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Lakhima Ki Aankhen
Lakhima Ki Aankhen
SPECIFICATION:
  • Publisher : Rajpal and Sons 
  • By:  Rangey Raghav (Author)
  • Binding :Paperback
  • Language: Hindi
  • Edition :2016
  • Pages: 128 pages
  • Size : 20 x 14 x 4 cm
  • ISBN-10: 8170287545
  • ISBN-13:9788170287544

DESCRIPTION: 

हिन्दी के प्रख्यात साहित्यकार रांगेय राघव ने विशिष्ट कवियों, कलाकारों और चिंतकों के जीवन पर आधारित उपन्यासों की एक श्रृंखला लिखकर साहित्य की एक बड़ी आवश्यकता को पूर्ण किया है। प्रस्तुत उपन्यास महाकवि विद्यापति के जीवन पर आधारित अत्यंत रोचक मौलिक रचना है। विद्यापति का काव्य अपनी मधुरता, लालित्य तथा गेयता के कारण पूर्वोत्तर भारत में बहुत लोकप्रिय हुआ और आज भी लोकप्रिय है। लेखक ने स्वयं मिथिला जाकर कवि के गांव की यात्रा करके गहरे शोध के बाद यह उपन्यास लिखा है। मिथिला के राजकवि, विद्यापति ठाकुर कुछ समय मुसलमानों के बन्दी भी रहे। उन्होंने संस्कृत में भी बहुत कुछ लिखा परंतु अपनी मैथिल भाषा में जो लिखा वह अमर हो गया। आदि से अंत तक अत्यंत रोचक यह उपन्यास उस युग के समाज, राजनीति और धार्मिक जीवन का भी सजीव चित्रण करता है।

                          $15
                          Kab Tak PukaroonKab Tak Pukaroon
                          Kab Tak Pukaroon
                          SPECIFICATION:
                          • Publisher : Rajpal and Sons 
                          • By:  Rangey Raghav (Author)
                          • Binding :Paperback
                          • Language: Hindi
                          • Edition :2017
                          • Pages: 440 pages
                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                          • ISBN-10: 93506403510
                          • ISBN-13:9789350640357

                          DESCRIPTION: 

                          रांगेय राघव हिन्दी के उन प्रतिभाशाली लेखकों में से हैं जिन्होंने साहित्य के विविध अंगों की समृद्धि के लिए अपनी कुशल लेखनी से अनेक महत्त्वपूर्ण ग्रन्थों का सृजन किया। उनकी कविता, कहानी, नाटक, उपन्यास, आलोचना तथा इतिहास आदि विषयक अनेक उपादेय कृतियां इस कथन की साक्षी हैं। मूलतः दाक्षिणात्य होते हुए भी उन्होंने जिस जागरूक प्रतिभा, योग्यता तथा कुशलता से हिन्दी साहित्य के श्री-वर्द्धन में अपना अविस्मरणीय योगदान दिया, वह इतिहास के पन्नों में दर्ज है। ‘कब तक पुकारूं’ उनकी प्रतिभा और लेखन-क्षमता को अभिषिक्त करने वाली जीवंत औपन्यासिक रचना है। इसमें उन्होंने समाज के सर्वथा उपेक्षित उस वर्ग का चित्रण अत्यन्त सरल और रोचक शैली में प्रस्तुत किया है जिसे सभ्य समाज ‘नट’ या ‘करनट’ कहकर पुकारता है। ‘कब तक पुकारूं’ की गणना हिन्दी के कालजयी साहित्य में की जाती है।

                                                  $30
                                                  GharaundaGharaunda
                                                  Gharaunda
                                                  SPECIFICATION:
                                                  • Publisher : Rajpal and Sons 
                                                  • By:  Rangey Raghav (Author)
                                                  • Binding :Hardcover
                                                  • Language: Hindi
                                                  • Edition :2014
                                                  • Pages: 244 pages
                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                  • ISBN-10: 8170282292
                                                  • ISBN-13:9788170282297

                                                  DESCRIPTION: 


                                                                          $18
                                                                          Dharti Mera GharDharti Mera Ghar
                                                                          Dharti Mera Ghar
                                                                          SPECIFICATION:
                                                                          • Publisher : Rajpal and Sons 
                                                                          • By:  Rangey Raghav (Author)
                                                                          • Binding :Hardcover
                                                                          • Language: Hindi
                                                                          • Edition :2013
                                                                          • Pages: 116 pages
                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                          • ISBN-10: 8170288436
                                                                          • ISBN-13:9788170288435

