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Kashmiri Ki Chuni Hui KahaniyaanKashmiri Ki Chuni Hui Kahaniyaan
Kashmiri Ki Chuni Hui Kahaniyaan
SPECIFICATION:
  • Publisher : Rajpal and Sons
  • By:  Kamleshwar (Author)
  • Binding : Hardcover
  • Language : Hindi
  • Edition :2012
  • Pages: 184 pages
  • Size : 20 x 14 x 4 cm
  • ISBN-10: 9350640716
  • ISBN-13 :9789350640715

DESCRIPTION: 

कश्मीरी कहानी की शुरुआत का समय पिछली शताब्दी के मध्य में माना जाता है, लेकिन इस थोड़े से समय में ही कश्मीरी कहानी ने अपना एक विशेष स्थान बना लिया है, जिसमें हिन्दू-मुस्लिम संस्कृति का अनोखा मिश्रण देखने को मिलता है। अख्तर मुहीउद्दीन, दीनानाथ ‘नादिम’, उमेश कौल, बशीर अहमद बशीर, विजय माम जैसे जाने-माने लेखकों की कहानियों के साथ छब्बीस और कहानीकारों की कहानियों का संकलन इस पुस्तक में प्रस्तुत है, जिनका चुनाव हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार कमलेश्वर ने किया है और एक विस्तृत भूमिका भी लिखी है। यह पुस्तक हिन्दी के पाठकों को कश्मीरी साहित्य को जानने का अवसर प्रदान करती है।

                          $25
                          Hindustan HamaraHindustan Hamara
                          Hindustan Hamara
                          SPECIFICATION:
                          • Publisher : Rajpal and Sons
                          • By:  Kamleshwar (Author)
                          • Binding : Paperback
                          • Language : Hindi
                          • Edition :2014
                          • Pages: 176 pages
                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                          • ISBN-10: 8170287049
                          • ISBN-13 :9788170287049

                          DESCRIPTION: 

                          प्रख्यात लेखक कमलेश्वर का एक नया प्रयोग-‘जनमंच’ के रूप में ‘साइट एण्ड साउंड’ (जिसमें मंच एक न होकर विस्तृत भूमि में 10-12 मंच या ‘स्पाट्स’ होते हैं) के माध्यम से स्वाधीनता-संग्राम की रोमांचक कथा-1857 की क्रान्ति, नील विद्रोह, वासुदेव बलवन्त फड़के, बिरसा भगवान, राजा राममोहन राय, स्वामी दयानंद, सर सैयद अहमद, लोकमान्य तिलक, गांधी आदि आज तक के सभी आन्दोलनों का सशक्त चित्रण।

                                                  $15
                                                  Gujarati Ki Chuni Hui KahaniyaanGujarati Ki Chuni Hui Kahaniyaan
                                                  Gujarati Ki Chuni Hui Kahaniyaan
                                                  SPECIFICATION:
                                                  • Publisher : Rajpal and Sons
                                                  • By:  Kamleshwar (Author)
                                                  • Binding : Hardcover
                                                  • Language : Hindi
                                                  • Edition :2016
                                                  • Pages: 232 pages
                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                  • ISBN-10: 8170289238
                                                  • ISBN-13 :9788170289234

                                                  DESCRIPTION: 

                                                  आबिद सुरती, अंजलि खांड़वाला, धीरेन्द्र मेहता, मोहनभाई पटेल गुजराती साहित्य के जाने-माने नाम हैं। उनकी और अन्य गुजराती लेखकों की चुनी हुई कहानियाँ इस पुस्तक में प्रस्तुत हैं जिनका चुनाव हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार कमलेश्वर ने किया है और साथ ही एक विस्तृत भूमिका भी लिखी है। प्रत्येक भाषा की अपनी प्रकृति होती है, औरों से कुछ हटकर। इस संकलन में आप गुजराती कहानी की अपनी विशेष शैली, अपना विशिष्ट प्रवाह पाएंगे। यह पुस्तक हिन्दी के पाठकों को गुजराती की उत्कृष्ट कहानियों और गुजराती साहित्य को जानने का अवसर प्रदान करती है।

