जानकारी और उससे जुड़े किस्से-कहानियाँ हैं। इनमें से कई किस्से-कहानियाँ लेखक की सुनी-सुनाई हैं तो कई जगह अधिक रोचक बनाने के लिए मौजूदा तथ्यों का नाटकीयकरण किया गया है। लेकिन कुल मिलाकर इन सबसे पाठक की संगीत में रुचि तो बढ़ती है और साथ में आनंद भी। प्रवीण कुमार झा पेशे से चिकित्सक हैं लेकिन साहित्य में उनकी गहरी रुचि है। वे हिन्दी और अंग्रेज़ी, दोनों भाषाओं में लिखते हैं और उनका ब्लॉग बहुत लोकप्रिय है। बिहार में पले-बढ़े प्रवीण कुमार ने पूना, दिल्ली और बंगलूरु में मेडिकल की पढ़ाई की। हाल में प्रकाशित उनकी पुस्तक कुली लाइन्स बहुचर्चित है। वर्तमान में वे नॉर्वे में रहते हैं। इनका संपर्क है: doctorjha@gmail.com

                                                                                                                                                                                                                                                                          $30
                                                                                                                                                                                                                                                                          Umrao Jaan AdaUmrao Jaan Ada
                                                                                                                                                                                                                                                                          Umrao Jaan Ada
                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:    Mirza Hadi Ruswa  (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language :  Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2017
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                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 9386534312
                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9789386534316

                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                          उमराव जान उन्नीसवीं सदी की लखनऊ की तवायफ़ थी जो अपनी खूबसूरती, शोख अदाओं और नाच-गाने के साथ अपनी शायरी के लिए भी मशहूर थी। हर शाम उसका कोठा घुँघरुओं की गूँज, जामों की खनक, शेरो-शायरी की वाहवाही से गुलज़ार हो उठता और खानदानी रईस, जोशीले नवाबज़ादे, नामी गुण्डे, शराबी-कबाबी उसकी रौनक बढ़ाते। उमराव जान अदा पढ़ते पाठक की आँखों के करीब दो सौ साल पहले की लखनवी तहज़ीब की जीती-जागती तस्वीर उभर आती है। लेकिन उमराव जान की चमक शानो-शौकत के पीछे एक छोटी-सी लड़की, अमीरन की दिल को छू लेने वाली दुखभरी कहानी है। कम उम्र में अमीरन का अपहरण कर उसे कोठे पर बेचा जाता है। अमीरन से उमराव जान बनी लड़की का शरीर मजबूरन कोठे पर है, लेकिन उसकी रूह फ़ैजाबाद के अपने घर की तलाश में भटकती रहती है। 1899 में उर्दू में पहली बार उमराव जान अदा प्रकाशित हुई थी। माना जाता है कि लेखक की मुलाकात उमराव जान से एक मुशायरे में हुई और उसने अपनी कहानी बयान की और लेखक ने इसे इस ढंग से लिखा जैसे उमराव जान खुद अपनी दास्तान बयाँ कर रही हो। एक सदी से भी ज़्यादा समय बीत जाने के बाद भी उमराव जान का रोमाँच वैसे ही बरकरार है और लोग आज भी उसके बारे में जानने को बेकरार रहते हैं-चाहे किताब की बाबत हो या फिर फ़िल्म के।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $31
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Scrapbook of a Prime Minister
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Scrapbook of a Prime Minister
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By:  I.K. GUJRAL(Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding : Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language :  English
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2008
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages:134 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 8170287413
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9788170287414

                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                  This is a scrap book. It is a collection of excerpts from some of my jumbled readings of books and journals that came my way at different occasions. I made a habit of keeping a scrap book long ago during my university days, inspired by an enlightened Principal of our college - J W Thomas, who was endowed with a bright mind and unbiased views of education even in the days of British rule. This is not the only reason for my habit of keeping the scrap book. The socio-diplomatic life in the Soviet Union was conducive to my reading a variety of books about the world and keeping notes for reference.' - I K Gujral

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $12
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          100 Prasiddh Bharatiya Khiladi100 Prasiddh Bharatiya Khiladi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          100 Prasiddh Bharatiya Khiladi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:  Chitra Garg (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2013
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 320 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 8170287561
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9788170287568

