Fiction

Fiction

359 products

Showing 25 - 48 of 359 products
View
Main GumshudaMain Gumshuda
Main Gumshuda
SPECIFICATION:
  • Publisher : Rajpal and Sons
  • By: Patrick Modiano (Author)
  • Binding :Hardcover
  • Language : Hindi
  • Edition :2016
  • Pages: 192 pages
  • Size : 20 x 14 x 4 cm
  • ISBN-10: 9350643405
  • ISBN-13: 9789350643402

DESCRIPTION: 

जाँ दारागान एकान्त-पसन्द लेखक है जो पेरिस के शोरोगुल से दूर शान्ति से अपना जीवन व्यतीत कर रहा है। उसके शान्तमय जीवन में ऐसी उथल-पुथल मच जाती है जब सितम्बर की एक दोपहर को ओतोलीनी नामक एक व्यक्ति का फ़ोन आता है। ओतोलीनी के हाथ आयी है जाँ दारागान की पुरानी नोटबुक, जिसमें एक विशेष व्यक्ति का नाम दर्ज है, जिसके बारे में ओतोलीनी पूछताछ करना चाहता है। लेकिन लाख कोशिश करने पर भी दारागान, ओतोलीनी को उस व्यक्ति के बारे में कुछ बता नहीं पाता लेकिन ओतोलीनी के लिए उस व्यक्ति को ढूँढना बहुत ज़रूरी है। दारागान उस व्यक्ति की तलाश में ओतोलीनी के साथ लग जाता है और वहीं से उसकी ज़िन्दगी में एक अलग मोड़ आता है। इस कहानी की अपनी ही एक रहस्यमय लय और ताल है, पाठक जैसे-जैसे इसे पढ़ता है वह इन पात्रों की ज़िन्दगी में डूबता जाता है। 2014 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित विश्वस्तरीय फ्रांसीसी लेखक, पाट्रिक मोदियानो, की गिनती इक्कीसवीं सदी के महत्त्वपूर्ण लेखकों में की जाती है। अब तक पाट्रिक मोदियानो की तीस से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वे उन गिने-चुने लेखकों में से हैं जिनको आलोचकों और पाठकों, दोनों के बीच समर्थन और लोकप्रियता मिली है। फ्रांस में उन्हें साहित्य में योगदान के लिए 2010 में Prix Mondial Cino Del Duca, पुरस्कार 2012 में Austrian State Prize for European Literature से सम्मानित किया गया। उनकी कृतियाँ विश्व की 30 भाषाओं में अनूदित हो चुकी हैं।

                          $30
                          Main GumshudaMain Gumshuda
                          Main Gumshuda
                          SPECIFICATION:
                          • Publisher : Rajpal and Sons
                          • By: Patrick Modiano (Author)
                          • Binding :Paperback
                          • Language : Hindi
                          • Edition :2016
                          • Pages: 192 pages
                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                          • ISBN-10: 9350643405
                          • ISBN-13: 9789350643402

                          DESCRIPTION: 

                          जाँ दारागान एकान्त-पसन्द लेखक है जो पेरिस के शोरोगुल से दूर शान्ति से अपना जीवन व्यतीत कर रहा है। उसके शान्तमय जीवन में ऐसी उथल-पुथल मच जाती है जब सितम्बर की एक दोपहर को ओतोलीनी नामक एक व्यक्ति का फ़ोन आता है। ओतोलीनी के हाथ आयी है जाँ दारागान की पुरानी नोटबुक, जिसमें एक विशेष व्यक्ति का नाम दर्ज है, जिसके बारे में ओतोलीनी पूछताछ करना चाहता है। लेकिन लाख कोशिश करने पर भी दारागान, ओतोलीनी को उस व्यक्ति के बारे में कुछ बता नहीं पाता लेकिन ओतोलीनी के लिए उस व्यक्ति को ढूँढना बहुत ज़रूरी है। दारागान उस व्यक्ति की तलाश में ओतोलीनी के साथ लग जाता है और वहीं से उसकी ज़िन्दगी में एक अलग मोड़ आता है। इस कहानी की अपनी ही एक रहस्यमय लय और ताल है, पाठक जैसे-जैसे इसे पढ़ता है वह इन पात्रों की ज़िन्दगी में डूबता जाता है। 2014 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित विश्वस्तरीय फ्रांसीसी लेखक, पाट्रिक मोदियानो, की गिनती इक्कीसवीं सदी के महत्त्वपूर्ण लेखकों में की जाती है। अब तक पाट्रिक मोदियानो की तीस से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वे उन गिने-चुने लेखकों में से हैं जिनको आलोचकों और पाठकों, दोनों के बीच समर्थन और लोकप्रियता मिली है। फ्रांस में उन्हें साहित्य में योगदान के लिए 2010 में Prix Mondial Cino Del Duca, पुरस्कार 2012 में Austrian State Prize for European Literature से सम्मानित किया गया। उनकी कृतियाँ विश्व की 30 भाषाओं में अनूदित हो चुकी हैं।

                                                  $19
                                                  Kahin Tum Bhatak Na JaoKahin Tum Bhatak Na Jao
                                                  Kahin Tum Bhatak Na Jao
                                                  SPECIFICATION:
                                                  • Publisher : Rajpal and Sons
                                                  • By: Patrick Modiano (Author)
                                                  • Binding :Hardcover
                                                  • Language : Hindi
                                                  • Edition :2018
                                                  • Pages: 112 pages
                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                  • ISBN-10: 9386534630
                                                  • ISBN-13: 9789386534637

                                                  DESCRIPTION: 