                                                                          $15
                                                                          George Pancham Ki Naak
                                                                          George Pancham Ki Naak
                                                                          SPECIFICATION:
                                                                          • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                          • By:  Kamleshwar (Author)
                                                                          • Binding : Paperback
                                                                          • Language : Hindi
                                                                          • Edition :2007
                                                                          • Pages: 80 pages
                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                          • ISBN-10: 8170282683
                                                                          • ISBN-13 : 9788170282686

                                                                          DESCRIPTION: 


                                                                                                  $10
                                                                                                  Ek Sadak Sattavan GaliyanEk Sadak Sattavan Galiyan
                                                                                                  Ek Sadak Sattavan Galiyan
                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                  • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                  • By:  Kamleshwar (Author)
                                                                                                  • Binding : Paperback
                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                  • Edition :2017
                                                                                                  • Pages: 112 pages
                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                  • ISBN-10: 8170283817
                                                                                                  • ISBN-13 : 9788170283812

                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                  ‘‘यह मेरा पहला उपन्यास है। लिखा सन् 1956 में गया था, यह उसी समय पूरा का पूरा हंस में छपा था। फिर सन् 68-69 या शायद इसके बाद श्री प्रेम कपूर ने इस पर फ़िल्म बनाई ‘बदनाम बस्ती’। मेरे लिए यह उपन्यास उतना ही प्रिय है जितनी प्रिय मेरे लिए मेरी माँ और मेरी जन्मभूमि मैनपुरी। तब यह उपन्यास बदनाम बस्ती के नाम से छपा और लोकप्रिय हुआ। अब तक मेरी ही तरह गर्दिश में चकराता हुआ यह उपन्यास अब अपने मूल नाम से प्रस्तुत है: एक सड़क सत्तावन गलियां’’

                                                                                                                          $15
                                                                                                                          Dogri Ki Chuni Hui KahaniyaanDogri Ki Chuni Hui Kahaniyaan
                                                                                                                          Dogri Ki Chuni Hui Kahaniyaan
                                                                                                                          SPECIFICATION:
                                                                                                                          • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                          • By:  Kamleshwar (Author)
                                                                                                                          • Binding : Hardcover
                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                          • Edition :2012
                                                                                                                          • Pages: 184 pages
                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                          • ISBN-10: 8170289122
                                                                                                                          • ISBN-13 : 9788170289128

                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                          डोगरी भाषा का कोई एक विशेष जन्म स्थान नहीं माना जा सकता। यह जम्मू एवं कश्मीर और पंजाब के कई इलाकों में बोली जाती है और शायद यही कारण है कि डोगरी पर पंजाबी और उर्दू दोनों भाषाओं का बहुत प्रभाव पड़ा और जो उसके साहित्य में भी दिखता है। ओम गोस्वामी, विष्णुनाथ खजूरिया, शिवदेव मनहास, तारा दानपुरे डोगरी के जाने-माने नाम हैं। उनकी और अन्य डोगरी लेखकों की चुनी हुई कहानियाँ इस पुस्तक में संकलित हैं जिनका चुनाव हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार कमलेश्वर ने किया है और साथ ही एक विस्तृत भूमिका भी लिखी है।

                                                                                                                                                  $25
                                                                                                                                                  Bharatmata Gramvasini
                                                                                                                                                  Bharatmata Gramvasini
                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                                                                  • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                  • By:  Kamleshwar (Author)
                                                                                                                                                  • Binding : Hardcover
                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                  • Edition :2014
                                                                                                                                                  • Pages: 100 pages
                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                  • ISBN-10: 8170285984
                                                                                                                                                  • ISBN-13 : 9788170285984