                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                          स्वयं को महाराणा प्रताप का वंशज मानने वाले गाड़िये-लुहारों के जीवन चरित पर आधारित है रांगेय राघव का यह उपन्यास। आज के प्रगतिशील युग में भी गाड़िये-लुहार आधुनिकता से कोसों दूर अपने ही सिद्धांतों, आदर्शों और जीवन मूल्यों पर चलते हैं। कभी घर बनाकर न रहने वाले, खानाबदोशों की तरह जीवन यापन करने वाले और समाज से अलग रहने वाले इन गाड़िये-लुहारों के जीवन के अनछुए और अनदेखे पहलुओं का जैसा सजीव वर्णन इस उपन्यास में हुआ है, वह रांगेय राघव जैसा मानव मनोभावों का चितेरा लेखक ही कर सकता है।

                                                                                                  $14
                                                                                                  Devki Ka BetaDevki Ka Beta
                                                                                                  Devki Ka Beta
                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                  • Publisher : Rajpal and Sons 
                                                                                                  • By:  Rangey Raghav (Author)
                                                                                                  • Binding :Paperback
                                                                                                  • Language: Hindi
                                                                                                  • Edition :2016
                                                                                                  • Pages: 128 pages
                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                  • ISBN-10: 8170287162
                                                                                                  • ISBN-13:9788170287162

                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                  श्रीकृष्ण के जीवन पर आधारित श्रेष्ठ उपन्यास-ऐतिहासिक अध्ययन और यथार्थ सम्मत दृष्टि से महान पुरुषार्थी, योगेश्वर श्रीकृष्ण का सामान्य मनुष्य के रूप में चित्रण-यशस्वी उपन्यासकार रांगेय राघव की कलम से।

                                                                                                                          $12
                                                                                                                          Bharati Ka SapootBharati Ka Sapoot
                                                                                                                          Bharati Ka Sapoot
                                                                                                                          SPECIFICATION:
                                                                                                                          • Publisher : Rajpal and Sons 
                                                                                                                          • By:  Rangey Raghav (Author)
                                                                                                                          • Binding :Paperback
                                                                                                                          • Language: Hindi
                                                                                                                          • Edition :2009
                                                                                                                          • Pages: 128 pages
                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                          • ISBN-10: 8170288355
                                                                                                                          • ISBN-13:9788170288350

                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                          हिन्दी भाषा तथा साहित्य के आरंभिक निर्माता भारतेन्दु हरिश्चंद्र के जीवन पर आधारित श्रेष्ठ उपन्यास - यशस्वी साहित्यकार रांगेय राघव की कलम से

                                                                                                                                                  $12
                                                                                                                                                  Aakhiri AawaazAakhiri Aawaaz
                                                                                                                                                  Aakhiri Aawaaz
                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                                                                  • Publisher : Rajpal and Sons 
                                                                                                                                                  • By:  Rangey Raghav (Author)
                                                                                                                                                  • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                  • Language: Hindi
                                                                                                                                                  • Edition :2015
                                                                                                                                                  • Pages: 348 pages
                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                  • ISBN-10: 8170288002
                                                                                                                                                  • ISBN-13:9788170288008

                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                  ‘आखिरी आवाज़’ हिन्दी के विख्यात साहित्यकार रांगेय राघव का एक उत्कृष्ट उपन्यास है। अपनी अद्भुत कल्पना-शक्ति, असाधारण प्रतिभा के द्वारा उन्होंने एक साधारण से कथानक को इतनी खूबसूरती से वर्णित किया है कि पढ़ते-पढ़ते पाठक रोमांचित हो उठता है। गांव में सरपंच, दरोगा और ऊंची पहुंच वालों की किस तरह तूती बोलती है कि साधारण ग्रामीण अन्याय के विरुद्ध आवाज़ तक नहीं उठा सकता। साथ ही मानवीय उद्वेगों, दंभ और घूसखोरी आदि सामाजिक बुराइयों को भी लेखक ने बड़ी ही सहजता से बेनकाब किया है।