                                                  जाँ दारागान एकान्त-पसन्द लेखक है जो पेरिस के शोरोगुल से दूर शान्ति से अपना जीवन व्यतीत कर रहा है। उसके शान्तमय जीवन में ऐसी उथल-पुथल मच जाती है जब सितम्बर की एक दोपहर को ओतोलीनी नामक एक व्यक्ति का फ़ोन आता है। ओतोलीनी के हाथ आयी है जाँ दारागान की पुरानी नोटबुक, जिसमें एक विशेष व्यक्ति का नाम दर्ज है, जिसके बारे में ओतोलीनी पूछताछ करना चाहता है। लेकिन लाख कोशिश करने पर भी दारागान, ओतोलीनी को उस व्यक्ति के बारे में कुछ बता नहीं पाता लेकिन ओतोलीनी के लिए उस व्यक्ति को ढूँढना बहुत ज़रूरी है। दारागान उस व्यक्ति की तलाश में ओतोलीनी के साथ लग जाता है और वहीं से उसकी ज़िन्दगी में एक अलग मोड़ आता है। इस कहानी की अपनी ही एक रहस्यमय लय और ताल है, पाठक जैसे-जैसे इसे पढ़ता है वह इन पात्रों की ज़िन्दगी में डूबता जाता है। 2014 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित विश्वस्तरीय फ्रांसीसी लेखक, पाट्रिक मोदियानो, की गिनती इक्कीसवीं सदी के महत्त्वपूर्ण लेखकों में की जाती है। अब तक पाट्रिक मोदियानो की तीस से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वे उन गिने-चुने लेखकों में से हैं जिनको आलोचकों और पाठकों, दोनों के बीच समर्थन और लोकप्रियता मिली है। फ्रांस में उन्हें साहित्य में योगदान के लिए 2010 में Prix Mondial Cino Del Duca, पुरस्कार 2012 में Austrian State Prize for European Literature से सम्मानित किया गया। उनकी कृतियाँ विश्व की 30 भाषाओं में अनूदित हो चुकी हैं।

                                                                          $17
                                                                          Kahin Tum Bhatak Na JaoKahin Tum Bhatak Na Jao
                                                                          Kahin Tum Bhatak Na Jao
                                                                          SPECIFICATION:
                                                                          • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                          • By: Patrick Modiano (Author)
                                                                          • Binding :Paperback
                                                                          • Language : Hindi
                                                                          • Edition :2018
                                                                          • Pages: 112 pages
                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                          • ISBN-10: 9386534622
                                                                          • ISBN-13: 9789386534620

                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                          जाँ दारागान एकान्त-पसन्द लेखक है जो पेरिस के शोरोगुल से दूर शान्ति से अपना जीवन व्यतीत कर रहा है। उसके शान्तमय जीवन में ऐसी उथल-पुथल मच जाती है जब सितम्बर की एक दोपहर को ओतोलीनी नामक एक व्यक्ति का फ़ोन आता है। ओतोलीनी के हाथ आयी है जाँ दारागान की पुरानी नोटबुक, जिसमें एक विशेष व्यक्ति का नाम दर्ज है, जिसके बारे में ओतोलीनी पूछताछ करना चाहता है। लेकिन लाख कोशिश करने पर भी दारागान, ओतोलीनी को उस व्यक्ति के बारे में कुछ बता नहीं पाता लेकिन ओतोलीनी के लिए उस व्यक्ति को ढूँढना बहुत ज़रूरी है। दारागान उस व्यक्ति की तलाश में ओतोलीनी के साथ लग जाता है और वहीं से उसकी ज़िन्दगी में एक अलग मोड़ आता है। इस कहानी की अपनी ही एक रहस्यमय लय और ताल है, पाठक जैसे-जैसे इसे पढ़ता है वह इन पात्रों की ज़िन्दगी में डूबता जाता है। 2014 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित विश्वस्तरीय फ्रांसीसी लेखक, पाट्रिक मोदियानो, की गिनती इक्कीसवीं सदी के महत्त्वपूर्ण लेखकों में की जाती है। अब तक पाट्रिक मोदियानो की तीस से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वे उन गिने-चुने लेखकों में से हैं जिनको आलोचकों और पाठकों, दोनों के बीच समर्थन और लोकप्रियता मिली है। फ्रांस में उन्हें साहित्य में योगदान के लिए 2010 में Prix Mondial Cino Del Duca, पुरस्कार 2012 में Austrian State Prize for European Literature से सम्मानित किया गया। उनकी कृतियाँ विश्व की 30 भाषाओं में अनूदित हो चुकी हैं।

                                                                                                  $15
                                                                                                  HoneymoonHoneymoon
                                                                                                  Honeymoon
                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                  • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                  • By: Patrick Modiano (Author)
                                                                                                  • Binding :Hardcover
                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                  • Edition :2017
                                                                                                  • Pages: 152 pages
                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                  • ISBN-10: 9386534185
                                                                                                  • ISBN-13: 9789386534187

                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                  2014 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित विश्वस्तरीय फ्रांसीसी लेखक, पाट्रिक मोदियानो, की गिनती इक्कीसवीं सदी के महत्त्वपूर्ण लेखकों में की जाती है। उनके अधिकांश उपन्यासों में मुख्य पात्र अपने अस्तित्व, बीती हुई यादों, पीछे छूटे लम्हों की खोज में लगे होते हैं। हनीमून में भी मुख्य पात्र, ज़्याँ बी, अपने अतीत की भूली-बिसरी गलियों में, इनग्रीद तेरसेन जिससे वह किसी ज़माने में परिचित था, की गुज़री जि़न्दगी की तलाश में भटकता है। अचानक उसे इनग्रीद की खुदकुशी के बारे में पता चलता है तो वह स्वयं अपनी गुमशुदगी का खेल रचता है और इनग्रीद और उसके पति के वैवाहिक जीवन की पड़ताल में लग जाता है। अब तक पाट्रिक मोदियानो की तीस से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वे उन गिने-चुने लेखकों में से हैं जिनको आलोचकों और पाठकों, दोनों के बीच समर्थन और लोकप्रियता मिली है। फ्रांस में उन्हें साहित्य में योगदान के लिए 2010 में Prix Mondial Cino Del Duca पुरस्कार और 2012 में Austrian State Prize for European Literature पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनकी कृतियाँ विश्व की 30 भाषाओें में अनूदित हो चुकी हैं।