                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                  पिछले दिनों कमलेश्वर को पाकिस्तान जाने का अवसर मिला लेखकों के सम्मेलन में। वहाँ रहकर, छोटे-बड़े, सभी व्यक्तियों से मिलकर, पाकिस्तानी लेखकों और लेखिकाओं से खुले दिल से बातें करके, वहाँ की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को देख-भाल कर जो अनुभव उन्होंने प्राप्त किए, उन्हें अपने खास अन्दाज़ में लिखा है। पाकिस्तान आज एक कठिन दौर से गुजर रहा है। अनेक विरोधाभासों, विषमताओं और विसंगतियों में लोग जी रहे हैं। जहाँ एक ओर गरीबों की पराकाष्ठा है तो दूसरी ओर अमीरी और जागीरदारी की। एक ओर सरकारी तौर पर शराबबन्दी है तो दूसरी ओर अमीरों के घर-घर में मयखाने खुले हैं। इन्हें पढ़कर आज के पाकिस्तान का सजीव चित्र आपके सामने आएगा। इस पुस्तक का एक विशेष प्रसंग है उन कैदियों के पत्र जो उन्होंने कमलेश्वर को लिखे। जो हिन्दुस्तान और पाकिस्तान के जेलों में कई वर्षों से बन्द हैं।

                                                                                                                                                                          $15
                                                                                                                                                                          Meri Priya KahaniyaanMeri Priya Kahaniyaan
                                                                                                                                                                          Meri Priya Kahaniyaan
                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                          • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                          • By: Ravindra Kalia (Author)
                                                                                                                                                                          • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                          • Edition :2017
                                                                                                                                                                          • Pages: 144 pages
                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 9350643049
                                                                                                                                                                          • ISBN-13 : 9789350643044

                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                          हिन्दी साहित्य में ‘नयी कहानी आन्दोलन’ के बाद उभरे लेखकों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले लेखक रवीन्द्र कालिया की कहानियों की मौलिक विशेषता है युवा जीवन की संवेदनाओं का रेखांकन। उनकी कहानियों में हमारे शहरों-कस्बों की ज़िन्दगी में आ गयी जकड़बन्दी और दमघोंटू वातावरण का सजीव चित्रण है जो पाठकों को यथास्थिति से टकराने का हौंसला देता है। विधा के स्तर पर भी वे प्रयोगशील हैं और सामान्य कहानियों के साथ लम्बी कहानी का सधा हुआ कौशल भी उनके यहाँ दिखाई देता है। वे अपने लेखन में किसी शैली या भंगिमा को स्थायी नहीं बनने देते बल्कि लगातार नया-अलहदा और भिन्न रचने की तड़प उन्हें अपनी पीढ़ी में आदर्श कथाकार होने की वजह देती है। इन कहानियों का चुनाव स्वयं रवीन्द्र कालिया ने किया था और 2016 में उनके असामयिक निधन के बाद उनकी पत्नी ममता कालिया इन्हें पाठकों के लिए प्रस्तुत कर रही हैं।

                                                                                                                                                                                                  $12
                                                                                                                                                                                                  Meri Priya KahaniyaanMeri Priya Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                  Meri Priya Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                                                  • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                                                  • By:  Mamta Kalia (Author)
                                                                                                                                                                                                  • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                  • Edition :2019
                                                                                                                                                                                                  • Pages: 128 pages
                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 9350643863
                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 : 9789350643860