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          इस पुस्तक में भारत के 100 चुनिंदा खिलाड़ियों का जीवन-चित्र और खेल के क्षेत्र में उनके योगदान का परिचयात्मक वर्णन प्रस्तुत है। हर खिलाड़ी ने जो उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं उनका भी उल्लेख किया गया है। बैडमिंटन से लेकर शतरंज तक और नौका दौड़ से लेकर वेटलिफ्टिंग तक बाइस खेलों में से एक सौ खिलाड़ियों को इसमें सम्मिलित किया गया है। अपने खेल में सफलता और प्रसिद्धि प्राप्त करने के लिए खिलाड़ियों को कितना संघर्ष करना पड़ा और कैसी-कैसी कठिनाइयों से गुज़रकर सफलता के शिखर पर पहुँचे—इन बातों का भी ब्यौरा दिया गया है। यह मात्र एक उपयोगी संदर्भ-ग्रंथ ही नहीं, बल्कि एक प्रेरणात्मक और रोचक पुस्तक भी है। चार उपयोगी परिशिष्ट पुस्तक की उपयोगिता बढ़ाते हैं।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $15
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Satya Ke Prayog
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Satya Ke Prayog
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By: Mohandas K. Gandhi (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2018
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 192 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 8170287286
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9788170287285

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  गांधीजी की 'आत्मकथा' जो अंग्रेज़ी में प्रसिद्ध हुई; उसके असली स्वरूप में तथा उसमें जो 'दक्षिण अफ्रीका का सत्याग्रह का इतिहास' है, इन दोनों के कुल पृष्ठ करीब एक हज़ार होते है। इन दोनों पुस्तकों के कथावस्तु को पहली बार संक्षिप्त करके इकट्ठा करके प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। क्योंकि गांधीजी की शैली ही संक्षिप्त में कहने की है इसलिए यह कार्य सरल नहीं है। एक बात और भी है कि वे सदा जितना उद्देश्यपूर्ण तथा महत्त्व का हो उतना ही कहते हैं। अतः उन्होंने जो भी कुछ लिखा है, उसमें काट-छाँट करने से पहले दो बार सोचना ही पड़ेगा। आधुनिक पाठक गांधीजी की 'आत्मकथा' संक्षिप्त में माँगता है। उसकी इस माँग को मद्देनज़र रखते हुए तथा स्कूलों-काॅलेजों के युवा-विद्यार्थियों के लिए यह संक्षिप्त आवृत्ति तैयार की गयी है। असल ग्रन्थ का स्थान तो यह संक्षिप्त आवृत्ति कभी नहीं ले सकेगी; लेकिन ऐसी आशा रखना अवश्य अपेक्षित है कि यह संक्षेप पाठक में जिज्ञासा अवश्य उत्पन्न करेगा और बाद में अपनी अनुकूलता से जब फुरसत मिलेगी तब वह असली ग्रन्थ का अध्ययन करेगा। इस संक्षेप मंे गांधीजी के जीवन में घटी सभी महत्त्वपूर्ण घटनाओं का समावेश हो ऐसा प्रयास किया गया है, इस में भी उन घटनाओं का कि जिसका आध्यात्मिक महत्त्व है इस कारण उन्होंने पुस्तकें लिखी हैं। गांधीजी के अपने ही शब्दों को चुस्ती से पकड़ रखे है। ऐसी भी कई जगह हैं कि जहाँ संक्षिप्त करते समय शब्दों को बदलने की ज़रूरत मालूम पड़ी है वहाँ बदल भी दिये हैं; लेकिन यहाँ भी एक बात की सावधानी रखी गयी है कि उन्होंने जो अर्थ दर्शाये हैं उसके अर्थ में कोई परिवर्तन ना हो। संक्षिप्त करते समय महादेवभाई देसाई द्वारा तैयार किया गया ग्रन्थ 'माई अर्ली लाईफ' विशेष उपयोगी हुआ था।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $15
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          My Experiments With TruthMy Experiments With Truth
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          My Experiments With Truth
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By: Mohandas K. Gandhi (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language :English
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2018
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 452 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 93506410210
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9789350641026

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $15
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Mahapurushon Ki JhankiyaMahapurushon Ki Jhankiya
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Mahapurushon Ki Jhankiya
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By: Acharya Chatursen (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding :Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2013
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 48 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9788170285519