                                                                                                                                                                          $20
                                                                                                                                                                          Upnishadon Ka SandeshUpnishadon Ka Sandesh
                                                                                                                                                                          Upnishadon Ka Sandesh
                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                          • Publisher : Rajpal and Sons 
                                                                                                                                                                          • By:  Sarvapalli Radhakrishnan (Author)
                                                                                                                                                                          • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                          • Language: Hindi
                                                                                                                                                                          • Edition :2019
                                                                                                                                                                          • Pages: 160 pages
                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 9350640341
                                                                                                                                                                          • ISBN-13:9789350640340

                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                          भारतीय दर्शन में उपनिषदों के चिन्तन की गहरी छाप है। उपनिषदें मानव जीवन के सभी आधारभूत विषयों को अपने विचार का विषय बनाती हैं। विश्वविख्यात दार्शनिक डा. राधाकृष्णन ने अपनी पुस्तकों में भारतीय दर्शन के विविध पक्षों का मानक विवेचन प्रस्तुत किया है। इस पुस्तक में उन्होंने सभी प्रमुख अठारह उपनिषदों (ईश, केन, कठ, प्रश्न, मुण्डक, माण्डूक्य, श्वेताश्वतर, कौषीतकी, छान्दोग्य, बृहदारण्यक आदि) के विचारों को बड़े सरल और स्पष्ट ढंग से प्रस्तुत किया है। पढ़ने और मनन करने योग्य अत्यंत उपयोगी ग्रन्थ।

                                                                                                                                                                                                  $15
                                                                                                                                                                                                  Satya Ki Khoj
                                                                                                                                                                                                  Satya Ki Khoj
                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                                                  • Publisher : Rajpal and Sons 
                                                                                                                                                                                                  • By:  Sarvapalli Radhakrishnan (Author)
                                                                                                                                                                                                  • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                                                  • Language: Hindi
                                                                                                                                                                                                  • Edition :2019
                                                                                                                                                                                                  • Pages: 160 pages
                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 8170289815
                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13:9788170289814

                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                  डा. राधाकृष्णन ने इस रचना में शाश्वत सत्य की खोज-परख की है। अंततः सत्य है क्या? प्रचलित मान्यताओं को विवेक और तर्क की कसौटी पर कसते हुए प्राचीन उपनिषदों से लेकर आधुनिक दार्शनिकों तक के विचारों का सुगम शैली में मूल्यांकन किया है।

                                                                                                                                                                                                                          $15
                                                                                                                                                                                                                          Prerna PurushPrerna Purush
                                                                                                                                                                                                                          Prerna Purush
                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                          • By:  Sarvapalli Radhakrishnan (Author)
                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                                                                          • Language: Hindi
                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2019
                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 80 pages
                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 81702898410
                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13:9788170289845

                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                          प्रस्तुत पुस्तक में हमारे देश के महान् दार्शनिक और चिन्तक डॉ. एस. राधाकृष्णन ने कुछ महान् भारतीय पुरुषों की जीवनियों पर अपनी प्रवाहपूर्ण, रोचक और विचारोत्तेजक शैली में प्रकाश डाला है। सच्चे अर्थों में महान् वे होते हैं जो अपनी आत्मा के आदेशों के अनुसार चलते हैं और चाहे कोई भी कीमत चुकानी पड़े, समझौता नहीं करते। ऐसे महान् लोग केवल अपने लिए नहीं पूरी मानवता के लिए जीते हैं और सभी के लिए प्रेरणा की ज्योति बन जाते हैं। ये प्रेरणापूर्ण रेखाचित्र हमारे ज्ञान के क्षितिज को भी विस्तृत करते हैं और जीवन को एक नया अर्थ और प्रेरणा भी देते हैं।

                                                                                                                                                                                                                                                  $10
                                                                                                                                                                                                                                                  Gautam Buddha - Jeevan Aur DarshanGautam Buddha - Jeevan Aur Darshan
                                                                                                                                                                                                                                                  Gautam Buddha - Jeevan Aur Darshan
                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                  • By:  Sarvapalli Radhakrishnan (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                  • Language: Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2018
                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 56 pages
                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 8170282713
                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13:9788170282716

                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                  गौतम बुद्ध और उनके धर्म-दर्शन का संसार में बहुत ऊँचा स्थान रहा है और यही दुनिया का एकमात्र धर्म है जो शांतिपूर्वक अपने समय के अधिकांश देशों तथा सभ्यताओं में फैला। आज भी उसके मानने वाले बहुत बड़ी संख्या में हैं। प्रस्तुत पुस्तक में भारतीय दर्शन के अग्रणी व्याख्याता डॉ. राधाकृष्णन ने गौतम बुद्ध के अनुकरणीय जीवन तथा महान सिद्धांतों पर अत्यंत सरल भाषा-शैली में प्रकाश डाला है। संक्षिप्त होते हुए भी यह पुस्तक उनके जीवन तथा दर्शन के सभी पक्षों पर गहरा प्रकाश डालती है।