                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                  हिन्दी के समकालीन कथाकारों में वरिष्ठ ममता कालिया का लेखन नया और ताजगी भरा लगता है क्योंकि वे अपने आप को लगातार पुनर्नवा करती रही हैं। नब्बे के दशक में आये स्त्री विमर्श की नयी उत्तेजना के बहुत पहले उन्होंने ‘आपकी छोटी लड़की’ जैसी कहानी लिखी थी तो बिलकुल इधर के सामाजिक संक्रमण का राष्ट्रीय रूपक ‘दल्ली’ में देखा जा सकता है। ममता कालिया की भाषा की बहुत प्रशंसा हुई है। ब्रज की मिठास हो या इलाहाबाद का अवधी रंग - इस भाषा ने फिर साबित किया है कि सीधी लकीर खींचना सचमुच टेढ़ा काम है। हिन्दी कहानी को ऊँचाई देने वाली इस कथाकार की अपनी प्रिय कहानियों का यह संग्रह पाठकों को प्रिय होगा इसमें संदेह नहीं।

                                                                                                                                                                                                                          $12
                                                                                                                                                                                                                          Samay Ki Shila Par
                                                                                                                                                                                                                          Samay Ki Shila Par
                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                          • By:  Himanshu Joshi (Author)
                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Hardcover 
                                                                                                                                                                                                                          • Language :  English
                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2004
                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 108 pages
                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 8170284791
                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 : 9788170284796

                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                          हिमांशु जोशी की इस नवीन कृति में आज़ादी के दीवाने, तीन देशभक्त क्रांतिकारियों पर नये अंदाज़ में लिखे रूपक हैं - 1. नेताजी सुभाषचन्द्र बोस, 2. फॉंसी के तख्ते पर हँसते हुए जाने वाले अशफाक और 3. राष्ट्रनायक पं. गोविन्द बल्लभ पंत। इन तीनों के व्यक्तित्व को चित्रित करती है यह पुस्तक।

                                                                                                                                                                                                                                                  $10
                                                                                                                                                                                                                                                  TilasmTilasm
                                                                                                                                                                                                                                                  Tilasm
                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                  • By:  Sharad Joshi (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding : Paperback 
                                                                                                                                                                                                                                                  • Language :  English
                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2016
                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 144 pages
                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 9350641836
                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 : 9789350641835

                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                  हिन्दी के जाने-माने व्यंग्यकार शरद जोशी के व्यंग्य जहाँ पाठक के मन को गुदगुदाते हैं वहीं सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विसंगतियों को दर्शाते हुए करारी चोट भी करते हैं। इतना ही नहीं प्रशासन द्वारा आम लोगों की समस्याओं को हल करने की नाकाम कोशिशों पर कटाक्ष करने से भी नहीं चूकते। ‘तिलस्म’ में लेखक ने इसी चिर-परिचित शैली द्वारा समाज में फैले अंधविश्वासों पर प्रहार किया है। साथ ही रोज़मर्रा के जीवन की छोटी-छोटी किंतु महत्त्वपूर्ण स्थितियों को नई दिशा देते हुए जिस पैनी दृष्टि का परिचय दिया है वह पाठक को सहज ही प्रभावित करती है। 21 मई, 1931 को उज्जैन में जन्मे शरद जोशी का निधन 5 सितंबर, 1991 को मुंबई में हुआ। ‘छोटी सी बात’ और ‘उत्सव’ आदि चर्चित फिल्मों की पटकथा लिखने के अलावा उन्होंने कई टीवी धारावाहिक भी लिखे।

                                                                                                                                                                                                                                                                          $12
                                                                                                                                                                                                                                                                          Pichhle Dino
                                                                                                                                                                                                                                                                          Pichhle Dino
                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:  Sharad Joshi (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Paperback 
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language :  English
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2014
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 100 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 8170288835
                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 : 9788170288831

                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                          शरद जोशी की गणना हिन्दी के अग्रणी हास्य-व्यंग्यकारों में की जाती है। उनकी रचनाएं जहां एक ओर हंसाती और मन को गुदगुदाती हैं, वहां दूसरी ओर जबरदस्त चोट भी करती हैं। समाज, शासन और राजनीति उनकी रचनाओं के विशेष विषय रहे हैं। ‘पिछले दिनों’ शरद जोशी के ऐसे व्यंग्य लेखों का संग्रह है जो एक ओर सामाजिक स्थितियों को नई दृष्टि देते हुए सही दिशा की ओर इंगित करते हैं तो दूसरी ओर अपनी तीक्ष्णता और पैनेपन से भी पाठक को प्रभावित करते हैं। इन रचनाओं से हिन्दी साहित्य का स्तर ऊंचा हुआ है।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $12
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Jaadu Ki SarkarJaadu Ki Sarkar
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Jaadu Ki Sarkar
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By:  Sharad Joshi (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding : Paperback 
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language :  English
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2017
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 144 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 8170282276
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9788170282273