                                                                                                                          $30
                                                                                                                          HoneymoonHoneymoon
                                                                                                                          Honeymoon
                                                                                                                          SPECIFICATION:
                                                                                                                          • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                          • By: Patrick Modiano (Author)
                                                                                                                          • Binding :Paperback
                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                          • Edition :2017
                                                                                                                          • Pages: 152 pages
                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                          • ISBN-10: 9386534177
                                                                                                                          • ISBN-13: 9789386534170

                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                          2014 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित विश्वस्तरीय फ्रांसीसी लेखक, पाट्रिक मोदियानो, की गिनती इक्कीसवीं सदी के महत्त्वपूर्ण लेखकों में की जाती है। उनके अधिकांश उपन्यासों में मुख्य पात्र अपने अस्तित्व, बीती हुई यादों, पीछे छूटे लम्हों की खोज में लगे होते हैं। हनीमून में भी मुख्य पात्र, ज़्याँ बी, अपने अतीत की भूली-बिसरी गलियों में, इनग्रीद तेरसेन जिससे वह किसी ज़माने में परिचित था, की गुज़री जि़न्दगी की तलाश में भटकता है। अचानक उसे इनग्रीद की खुदकुशी के बारे में पता चलता है तो वह स्वयं अपनी गुमशुदगी का खेल रचता है और इनग्रीद और उसके पति के वैवाहिक जीवन की पड़ताल में लग जाता है। अब तक पाट्रिक मोदियानो की तीस से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वे उन गिने-चुने लेखकों में से हैं जिनको आलोचकों और पाठकों, दोनों के बीच समर्थन और लोकप्रियता मिली है। फ्रांस में उन्हें साहित्य में योगदान के लिए 2010 में Prix Mondial Cino Del Duca पुरस्कार और 2012 में Austrian State Prize for European Literature पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनकी कृतियाँ विश्व की 30 भाषाओें में अनूदित हो चुकी हैं।

                                                                                                                                                  $15
                                                                                                                                                  Gumnami Se PareGumnami Se Pare
                                                                                                                                                  Gumnami Se Pare
                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                                                                  • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                  • By: Patrick Modiano (Author)
                                                                                                                                                  • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                  • Edition :2018
                                                                                                                                                  • Pages: 144 pages
                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                  • ISBN-10: 9386534657
                                                                                                                                                  • ISBN-13: 9789386534651

                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                  "इन पर्चियों को मैं ताश के पत्तों की तरह फेंटूँ और उन्हें मेज़ पर फैला दूँ। दरअसल यही तो थी, फ़िलहाल मेरी ज़िन्दगी? सो मेरी सारी हदें, इस वक्त, करीब इन बीस असंगत नाम और पतों तक ही सीमित थीं जिनके बीच मैं, महज एक कड़ी था? और क्यों ये ही सारे नाम थे बजाय किन्हीं और नामों के? क्या साम्यता थी, मुझमें और इन नामों और जगहों में? मैं किसी ख़्वाब में था, जहाँ यह मालूम होता है कि जब खतरा सिर पर मँडराने लग जाय तब हम किसी भी पल जाग सकते हैं। अगर मैं यह तय कर लेता, मैं इस मेज़ को छोड़ कर उठ जाता, तब सब कुछ बर्बाद हो जाता, सब कुछ शून्य में विलीन हो जाता। जो बाकी रह जाता, वह होता सिर्फ़ टीन का एक बक्सा और कागज़ के कुछ टुकड़े, जिन पर घसीटे अक्षरों में, लोगों और जगहों के नाम लिखे हुए थे, जिनके किसी के लिए भी कोई मायने नहीं होते।" 2014 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित विश्वस्तरीय फ्रांसीसी लेखक, पाट्रिक मोदियानो, की गिनती इक्कीसवीं सदी के महत्त्वपूर्ण लेखकों में की जाती है। अब तक पाट्रिक मोदियानो की तीस से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वे उन गिने-चुने लेखकों में से हैं जिनको आलोचकों और पाठकों, दोनों के बीच समर्थन और लोकप्रियता मिली है। फ्रांस में उन्हें साहित्य में योगदान के लिए 2010 में Prix Mondial Cino Del Duca पुरस्कार, 2012 में Austrian State Prize for European Literature से सम्मानित किया गया। उनकी कृतियाँ विश्व की 30 भाषाओं में अनूदित हो चुकी हैं।

                                                                                                                                                                          $20
                                                                                                                                                                          Gumnami Se PareGumnami Se Pare
                                                                                                                                                                          Gumnami Se Pare
                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                          • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                          • By: Patrick Modiano (Author)
                                                                                                                                                                          • Binding :Paperback
                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                          • Edition :2018
                                                                                                                                                                          • Pages: 144 pages
                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 9386534649
                                                                                                                                                                          • ISBN-13: 9789386534644