                                                                                                                                                                                                                                                                          $12
                                                                                                                                                                                                                                                                          Bharatiya Sanskriti: Kuchh VichaarBharatiya Sanskriti: Kuchh Vichaar
                                                                                                                                                                                                                                                                          Bharatiya Sanskriti: Kuchh Vichaar
                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:  Sarvapalli Radhakrishnan (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language: Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2019
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 104 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 9350640775
                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13:9789350640777

                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                          डा. राधाकृष्णन एक महान दार्शनिक और विचारक थे। भारतीय संस्कृति के वे मूर्धन्य व्याख्याता तथा उसके समर्थक थे। भारतीय संस्कृति का वास्तविक स्वरूप उन्होंने विश्व के सामने प्रस्तुत करने का प्रयत्न किया। भारतीय संस्कृति की प्रमुख विशेषता यह है कि वह मानव के उद्बोधन का मार्ग प्रशस्त करती है। भारतीय संस्कृति धर्म को जीवन से अलग करने की बात नहीं मानती, अपितु वह मानती है कि धर्म ही जीवन की ओर ले जाने वाला मार्ग है और उसे बताती है कि उससे किसी को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं-क्योंकि मानव जिन विचारों से भयभीत होता है, वे तो स्वयं उसके अन्तर में छिपे हुए हैं। मानव को उन्हीं पर विजय प्राप्त करनी है। भारतीय संस्कृति यह भी नहीं कहती कि मानव की महत्ता कभी न गिरने में है, वरन् मानव की महत्ता इस बात में है कि वह गिरने पर भी उठकर खड़ा होने में समर्थ है। उसकी महानता इस बात से आंकी जाती है कि वह अपनी दुर्बलताओं पर प्रभुत्व पाने में कहाँ तक समर्थ है।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $12
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Bharatiya Darshan-II
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By:  Sarvapalli Radhakrishnan (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language: Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2018
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 696 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 8170281881
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13:9788170281887

                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                  महान् भारतीय दार्शनिक और पूर्व राष्ट्रपति डा. राधाकृष्णन ने भारतीय दर्शन की तर्क और विज्ञान के आधार पर व्याख्या की और उसे पूरी दुनिया तक पहुँचाया। उनका विश्वविख्यात ग्रंथ इंडियन फिलासफी वर्षों तक आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रम के रूप में पढ़ाया जाता रहा। प्रस्तुत ग्रंथ इंडियन फिलासफी का प्रामाणिक हिन्दी अनुवाद है। वैदिक काल से लेकर आज तक भारतीय दर्शन ने जो पड़ाव पार किए हैं, इस ग्रंथ में उन सभी का क्रमिक विवेचन किया गया है। इसकी विशेषता यह है कि भारतीय दर्शन के विभिन्न सिद्धांतों की तुलना इसमें दुनिया के विभिन्न मतों और दर्शनों से की गई है। विषय के अत्यंत गूढ़ और गहन होने के बावजूद प्रस्तुत ग्रंथ की भाषा सहज और सरल है।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $28
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Bharatiya Darshan-I
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Bharatiya Darshan-I
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:  Sarvapalli Radhakrishnan (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language: Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2017
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 600 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13:9788170281870

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          महान् भारतीय दार्शनिक और पूर्व राष्ट्रपति डा. राधाकृष्णन ने भारतीय दर्शन की तर्क और विज्ञान के आधार पर व्याख्या की और उसे पूरी दुनिया तक पहुँचाया। उनका विश्वविख्यात ग्रंथ इंडियन फिलासफी वर्षों तक आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रम के रूप में पढ़ाया जाता रहा। प्रस्तुत ग्रंथ इंडियन फिलासफी का प्रामाणिक हिन्दी अनुवाद है। वैदिक काल से लेकर आज तक भारतीय दर्शन ने जो पड़ाव पार किए हैं, इस ग्रंथ में उन सभी का क्रमिक विवेचन किया गया है। इसकी विशेषता यह है कि भारतीय दर्शन के विभिन्न सिद्धांतों की तुलना इसमें दुनिया के विभिन्न मतों और दर्शनों से की गई है। विषय के अत्यंत गूढ़ और गहन होने के बावजूद प्रस्तुत ग्रंथ की भाषा सहज और सरल है।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $30
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Bangla Ki Shreshth KahaniyaanBangla Ki Shreshth Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Bangla Ki Shreshth Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By:  Radheyshyam Purohit (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language: Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2010
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 136 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 8190801805
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13:9788190801805