                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                  ‘जादू की सरकार’ हिन्दी के अप्रतिम और अविस्मरणीय व्यंग्यकार शरत जोशी के अब तक अप्रकाशित व्यंग्य-लेखों का संकलन है। रोज़मर्रा के जीवन-संदर्भों को आधार बनाकर लिखे गए इन लेखों में चुभन भी है और गुदगुदाहट भी। इनमें देश की शासन-व्यवस्था की ख़ामियों पर व्यंग्य है, सामाजिक-आर्थिक जीवन की विसंगतियों पर व्यंग्य है और है, आम लोगों की ज़िन्दगी से जुड़ी समस्याओं के हल के लिए की जा रही तमाम नाकाम कोशिशों पर व्यंग्य। व्यंग्यकार ने किसी भी दोष को अनदेखा नहीं किया, न ही किसी घाव या विकृति को ढंकने की कोशिश की है। उनके व्यंग्य सीधे चोट नहीं करते बल्कि अंतर्मन को झकझोरते हैं। शरद जोशी हिन्दी के पहले व्यंग्यकार हैं जिन्होंने व्यंग्य-विधा को काव्यमंच पर प्रतिष्ठित कराकर उसे अपूर्व ऊँचाई और व्यापक लोकप्रियता प्रदान की। व्यंग्य लिखना उनके लिए ज़िन्दगी जी लेने की तरकीब थी। हिन्दी व्यंग्य-रचनाओं में शरद जोशी की लेखन-शैली सबसे अधिक तराशी हुई लगती है। यह तराश संकलन के लेखों में भी स्पष्ट दिखाई देती है।-प्रकर। ‘जादू की सरकार’ में शरद जोशी ने समाज की सड़न को इस रूप में अनावृत्त किया है कि वह चुभती भी है और गुदगुदाती भी है।-रांची एक्सप्रेस। दैनिक जीवन की छोटी-से-छोटी किन्तु महत्त्वपूर्ण समस्या पर जिस बारीकी से इन व्यंग्यों में अभिव्यक्ति मिली है वह अन्यत्र मिलना कठिन है।-नवनीत।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $18
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          GhuspaithiyeGhuspaithiye
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Ghuspaithiye
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:  Hari Joshi (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Paperback 
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language :  English
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2015
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9789350643235

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          घुसपेठिये जाने माने लेखक हरि जोशी की अब तक की साहितियक यात्रा में एक और कड़ी है | 2013 में इन्हें 'व्यंग्श्री सम्मान' व 'साहित्य मनीषी', और 2002 में 'मध्यप्रदेश लेखक संघ सम्मान' से नवाज़ा गया था | इनकी अधिकांश रचनाए व्यंगात्मक होती है और कई बार अपने व्यंग के माध्यम से सरकार और उसके तौर-तरीको पर तीखा व्यंग करते है| ऐसे ही एक व्यंग लेख पर 1982 में तब के मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने उन्हें नौकरी से हटा दिया| इस पर देश के अनेक अखबारों और पत्रिकायो में विरोध हुआ और कुछ महीने बाद उनकी नौकरी पर वापिस रखना पड़ा | फिर 1997 में सरकारी तंत्र पर तीखा व्यंग करने के कारण उन्हें मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड ने कानूनी नोटिस दिया | व्यंग के ज़रिये समाज और सरकार पर अपनी पैनी नज़र डालते हुए अब तक उनकी बीस पुस्तके प्रकाशित हो चुकी हैं जिसमे से पांच उपन्यास हैं| घुसपेठिये उनका नवीनतम व्यंगात्मक उपन्यास हैं|