                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                          "इन पर्चियों को मैं ताश के पत्तों की तरह फेंटूँ और उन्हें मेज़ पर फैला दूँ। दरअसल यही तो थी, फ़िलहाल मेरी ज़िन्दगी? सो मेरी सारी हदें, इस वक्त, करीब इन बीस असंगत नाम और पतों तक ही सीमित थीं जिनके बीच मैं, महज एक कड़ी था? और क्यों ये ही सारे नाम थे बजाय किन्हीं और नामों के? क्या साम्यता थी, मुझमें और इन नामों और जगहों में? मैं किसी ख़्वाब में था, जहाँ यह मालूम होता है कि जब खतरा सिर पर मँडराने लग जाय तब हम किसी भी पल जाग सकते हैं। अगर मैं यह तय कर लेता, मैं इस मेज़ को छोड़ कर उठ जाता, तब सब कुछ बर्बाद हो जाता, सब कुछ शून्य में विलीन हो जाता। जो बाकी रह जाता, वह होता सिर्फ़ टीन का एक बक्सा और कागज़ के कुछ टुकड़े, जिन पर घसीटे अक्षरों में, लोगों और जगहों के नाम लिखे हुए थे, जिनके किसी के लिए भी कोई मायने नहीं होते।" 2014 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित विश्वस्तरीय फ्रांसीसी लेखक, पाट्रिक मोदियानो, की गिनती इक्कीसवीं सदी के महत्त्वपूर्ण लेखकों में की जाती है। अब तक पाट्रिक मोदियानो की तीस से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वे उन गिने-चुने लेखकों में से हैं जिनको आलोचकों और पाठकों, दोनों के बीच समर्थन और लोकप्रियता मिली है। फ्रांस में उन्हें साहित्य में योगदान के लिए 2010 में Prix Mondial Cino Del Duca पुरस्कार, 2012 में Austrian State Prize for European Literature से सम्मानित किया गया। उनकी कृतियाँ विश्व की 30 भाषाओं में अनूदित हो चुकी हैं।

                                                                                                                                                                                                  $19
                                                                                                                                                                                                  PremtirthPremtirth
                                                                                                                                                                                                  Premtirth
                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                                                  • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                                                  • By:  Narendra Modi (Author)
                                                                                                                                                                                                  • Binding :Paperback
                                                                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                  • Edition :2014
                                                                                                                                                                                                  • Pages: 136 pages
                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 9350642360
                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13: 9789350642368

                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                  एक जुझारू राजनेता और गुजरात के सफल मुख्यमन्त्री के रूप में नरेन्द्र मोदी से सभी परिचित हैं। लेकिन बहुत कम लोग यह जानते होंगे कि नरेन्द्र मोदी एक लेखक भी हैं। अपनी युवावस्था में लिखी संवेदना से भरी उनकी ये कहानियाँ प्रेम और अनुराग के अलग-अलग पहलुओं को दर्शाती हैं। नरेन्द्र मोदी का मानना है कि मातृप्रेम की समस्त प्रेम का स्रोत है और उससे बढ़कर कोई सच्चा प्रेम नहीं है। मनुष्य के बीच अलग-अलग प्रेम इसी मातृप्रेम के विभिन्न रूप हैं, चाहे वह प्रेम दो दोस्तों में हो, एक अध्यापक का अपने छात्र के लिए, एक डाक्टर का अपने मरीज़ के लिए या फिर एक पति का अपनी पत्नी के लिए हो। ये कहानियाँ पढ़कर आश्चर्य होता है कि इतने शक्तिशाली राजनीतिक व्यक्तित्व के पीछे इतना कोमल हृदय धड़कता है। ये कहानियाँ नरेन्द्र मोदी के बहुआयामी व्यक्तित्व का एक और पहलू उजागर करती हैं। गुजराती से हिन्दी में इन कहानियों का अनुवाद गुजरात केन्द्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष आलोक गुप्त ने किया है। हर कहानी पर गुजरात के एक विशिष्ट लेखक की समीक्षा है जो इस संग्रह की शोभा बढ़ाती है।

                                                                                                                                                                                                                          $15
                                                                                                                                                                                                                          Abode of LoveAbode of Love
                                                                                                                                                                                                                          Abode of Love
                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                                                                          • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                                                                          • By: Narendra Modi (Author)
                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Paperback
                                                                                                                                                                                                                          • Language : English
                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2018
                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 136 pages
                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 9350642387
                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13: 9789350642382

                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                          Narendra Modi is well known as a charismatic politician and a successful Chief Minister of Gujarat but very few people know that he is also a Writer. Written when Narendra Modi was a youth, the stories in this book reveal a hitherto unknown, sensitive and literary facet of his personality. These stories were written during 1975-1977 when Emergency was imposed in the country. Rashtriya Sevak Sangh, the organization for which Narendra Modi worked, was banned and he had to go underground. Those long periods of forced isolation and living incognito turned out to be a blessing in disguise, as Narendra Modi says, ''Till then the only writing I had done was on the answer sheets during exams. But when I was charged with the responsibility of preparing pamphlets and posters for the mission, perforce, I had to write and gradually writing became a habit. And I discovered the power and might of the humble pen.'' The stories in this book are centered around the theme of love. It is Narendra Modi's belief that a mother's love is the source of all love and the different kinds of love we experience in our life are reflections and shades of a mother's love. Abode of love is the English translation of the stories originally written in Gujarati. A critique of each story by an eminent Gujarati writer enhances the value of this collection.