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  बंगला साहित्य में कहानीकारों की एक विस्तृत परंपरा रहीं है। छोटी-छोटी कहानियों की रचना में बंगाल के कथा- साहित्यकारों ने जैसा चमत्कार दिखाया है, वह अन्यत्र दुर्लभ है। रवीन्द्रनाथ टैगोर व शरतचंद्र चट्टोपाध्याय सरीखे लेखकों की कहानियाँ तो विश्व-भर में पढ़ी और सराही जाती रही हैं। इस पुस्तक में ऐसे ही विश्वप्रसिद्ध बंगला लेखको की श्रेष्ठ कहानियों को संकलित किया गया है।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $15
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Bangla Ki Shreshth KahaniyaanBangla Ki Shreshth Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Bangla Ki Shreshth Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:  Radheyshyam Purohit (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Paperback
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13:9788170288138

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          बंगला साहित्य में कहानीकारों की एक विस्तृत परंपरा रहीं है। छोटी-छोटी कहानियों की रचना में बंगाल के कथा- साहित्यकारों ने जैसा चमत्कार दिखाया है, वह अन्यत्र दुर्लभ है। रवीन्द्रनाथ टैगोर व शरतचंद्र चट्टोपाध्याय सरीखे लेखकों की कहानियाँ तो विश्व-भर में पढ़ी और सराही जाती रही हैं। इस पुस्तक में ऐसे ही विश्वप्रसिद्ध बंगला लेखको की श्रेष्ठ कहानियों को संकलित किया गया है।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $10
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By:  Priyadarshan (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding :Paperback
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 252 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 8193284178
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13:9788193284179

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  मुंबई, 26/11 की रात। हर तरफ़ अफरा-तफरी का माहौल पसरा हुआ है। वहीं दिल्ली में टीवी एंकर सुलभा और उनके रिपोर्टर पति विशाल काम की आपाधापी में अपने छोटे-से बेटे अभि को क्रेच से उठाना भूल जाते हैं। ये भूल बहुत भारी साबित होती है। उनका बेटा गुम हो जाता है और बाद में उसका अपहरण कर लिया जाता है। उसकी तलाश में वे बदहवास हो जाते हैं। क्या अभि उन्हें मिल पाएगा या ये उनके जीवन के सबसे भयावह दिन होंगे?

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $17
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Yeh Kalam Yeh Kagaz Yeh AksharYeh Kalam Yeh Kagaz Yeh Akshar
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Yeh Kalam Yeh Kagaz Yeh Akshar
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:  Amrita Pritam (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language: Hindi
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 9350641208
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13:9789350641200

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          सोचती हूँ-खुद के तखैयुल से, अपने देश से, अपने देश के लोगों से, और तमाम दुनिया के लोगों से-यानी खुदा की तखलीक से, मेरी मुहब्बत का गुनाह सचमुच बहुत बड़ा है, बहुत संगीन... यह मुहब्बत-मेरी नज़्मों, कहानियों, उपन्यासों और वक्त-वक्त पर लिखे गए मज़मूनों के अक्षरों में कैसे उतारती रही, इसी का कुछ जायज़ा लेने के नज़रिये से, मेरी कुछ रचनाओं के कुछ अंश इस पुस्तक में दर्ज किए गए हैं...-अमृता प्रीतम। मशहूर कवयित्री और लेखिका अमृता प्रीतम (1919-2005) ने पंजाबी और हिन्दी में बहुत साहित्य-सृजन किया, जिसके लिए उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार, साहित्य अकादमी फैलोशिप, ज्ञानपीठ पुरस्कार, पद्श्री और पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया था।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $19
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Raat Bhaari HaiRaat Bhaari Hai
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Raat Bhaari Hai
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By:  Amrita Pritam (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding :Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language: Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2019
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 170 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 93506411610
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13:9789350641163