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $15
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  BaheliyeBaheliye
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Baheliye
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By:  Ankita Jain (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language :  Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2020
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 128 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 9389373158
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9789389373158

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $29
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          KankadiKankadi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Kankadi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:  Manorma Jafa (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language :  Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2010
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 120 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 8170288533
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9788170288534

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          जीवनसाथी की सबसे ज़्यादा ज़रूरत जीवन-संध्या के समय होती है। उम्र की ढलान का एकाकीपन जीवन का सबसे कठिन दौर होता है। 'कंकड़ी' के नायक आनन्द सिन्हा एक विधुर हैं। पत्नी की मृत्यु के बाद वे जीवन में रीतापन अनुभव करते हैं जिसे दूर करना उन्हें अत्यंत प्रेम करने वाले परिवार के लिए भी संभव नहीं। प्रकृति के सान्निध्य में मन की शांति तलाशने वे मनाली जाते हैं, लेकिन वहां कुछ ऐसा घटित हो जाता है जो उन्हें एक बार फिर दोराहे पर ला खड़ा करता है। लेखिका मनोरमा जफ़ा का पहली ही उपन्यास ‘देविका’ हिन्दी निदेशालय के साहित्य कृति सम्मान 2007 से सम्मानित हुआ। इसके अतिरिक्त उनका एक कहानी-संग्रह और दो उपन्यास भी प्रकाशित हो चुके हैं। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में कहानियां लिखने वाली लेखिका का हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों ही भाषाओं पर समान अधिकार है।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $12
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Kutta Jisne Sapne Dekhne Ki Himmat KiKutta Jisne Sapne Dekhne Ki Himmat Ki
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Kutta Jisne Sapne Dekhne Ki Himmat Ki
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By:  Sun-Mi Hwang (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language :  Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2016
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 160 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 9350643944
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9789350643945

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  यह पुस्तक इन्सान और कुत्ते के बीच दिल को छू लेने वाले अनोखे रिश्ते की कहानी है। इसमें कुछ लम्हे हैं खुशी के, कुछ गम के, कुछ सपने हैं और उन सपनों को साकार करने का सफ़र है जिसके हर पड़ाव पर होने वाले उतार-चढ़ाव हैं। कहने को यह एक सीधी-सादी कहानी है लेकिन वास्तव में जीवन की उस मूलभूत गहरी सच्चाई को दर्शाती है कि हिम्मत से हर परिस्थिति पर जीत पायी जा सकती है। सुन-मि ह्वांग कोरिया की बेहद लोकप्रिय लेखिका हैं जिनकी चालीस से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनकी पुस्तक 'द हैन हू ड्रीम्ड शी कुड फ्लाई' अन्तरराष्ट्रीय बैस्टसैलर है और कोरिया में दस वर्षों तक सबसे अधिक बिकने वाली पुस्तकों की सूची में बनी रही।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $16
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Sidharth
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:  Hermann Hesse (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language :  Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2016
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 112 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $15
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Bharatiya Upanyaas Ki Avdhaarna Aur Swarup
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By: Alok Gupta(Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding : Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language :  Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2012
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $19
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Usne Kaha Tha Aur Anya KahaniyaaUsne Kaha Tha Aur Anya Kahaniyaa
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Usne Kaha Tha Aur Anya Kahaniyaa
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:  Chandradhar Sharma Guleri(Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Paperback
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2017
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages:112 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          हिन्दी कहानी की साहित्यिक यात्रा में ‘उसने कहा था’ पहली आधुनिक कहानी मानी जाती है। यथार्थवाद पर आधारित यह कहानी गुलेरी ने 1920 के दशक में लिखी जिस पर प्रेमचन्द ने सान चढ़ाई। चन्द्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ की लोकप्रियता का मुख्य कारण तो उनकी यह कहानी है ही लेकिन उन्होंने कहानियों के अतिरिक्त निबंध, आलोचना-समीक्षा, विमर्श और शोध जैसी उस समय की अविकसित विधाओं में भी लिखा। उनकी लेखन-शैली अनूठी और बहुत प्रभावपूर्ण थी। जहां एक ओर उनकी कहानियाँ-‘उसने कहा था’, ‘सुखमय जीवन’ और ‘बुद्धू का कांटा’ उल्लेखनीय मानी जाती हैं तो दूसरी ओर उनके दो निबंध-‘कछुआ धरम’ और ‘मारेसि मोहिं मुठाँव’ बहुत महत्त्वपूर्ण माने जाते हैं। गुलेरी की कुछेक कहानियों को छोड़कर बाकी कहानियाँ बहुत छोटी हैं लेकिन छोटी होते हुए भी प्रभावशाली हैं। हिन्दी के वरिष्ठ आलोचक डा. नामवर सिंह का कहना है-‘‘सस्कृत के पंडित उस जमाने में और भी थे, लेकिन ‘उसने कहा था’ जैसी कहानी और ‘कछुआ धरम’ जैसा लेख लिखने का श्रेय गुलेरी जी को ही है। इसलिए वे हिन्दी के बंकिमचन्द भी हैं और ईश्वरचन्द्र विद्यासागर भी।’’