                                                                                                                                                                                                                                                  $15
                                                                                                                                                                                                                                                  Mujrim HazirMujrim Hazir
                                                                                                                                                                                                                                                  Mujrim Hazir
                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                                                                                                  • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                                                                                                  • By: Bimal Mitra (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2018
                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 736 pages
                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 8170284929
                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13: 9788170284925

                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                  बिमल मित्र सुप्रसिद्ध सफल उपन्यासकार हैं और 'मुजरिम हाजिर' में उनकी औपन्यासिक कला ने यह चरम उत्कर्ष पाया है कि यह उपन्यास सहज़ ही एक महान महाकाव्य की श्रेणी में आ जाता है। बांग्ला के सर्वाधिकार लोकप्रिय उपन्यासकार बिमल मित्र का यह उपन्यास 'आसामी हाजिर' नाम से बंगला में दो वर्ष तक धारावाहिक प्रकाशित होता रहा है। इसके बाद इसका रंगमंच रूपांतर भी कई वर्षों तक लगातार प्रदर्शित होता रहा है। बिमल मित्र ने इसमें चरित्रनायक सदानंद के माध्यम से हमें सामाजिक जीवन के रंध्र-रंध्र मैं फैली दुर्नीति, दुराचार, ग्लानि और अन्याय को आंखों में अंगुली गडाकर दिखाया है। लेकिन उनकी दृष्टि केवल अंधकार की ओर नहीं रही है, उनके 'सक्रिय भलेमानुस' सदानंद ने 'दिव्य प्रेम की पावन जोत' भी हाथ में ले रखी है और इस तरह उपन्यासकार ने प्रखर प्रकाश की ओर भी देखा है। सदानंद की चरित्रगाथा में उन्होंने स्तर-स्तर मे विन्यस्त सामाजिक संकट को अद्भुत कौशल से उभारा है, विश्व स्तर के किसी भी उपन्यासकार के लिए चुनौती है। 'मुजरिम हाजिर' में जिस विशाल जगत की सृष्टि उन्होंने की है, उसकी प्रत्येक घटना, प्रत्येक चरित्र ऐसा विशाल योग्य और हृदयग्राही है कि पाठक इस जगत में अनजाने शामिल हो जाता है- यह जगत उसका ही जगत बन जाता है। प्रस्तुत उपन्यास पर आधारित धारावाहिक टीवी पर भी प्रकाशित हो चुका है।

                                                                                                                                                                                                                                                                          $40
                                                                                                                                                                                                                                                                          ChaturangChaturang
                                                                                                                                                                                                                                                                          Chaturang
                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                                                                                                                          • By: Bimal Mitra (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2017
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 272 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10:8170281415
                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 9788170281412

                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                          किसी लोकप्रिय लेखक के एक से अधिक चुने हुए उपन्यास एकसाथ उपलब्ध होना महत्त्वपूर्ग घटना है। प्रस्तुत पुस्तक में बिमल मित्र के प्याज कल परसों', 'वे दोनों ओर वहां, "गवाह नंबर तीन' तथा 'काजल' उपन्यास, जो सभीपाठको के मन में अपना विशेष स्थान बना चुके है उपलब्ध हैं। ये चारों विभिन्न वातावरण में चार विभिन्न प्रकार की कथाएं कहते हैं।"आज कल परसों' मानव जीवन की नियति को, जो कई बार बहुत नाटकीय रूप धारण कर होती हैं, रेखांकित करती है। 'वे दोनों और वहां दो नारियों और एक पुरूष की कथा है जिससे प्यार सबल है अथवा प्रतिशोध … यह निर्णय करना कठिन हो जाता है। 'गवाह नंबर तीन' मनुष्य के वास्तविक चरित्र के सम्बन्ध में कई विलक्षण सच्चाईयां सामने रखता है। 'काजल' एक विशिष्ट नारों के त्याग की मर्मस्पर्शी कहानी है … दुनिया जिसे कुत्नटा समझती रही, वह वास्तव में अपनी सहेली के भविष्य को सुधारने में लगी देवी है।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $17
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Gobind GathaGobind Gatha
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Gobind Gatha
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By:  Bhagwatisharan Mishra (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2019
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 328 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 8170281660
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9788170281665

                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                  "सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह के आदर्शपूर्ण जीवन और उनकी वीरता, धीरता तथा संघर्ष की लोमहर्षक अमरगाथा उपन्यास के रूप में। गुरु के बहुआयामी व्यक्तित्व का चित्रात्मक विवरण जिसमें औपन्यासिकता और इतिहास की प्रमाणिकता दोनों का मनोहर संगम मिलता है- सम्मोहक और प्रवाहपूर्ण शैली में। यह उपन्यास लेखक की पूर्व कृति 'का के लागू पाँव' की दूसरी तथा अंतिम कड़ी है। यूं दोनों उपन्यास अपने में स्वतंत्र हैं जहाँ। 'का काके लागू पाँव' में उनकी नौ वर्ष तक की आयु की कथा थी, वहीं इसमें उससे आगे की गाथा है, निर्वाण तक की। उपन्यास प्रारंभ से लेकर अंत तक पाठक के मन को अपनी मोहिनी में बांधे रखता है। भगवतीशरण मिश्र की नवीनतम औपन्यासिक कृति।"

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $30
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Dekh Kabira RoyaDekh Kabira Roya
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Dekh Kabira Roya
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:  Bhagwatisharan Mishra (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2015
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 392 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 8170282454
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9788170282457

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          ‘‘अब कभी नहीं पैदा होगा इस धरती पर ऐसा आदमी। ऐसा निर्भीक, ऐसा समतावादी, ऐसा मानवता-प्रेमी, ऐसा राम-भक्त और सबसे ऊपर ऐसा आशु-कवि जिसके मुख से दोहे और साखियां, रमैनी और उलटबांसियां झरने से निकलते जल की तरह झरती थीं-निर्बाध, निद्वन्द्व, अनायास, अप्रयास।’’

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $30
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DaangDaang
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Daang
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By:  Hariram Meena (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding :Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2019
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 160 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 9389373018
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9789389373011