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  पाकिस्तान के नामी-गिरामी लेखकों की कहानियां तथा रचनाएं जिनमें उन्होंने मज़हब और राजनीति की तानाशाही को ललकारा है-अमृता प्रीतम द्वारा प्रस्तुति। कुछ उद्धरणः ‘‘मेरे दिल की बस्तियां कई हैं, जिनमें से कई वीरान हो चुकी हैं...मेरे ननिहाल का और ददिहाल का, दोनों गांव मुझसे इस तरह छूट गए, जैसे किसी बच्चे से उसकी माँ छूट जाए। सियासत वालों ने मिलकर मुल्क बांट लिया। लोग तक़सीम कर लिये। पंजाब भी तक़सीम हुआ है। मेरे हिस्से का पंजाब भारत बन गया। अमृता और कृश्न चंदर का पंजाब पाकिस्तन बन गया...मेरा सतलुज दरिया कांग्रेस वालों ने ले लिया, उनका रावी मुस्लिम लीग वाले ले गए...’-अफ़जल तौसीफ़ ‘‘मेरे ख़्याल में लेखक वह होता है, जो किसी तानाशाह के ज़ुल्मों से कम्प्रोमाईज़ नहीं करता। उसकी कमिटमेंट लोगों के साथ होती है। जिस अहद में वह जीता है, उस अहद में अपने इर्द-गिर्द के लोगों की पीड़ा और प्यास से अपने को आइडैन्टीफ़ाई करता है...’’-फ़ख़ ज़मां मशहूर कवयित्री और लेखिका अमृता प्रीतम (1919-2005) ने पंजाबी और हिन्दी में बहुत साहित्य-सृजन किया जिसके लिए उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार, साहित्य अकादमी फैलोशिप, ज्ञानपीठ पुरस्कार, पद्मश्री और पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया था।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $17
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Meri Priya KahaniyaanMeri Priya Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Meri Priya Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:  Amrita Pritam (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language: Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2018
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 132 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 9350641933
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13:9789350641934

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          वर्ष 1982 में भारतीय ज्ञानपीठ से सम्मानित और सौ से ज़्यादा रचनाओं की लेखिका अमृता प्रीतम ने अपनी कविताओं की तरह ही कहानियों में भी विशेष छाप छोड़ी है। उनकी कहानियाँ नारी की स्थिति, पीड़ा, विडंबना और विसंगतियों को उजागर करती हैं। नारी हृदय में व्याप्त प्रेम और करुणा का जैसा चित्रण अमृता प्रीतम ने किया है वह सीधा दिल को जाकर छूता है। ऐसी ही मार्मिक अभिव्यक्ति से ओत-प्रोत कहानियाँ इस संकलन में पाठकों के लिए प्रस्तुत हैं।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $12
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Khamoshi Ke Aanchal Mein
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By:  Amrita Pritam (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding :Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language: Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2017
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 172 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 9350642808
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13:9789350642801

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  अनीता ‘एक थी अनीता’ उपन्यास की नायिका है जिसके पैरों के सामने कोई रास्ता नहीं, लेकिन वह चल देती है-कोई आवाज़ है, जाने कहाँ से उठती है और उसे बुलाती है...कैली ‘रंग का पत्ता’ उपन्यास की नायिका है, एक गाँव की लड़की और कामिनी ‘दिल्ली की गलियाँ’ उपन्यास की नायिका है, एक पत्रकार। इनके हालात में कोई समानता नहीं, वे बरसों की जिन संकरी गलियों से गुज़रती हैं, वे भी एक दूसरी की पहचान में नहीं आ सकतीं। लेकिन एक चेतना है, जो इन तीनों के अन्तर में एक सी पनपती है...वक्त कब और कैसे एक करवट लेता है, यह तीन अलग-अलग वार्ताओं की अलग-अलग ज़मीन की बात है। लेकिन इन तीनों का एक साथ प्रकाशन, तीन अलग-अलग दिशाओं से उस एक व्यथा को समझ लेने जैसा है, जो एक ऊर्जा बन कर उनके प्राणों में धड़कती है...मशहूर कवयित्री और लेखिका अमृता प्रीतम (1919-2005) ने पंजाबी और हिन्दी में बहुत साहित्य-सृजन किया जिसके लिए उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार, साहित्य अकादमी फैलोशिप, ज्ञानपीठ पुरस्कार, पद्मश्री और पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया था।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $20
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Kaili, Kamini Aur AnitaKaili, Kamini Aur Anita
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Kaili, Kamini Aur Anita
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:  Amrita Pritam (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language: Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2016
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 276 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13:9789350643693