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $10
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Ek Oonchi Udaan
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By: Binod Chaudhary Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2017
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages:  272 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 9386534339
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9789386534330

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          ‘‘सपनों को साकार कैसे किया जाये-बिनोद चौधरी की आत्मकथा पढ़कर समझा जा सकता है। सभी भावी उद्यमियों को अवश्य ही यह पुस्तक पढ़नी चाहिए।’’ -विद्या देवी भंडारे, नेपाल की राष्ट्रपति बिनोद चौधरी एशिया के एक प्रमुख उद्योगपति हैं जो अन्तर्राष्ट्रीय पत्रिका फोर्ब्स  की 2013 की सूची में सम्मिलित होने वाले एकमात्र नेपाली हैं। उनके द्वारा संचालित ‘चौधरी ग्रुप’ का बैंकिंग, बीमा, वित्त, होटल और रीयल एस्टेट का कारोबार केवल नेपाल में ही नहीं, बल्कि भारत और अन्य देशों में भी दूर-दूर तक फैला हुआ है। उनकी वाई-वाई (Wai Wai) नूडल्स बेहद लोकप्रिय है और अभी तक भारत में  इसके एक अरब पैकेट बिक चुके हैं। चुनौतियों का सामना करने से बिनोद चौधरी कभी पीछे न¬हीं हटते और यही कारण है कि वे अपने व्यवसाय को दिन-प्रतिदिन प्रगति और समृद्धि के रास्ते पर ले जा रहे हैं। पढ़िये और आप भी प्रेरित होइये अपने सपनों को साकार करने के लिए।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $30
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Shri Arvind
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Shri Arvind
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By: Narayan Prasad Bindu (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding : Paperback
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $10
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Meri Aapbeeti
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By: Benazir Bhutto (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Paperback
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2016
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages:  420 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9788170287384

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          ‘‘2007 में पाकिस्तान में एक अनिश्चित भविष्य की तरफ़ लौटते वक्त न सिर्फ़ अपने और अपने देश के बल्कि सारी दुनिया के लिए मौजूद खतरों से मैं अच्छी तरह वाकिफ़ हूँ। हो सकता है कि पाकिस्तान पहुँचते ही मैं गिरफ़्तार कर ली जाऊँ। हो सकता है कि जब मैं हवाई अड्डे पर उतरूँ तो गोलियों की शिकार हो जाऊँ। पहले भी कई बार अल-क़ायदा मुझे मारने की कोशिश कर चुका है। हम यह क्यों सोचें कि वह ऐसा नहीं करेगा? क्योंकि मैं अपने वतन में लोकतांत्रिक चुनावों के लिए लड़ने को लौट रही हूँ और अल-क़ायदा को लोकतांत्रिक चुनावों से नफ़रत है। लेकिन मैं तो वही करूँगी जो मुझे करना है और मैं पाकिस्तान की जनता की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं में साथ देने का अपना वादा पूरा करने का पक्का इरादा रखती हूँ।’’ अप्रैल 2007 में लिखे हुए ये शब्द आखिर 27 दिसम्बर, 2007 को सच्चाई में बदल गए, जब बेनज़ीर भुट्टों की रावलपिंडी में निर्मम हत्या कर दी गई। ‘‘यह एक बहुत बहादुर औरत की आपबीती है जिसने अनेक चुनौतियाँ स्वीकार कीं, जिसके परिवार के अनेक लोग शहीद हुए, जिसने पाकिस्तान की आज़ादी की मशाल जलाए रखी, बावजूद तानाशाही के विरोध के।’’-संडे टाइम्स ‘‘यह आपबीती है एक सख्तजान और योद्धा औरत की जिसने अपने जीवन का पूरा घटनाचक्र साफगोई से और बहुत ही दिलचस्प ढंग से वर्णन किया है।’’-इंडिपेंडेंट। ‘‘निडरता, वीरता और जीवन की नाटकीय घटनाओं की मर्मस्पर्शी आत्मकथा।’’-ईवनिंग स्टैण्डर्ड।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $12
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Meri Aapbeeti
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By: Benazir Bhutto (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding : Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2010
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages:  420 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9788170287377