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा के पठारी और बीहड़ क्षेत्र को ‘डांग’ के नाम से जाना जाता है। यहाँ के डाकू अपने को डाकू नहीं, बल्कि बागी कहते हैं। यहाँ आज भी स्त्रियों के खरीद-फरोख़्त होती है, ज़बदस्त जातिगत संघर्ष है, किसानों की हालत दयनीय है और अत्यंत गरीबी और भ्रष्टाचार है। ऐसी विषम परिस्थितियों में थोड़ी सी भी आर्थिक कठिनाई होने पर कई बार आम लोग डाकू बनने पर विवश हो जाते हैं। इन सबका डांग उपन्यास में सशक्त चित्रण है। प्रसिद्ध चंबल नदी के इर्द-गिर्द बसे इस क्षेत्र के बारे में लोग कम ही जानते हैं लेकिन लेखक हरिराम मीणा इस अंचल से गुज़रते हैं और पाठकों के लिए ऐसी कृति रचते हैं जिसमें जीवन के सभी रंगों के साथ माटी की सुगन्ध भी बसी है। आदिवासी जीवन के विशेषज्ञ और धूनी तपे तीर जैसे प्रसिद्ध उपन्यास के लेखक हरिराम मीणा लम्बे अरसे तक राजस्थान पुलिस विभाग में कार्यरत रहे और पुलिस महानिरीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए। अब तक आपकी दस से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं तथा कई पुस्तकें देश के नामी विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल हैं। आपके साहित्य पर सौ से अधिक शोधार्थी एम.फिल. और पीएच.डी. कर चुके हैं। साहित्य में योगदान के लिए आपको ‘डॉ. अम्बेडकर राष्ट्रीय पुरस्कार’, राजस्थान साहित्य अकादमी का सर्वोच्च ‘मीरां पुरस्कार’, केन्द्रीय हिन्दी संस्थान द्वारा ‘महापंडित राहुल सांकृत्यायन सम्मान’, बिड़ला फाउंडेशन के ‘बिहारी पुरस्कार’ तथा ‘विश्व हिन्दी सम्मान’ से विभूषित किया जा चुका है।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $18
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Parvat Se Saagar TakParvat Se Saagar Tak
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Parvat Se Saagar Tak
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By: Shailesh Matiyani (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2000
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 136 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 8170283760
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9788170283768

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          प्रख्यात साहित्यकार शैलेश मटियानी की स्वयं अपने जीवन पर आधारित एक मार्मिक औपन्यासिक रचना - आदि से अंत तक पाठक को बाँधे रखने में समर्थ

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $12
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Toba Tek Singh Aur Anya KahaniyaanToba Tek Singh Aur Anya Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Toba Tek Singh Aur Anya Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By: Saadat Hasan Manto (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding :Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2018
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 152 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 9350641763
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9789350641767

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  अगर आपको मेरी कहानियाँ अश्लील या गंदी लगती हैं, तो जिस समाज में आप रह रहे हैं, वह अश्लील और गंदा है। मेरी कहानियाँ तो केवल सच दर्शाती हैं... अक्सर ऐसा कहते थे मंटो जब उन पर अश्लीलता के इल्ज़ाम लगते। बेबाक सच लिखने वाले मंटो बहुत से ऐसे मुद्दों पर भी लिखते जिन्हें उस समय के समाज में बंद दरवाज़ों के पीछे दबा कर, छुपा कर रखा जाता था। सच सामने लाने के साथ, कहानी कहने की अपनी बेमिसाल अदा और उर्दू ज़बान पर बेजोड़ पकड़ ने सआदत हसन मंटो को कहानी का बेताज बादशाह बना दिया। मात्र 43 सालों की ज़िंदगी में उन्होंने 200 से अधिक कहानियाँ, एक उपन्यास, तीन निबन्ध-संग्रह और अनेक नाटक, रेडियो और फ़िल्म पटकथाएँ लिखीं। फ्रेंच और रूसी लेखकों से प्रभावित, वामपंथी सोच वाले मंटो के लेखन में सच्चाई को ऐसे पेश करने की ताकत है जो लंबे अर्से तक पाठक के दिलोदिमाग पर अपनी पकड़ बनाए रखती है। 2012 में पूरे हिन्दुस्तान में मनाई गई मंटो की जन्म-शताब्दी इस बात का सबूत है कि मंटो आज भी अपने पाठकों और प्रशंसकों के लिए ज़िंदा हैं।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $15
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Toba Tek Singh Aur Anya KahaniyaanToba Tek Singh Aur Anya Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Toba Tek Singh Aur Anya Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By: Saadat Hasan Manto (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2013
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 152 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 9350641534
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9789350641538

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          अगर आपको मेरी कहानियाँ अश्लील या गंदी लगती हैं, तो जिस समाज में आप रह रहे हैं, वह अश्लील और गंदा है। मेरी कहानियाँ तो केवल सच दर्शाती हैं... अक्सर ऐसा कहते थे मंटो जब उन पर अश्लीलता के इल्ज़ाम लगते। बेबाक सच लिखने वाले मंटो बहुत से ऐसे मुद्दों पर भी लिखते जिन्हें उस समय के समाज में बंद दरवाज़ों के पीछे दबा कर, छुपा कर रखा जाता था। सच सामने लाने के साथ, कहानी कहने की अपनी बेमिसाल अदा और उर्दू ज़बान पर बेजोड़ पकड़ ने सआदत हसन मंटो को कहानी का बेताज बादशाह बना दिया। मात्र 43 सालों की ज़िंदगी में उन्होंने 200 से अधिक कहानियाँ, एक उपन्यास, तीन निबन्ध-संग्रह और अनेक नाटक, रेडियो और फ़िल्म पटकथाएँ लिखीं। फ्रेंच और रूसी लेखकों से प्रभावित, वामपंथी सोच वाले मंटो के लेखन में सच्चाई को ऐसे पेश करने की ताकत है जो लंबे अर्से तक पाठक के दिलोदिमाग पर अपनी पकड़ बनाए रखती है। 2012 में पूरे हिन्दुस्तान में मनाई गई मंटो की जन्म-शताब्दी इस बात का सबूत है कि मंटो आज भी अपने पाठकों और प्रशंसकों के लिए ज़िंदा हैं।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $24
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Thanda Gosht Aur Anya KahaniyaanThanda Gosht Aur Anya Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Thanda Gosht Aur Anya Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By: Saadat Hasan Manto (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2016
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 160 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 9350643812
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9789350643815