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          अनीता ‘एक थी अनीता’ उपन्यास की नायिका है जिसके पैरों के सामने कोई रास्ता नहीं, लेकिन वह चल देती है-कोई आवाज़ है, जाने कहाँ से उठती है और उसे बुलाती है...कैली ‘रंग का पत्ता’ उपन्यास की नायिका है, एक गाँव की लड़की और कामिनी ‘दिल्ली की गलियाँ’ उपन्यास की नायिका है, एक पत्रकार। इनके हालात में कोई समानता नहीं, वे बरसों की जिन संकरी गलियों से गुज़रती हैं, वे भी एक दूसरी की पहचान में नहीं आ सकतीं। लेकिन एक चेतना है, जो इन तीनों के अन्तर में एक सी पनपती है...वक्त कब और कैसे एक करवट लेता है, यह तीन अलग-अलग वार्ताओं की अलग-अलग ज़मीन की बात है। लेकिन इन तीनों का एक साथ प्रकाशन, तीन अलग-अलग दिशाओं से उस एक व्यथा को समझ लेने जैसा है, जो एक ऊर्जा बन कर उनके प्राणों में धड़कती है...मशहूर कवयित्री और लेखिका अमृता प्रीतम (1919-2005) ने पंजाबी और हिन्दी में बहुत साहित्य-सृजन किया जिसके लिए उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार, साहित्य अकादमी फैलोशिप, ज्ञानपीठ पुरस्कार, पद्मश्री और पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया था।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $25
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Jalte Bujhte LogJalte Bujhte Log
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Jalte Bujhte Log
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By:  Amrita Pritam (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding :Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language: Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2015
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 192 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13:9789350643310

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  एक ही पुस्तक में तीन लघु उपन्यास। जलावतन-तन के थोड़े-से बरसों में, मन की अन्तर-सतह में उतर जाने की वह कहानी है, जो जलते बुझते अक्षरों में लिपटी हुई है। जेबकतरे-यह एक उदास नस्ल की वह कहानी है, जिसमें किरदारों के पैर ज़िन्दा हैं, पैरों के लिए रास्ते मर गए हैं-कच्ची सड़क-उठती जवानी में किस तरह एक कम्पन किसी के अहसास में उतर जाता है कि पैरों तले से विश्वास की ज़मीन खो जाती है-यही बहक गए बरसों के धागे इस कहानी में लिपटते भी हैं, मन-बदन को सालते भी हैं, और हाथ की पकड़ में आते भी हैं-ये तीनों लघु उपन्यास उन किरदारों को लिए हुए हैं, जो उठती जवानी में चिन्तन की यात्रा पर चल दिए हैं। और इन तीनों का इकट्ठा प्रकाशन समय और समाज का एक अध्ययन होगा। मशहूर कवयित्री और लेखिका अमृता प्रीतम (1919-2005) ने पंजाबी और हिन्दी में बहुत साहित्य-सृजन किया, जिसके लिए उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार, साहित्य अकादमी फैलोशिप, ज्ञानपीठ पुरस्कार, पद्मश्री और पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया था।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $19
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Deewaron Ke Saye Mein
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:  Amrita Pritam (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language: Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2016
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 100 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 8170287138
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13:9788170287131

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          ‘तिरिया जनम झन देव’ या काहे को दीनो यह मनुआ रामजी, काहे को दीनी यह काया-यह इस कृति का मर्म बिन्दु है जिस में संसार में नारी की स्थिति, पीड़ा, विडम्बना और विसंगतियों को मुखर किया गया है। इसमें वास्तविक नारी चरित्रों पर लिखी अनेक कहानियां हैं जिनमें लेखिका ने समाज की और मन की दीवारों से आरम्भ करके कारागार की दीवारों तक इन सभी में बन्द स्त्री-पुरुषों का मार्मिक चित्रण किया है। मशहूर कवयित्री अमृता प्रीतम (1919-2005) ने पंजाबी और हिन्दी में बहुत साहित्य-सृजन किया जिसके लिए उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार, साहित्य अकादमी फैलोशिप, ज्ञानपीठ पुरस्कार, पद्मश्री और पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया था।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $15

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Recently viewed