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  ‘‘2007 में पाकिस्तान में एक अनिश्चित भविष्य की तरफ़ लौटते वक्त न सिर्फ़ अपने और अपने देश के बल्कि सारी दुनिया के लिए मौजूद खतरों से मैं अच्छी तरह वाकिफ़ हूँ। हो सकता है कि पाकिस्तान पहुँचते ही मैं गिरफ़्तार कर ली जाऊँ। हो सकता है कि जब मैं हवाई अड्डे पर उतरूँ तो गोलियों की शिकार हो जाऊँ। पहले भी कई बार अल-क़ायदा मुझे मारने की कोशिश कर चुका है। हम यह क्यों सोचें कि वह ऐसा नहीं करेगा? क्योंकि मैं अपने वतन में लोकतांत्रिक चुनावों के लिए लड़ने को लौट रही हूँ और अल-क़ायदा को लोकतांत्रिक चुनावों से नफ़रत है। लेकिन मैं तो वही करूँगी जो मुझे करना है और मैं पाकिस्तान की जनता की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं में साथ देने का अपना वादा पूरा करने का पक्का इरादा रखती हूँ।’’ अप्रैल 2007 में लिखे हुए ये शब्द आखिर 27 दिसम्बर, 2007 को सच्चाई में बदल गए, जब बेनज़ीर भुट्टों की रावलपिंडी में निर्मम हत्या कर दी गई। ‘‘यह एक बहुत बहादुर औरत की आपबीती है जिसने अनेक चुनौतियाँ स्वीकार कीं, जिसके परिवार के अनेक लोग शहीद हुए, जिसने पाकिस्तान की आज़ादी की मशाल जलाए रखी, बावजूद तानाशाही के विरोध के।’’-संडे टाइम्स ‘‘यह आपबीती है एक सख्तजान और योद्धा औरत की जिसने अपने जीवन का पूरा घटनाचक्र साफगोई से और बहुत ही दिलचस्प ढंग से वर्णन किया है।’’-इंडिपेंडेंट। ‘‘निडरता, वीरता और जीवन की नाटकीय घटनाओं की मर्मस्पर्शी आत्मकथा।’’-ईवनिंग स्टैण्डर्ड।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $15
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Madhya Pradesh Ki Lok Kathayen
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By: Ramesh Bakshi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Paperback
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2010
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages:  48 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10:8170283310
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION:

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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $12
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Malala Hoon Main
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By: Suman Bajpayee
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2015
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages:  104 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION:

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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $12
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Jo Kaha Nahin GayaJo Kaha Nahin Gaya
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Jo Kaha Nahin Gaya
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By: Kusum Ansal
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language :  Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2019
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages:  208 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 9386534843
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9789386534842

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION:

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          "इस पुस्तक पर कुछ सम्मतियाँ: ‘‘मेरे लिए इतना कहना काफी है कि मेरे परिवेश से अलग परिवेश में जीने वाली औरत सोने के जेवर गढ़वाने की जगह शब्दों के मोती जड़ने में व्यस्त है। उस मोती के सच्चे-झूठे होने और साहित्य के मानक पर कसने का काम आने वाला समय करेगा।’’ - नासिरा शर्मा, वरिष्ठ लेखिका ‘‘कुसुम अंसल की आत्मकथा का शीर्षक हिन्दी साहित्य में स्त्री आत्मकथा का प्रवेशद्वार है, इससे पहले हिन्दी में किसी महिला रचनाकार की आत्मकथा नहीं आई थी। इस विधा में लेखन की शुरुआत का श्रेय कुसुम अंसल को है। आत्मकथाकार ने अपने रचनात्मक विस्तार में जिस निजत्व को परार्थ नहीं खोला था अब तक वह अनकहा आत्मकथा द्वारा अनावृत हो रहा है।’’ - डा. दया दीक्षित, वाङ्मय ‘‘जो कहा नहीं गया’ एक विशेष प्रकार की विनम्रता समूची आत्मकथा में सुगंध की तरह बसी हुई है। समूची आत्मकथा में कल्पना का असत्य जैसा कुछ नहीं है यही इसका शुक्लपक्ष है। इसमें लेखिका ने पाठक को अपने सत्य से साक्षात्कार कराने की विनम्र कोशिश तो की है, अपना खुद का निष्कर्ष तय करने की स्वतंत्रता भी दी है।’’ - श्रीराम दवे, कार्यकारी संपादक समावर्तन"

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $19

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