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  अगर आपको मेरी कहानियाँ अश्लील या गंदी लगती हैं, तो जिस समाज में आप रह रहे हैं, वह अश्लील और गंदा है। मेरी कहानियाँ तो केवल सच दर्शाती हैं... अक्सर ऐसा कहते थे मंटो जब उन पर अश्लीलता के इल्ज़ाम लगते। बेबाक सच लिखने वाले मंटो बहुत से ऐसे मुद्दों पर भी लिखते जिन्हें उस समय के समाज में बंद दरवाज़ों के पीछे दबा कर, छुपा कर रखा जाता था। सच सामने लाने के साथ, कहानी कहने की अपनी बेमिसाल अदा और उर्दू ज़बान पर बेजोड़ पकड़ ने सआदत हसन मंटो को कहानी का बेताज बादशाह बना दिया। मात्र 43 सालों की ज़िंदगी में उन्होंने 200 से अधिक कहानियाँ, एक उपन्यास, तीन निबन्ध-संग्रह और अनेक नाटक, रेडियो और फ़िल्म पटकथाएँ लिखीं। फ्रेंच और रूसी लेखकों से प्रभावित, वामपंथी सोच वाले मंटो के लेखन में सच्चाई को ऐसे पेश करने की ताकत है जो लंबे अर्से तक पाठक के दिलोदिमाग पर अपनी पकड़ बनाए रखती है। 2012 में पूरे हिन्दुस्तान में मनाई गई मंटो की जन्म-शताब्दी इस बात का सबूत है कि मंटो आज भी अपने पाठकों और प्रशंसकों के लिए ज़िंदा हैं।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $22
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Thanda Gosht Aur Anya KahaniyaanThanda Gosht Aur Anya Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Thanda Gosht Aur Anya Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By: Saadat Hasan Manto (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2017
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 160 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 9350643804
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9789350643808

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          अगर आपको मेरी कहानियाँ अश्लील या गंदी लगती हैं, तो जिस समाज में आप रह रहे हैं, वह अश्लील और गंदा है। मेरी कहानियाँ तो केवल सच दर्शाती हैं... अक्सर ऐसा कहते थे मंटो जब उन पर अश्लीलता के इल्ज़ाम लगते। बेबाक सच लिखने वाले मंटो बहुत से ऐसे मुद्दों पर भी लिखते जिन्हें उस समय के समाज में बंद दरवाज़ों के पीछे दबा कर, छुपा कर रखा जाता था। सच सामने लाने के साथ, कहानी कहने की अपनी बेमिसाल अदा और उर्दू ज़बान पर बेजोड़ पकड़ ने सआदत हसन मंटो को कहानी का बेताज बादशाह बना दिया। मात्र 43 सालों की ज़िंदगी में उन्होंने 200 से अधिक कहानियाँ, एक उपन्यास, तीन निबन्ध-संग्रह और अनेक नाटक, रेडियो और फ़िल्म पटकथाएँ लिखीं। फ्रेंच और रूसी लेखकों से प्रभावित, वामपंथी सोच वाले मंटो के लेखन में सच्चाई को ऐसे पेश करने की ताकत है जो लंबे अर्से तक पाठक के दिलोदिमाग पर अपनी पकड़ बनाए रखती है। 2012 में पूरे हिन्दुस्तान में मनाई गई मंटो की जन्म-शताब्दी इस बात का सबूत है कि मंटो आज भी अपने पाठकों और प्रशंसकों के लिए ज़िंदा हैं।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $15
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Syah Hashiye Aur Anya KahaniyaanSyah Hashiye Aur Anya Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Syah Hashiye Aur Anya Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By: Saadat Hasan Manto (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding :Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2017
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 200 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 9386534088
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9789386534088

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  अगर आपको मेरी कहानियाँ अश्लील या गंदी लगती हैं, तो जिस समाज में आप रह रहे हैं, वह अश्लील और गंदा है। मेरी कहानियाँ तो केवल सच दर्शाती हैं... अक्सर ऐसा कहते थे मंटो जब उन पर अश्लीलता के इल्ज़ाम लगते। बेबाक सच लिखने वाले मंटो बहुत से ऐसे मुद्दों पर भी लिखते जिन्हें उस समय के समाज में बंद दरवाज़ों के पीछे दबा कर, छुपा कर रखा जाता था। सच सामने लाने के साथ, कहानी कहने की अपनी बेमिसाल अदा और उर्दू ज़बान पर बेजोड़ पकड़ ने सआदत हसन मंटो को कहानी का बेताज बादशाह बना दिया। मात्र 43 सालों की ज़िंदगी में उन्होंने 200 से अधिक कहानियाँ, एक उपन्यास, तीन निबन्ध-संग्रह और अनेक नाटक, रेडियो और फ़िल्म पटकथाएँ लिखीं। फ्रेंच और रूसी लेखकों से प्रभावित, वामपंथी सोच वाले मंटो के लेखन में सच्चाई को ऐसे पेश करने की ताकत है जो लंबे अर्से तक पाठक के दिलोदिमाग पर अपनी पकड़ बनाए रखती है। 2012 में पूरे हिन्दुस्तान में मनाई गई मंटो की जन्म-शताब्दी इस बात का सबूत है कि मंटो आज भी अपने पाठकों और प्रशंसकों के लिए ज़िंदा हैं।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $15
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Kaali Salwar Aur Anya KahaniyaanKaali Salwar Aur Anya Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Kaali Salwar Aur Anya Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By: Saadat Hasan Manto (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2016
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 160 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 9350643839
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9789350643839

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          अगर आपको मेरी कहानियाँ अश्लील या गंदी लगती हैं, तो जिस समाज में आप रह रहे हैं, वह अश्लील और गंदा है। मेरी कहानियाँ तो केवल सच दर्शाती हैं... अक्सर ऐसा कहते थे मंटो जब उन पर अश्लीलता के इल्ज़ाम लगते। बेबाक सच लिखने वाले मंटो बहुत से ऐसे मुद्दों पर भी लिखते जिन्हें उस समय के समाज में बंद दरवाज़ों के पीछे दबा कर, छुपा कर रखा जाता था। सच सामने लाने के साथ, कहानी कहने की अपनी बेमिसाल अदा और उर्दू ज़बान पर बेजोड़ पकड़ ने सआदत हसन मंटो को कहानी का बेताज बादशाह बना दिया। मात्र 43 सालों की ज़िंदगी में उन्होंने 200 से अधिक कहानियाँ, एक उपन्यास, तीन निबन्ध-संग्रह और अनेक नाटक, रेडियो और फ़िल्म पटकथाएँ लिखीं। फ्रेंच और रूसी लेखकों से प्रभावित, वामपंथी सोच वाले मंटो के लेखन में सच्चाई को ऐसे पेश करने की ताकत है जो लंबे अर्से तक पाठक के दिलोदिमाग पर अपनी पकड़ बनाए रखती है। 2012 में पूरे हिन्दुस्तान में मनाई गई मंटो की जन्म-शताब्दी इस बात का सबूत है कि मंटो आज भी अपने पाठकों और प्रशंसकों के लिए ज़िंदा हैं।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $30
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Kaali Salwar Aur Anya KahaniyaanKaali Salwar Aur Anya Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Kaali Salwar Aur Anya Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By: Saadat Hasan Manto (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding :Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2016
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 160 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10:  9350643820
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9789350643822

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  अगर आपको मेरी कहानियाँ अश्लील या गंदी लगती हैं, तो जिस समाज में आप रह रहे हैं, वह अश्लील और गंदा है। मेरी कहानियाँ तो केवल सच दर्शाती हैं... अक्सर ऐसा कहते थे मंटो जब उन पर अश्लीलता के इल्ज़ाम लगते। बेबाक सच लिखने वाले मंटो बहुत से ऐसे मुद्दों पर भी लिखते जिन्हें उस समय के समाज में बंद दरवाज़ों के पीछे दबा कर, छुपा कर रखा जाता था। सच सामने लाने के साथ, कहानी कहने की अपनी बेमिसाल अदा और उर्दू ज़बान पर बेजोड़ पकड़ ने सआदत हसन मंटो को कहानी का बेताज बादशाह बना दिया। मात्र 43 सालों की ज़िंदगी में उन्होंने 200 से अधिक कहानियाँ, एक उपन्यास, तीन निबन्ध-संग्रह और अनेक नाटक, रेडियो और फ़िल्म पटकथाएँ लिखीं। फ्रेंच और रूसी लेखकों से प्रभावित, वामपंथी सोच वाले मंटो के लेखन में सच्चाई को ऐसे पेश करने की ताकत है जो लंबे अर्से तक पाठक के दिलोदिमाग पर अपनी पकड़ बनाए रखती है। 2012 में पूरे हिन्दुस्तान में मनाई गई मंटो की जन्म-शताब्दी इस बात का सबूत है कि मंटो आज भी अपने पाठकों और प्रशंसकों के लिए ज़िंदा हैं।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $15
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Gurmukh Singh Ki WasiyatGurmukh Singh Ki Wasiyat
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Gurmukh Singh Ki Wasiyat
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By: Saadat Hasan Manto (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2019
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 176 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10:  9386534924
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9789386534927

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          अगर आपको मेरी कहानियाँ अश्लील या गंदी लगती हैं, तो जिस समाज में आप रह रहे हैं, वह अश्लील और गंदा है। मेरी कहानियाँ तो केवल सच दर्शाती हैं... अक्सर ऐसा कहते थे मंटो जब उन पर अश्लीलता के इल्ज़ाम लगते। बेबाक सच लिखने वाले मंटो बहुत से ऐसे मुद्दों पर भी लिखते जिन्हें उस समय के समाज में बंद दरवाज़ों के पीछे दबा कर, छुपा कर रखा जाता था। सच सामने लाने के साथ, कहानी कहने की अपनी बेमिसाल अदा और उर्दू ज़बान पर बेजोड़ पकड़ ने सआदत हसन मंटो को कहानी का बेताज बादशाह बना दिया। मात्र 43 सालों की ज़िंदगी में उन्होंने 200 से अधिक कहानियाँ, एक उपन्यास, तीन निबन्ध-संग्रह और अनेक नाटक, रेडियो और फ़िल्म पटकथाएँ लिखीं। फ्रेंच और रूसी लेखकों से प्रभावित, वामपंथी सोच वाले मंटो के लेखन में सच्चाई को ऐसे पेश करने की ताकत है जो लंबे अर्से तक पाठक के दिलोदिमाग पर अपनी पकड़ बनाए रखती है। 2012 में पूरे हिन्दुस्तान में मनाई गई मंटो की जन्म-शताब्दी इस बात का सबूत है कि मंटो आज भी अपने पाठकों और प्रशंसकों के लिए ज़िंदा हैं।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $15

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Recently viewed