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $15
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Usne Kaha Tha Aur Anya Kahaniyaa
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By:  Chandradhar Sharma Guleri(Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding : Hardcover
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9788174831545

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  हिन्दी कहानी की साहित्यिक यात्रा में ‘उसने कहा था’ पहली आधुनिक कहानी मानी जाती है। यथार्थवाद पर आधारित यह कहानी गुलेरी ने 1920 के दशक में लिखी जिस पर प्रेमचन्द ने सान चढ़ाई। चन्द्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ की लोकप्रियता का मुख्य कारण तो उनकी यह कहानी है ही लेकिन उन्होंने कहानियों के अतिरिक्त निबंध, आलोचना-समीक्षा, विमर्श और शोध जैसी उस समय की अविकसित विधाओं में भी लिखा। उनकी लेखन-शैली अनूठी और बहुत प्रभावपूर्ण थी। जहां एक ओर उनकी कहानियाँ-‘उसने कहा था’, ‘सुखमय जीवन’ और ‘बुद्धू का कांटा’ उल्लेखनीय मानी जाती हैं तो दूसरी ओर उनके दो निबंध-‘कछुआ धरम’ और ‘मारेसि मोहिं मुठाँव’ बहुत महत्त्वपूर्ण माने जाते हैं। गुलेरी की कुछेक कहानियों को छोड़कर बाकी कहानियाँ बहुत छोटी हैं लेकिन छोटी होते हुए भी प्रभावशाली हैं। हिन्दी के वरिष्ठ आलोचक डा. नामवर सिंह का कहना है-‘‘सस्कृत के पंडित उस जमाने में और भी थे, लेकिन ‘उसने कहा था’ जैसी कहानी और ‘कछुआ धरम’ जैसा लेख लिखने का श्रेय गुलेरी जी को ही है। इसलिए वे हिन्दी के बंकिमचन्द भी हैं और ईश्वरचन्द्र विद्यासागर भी।’’

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $15
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Pariyon Ki Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By: Jacob Grimm(Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2016
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 80 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9788174830135

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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Aawara
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By: Kahlil Gibran (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2018
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 112 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 8170287626
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  ख़लील जिब्रान बीसवीं सदी के एक लोकप्रिय लेखक थे। 6 जनवरी 1883 को उनका जन्म लेबनान में हुआ। उन्होंने अपने जीवन का अधिकांश भाग अमेरिका में बिताया और अपने जीवन काल में पचीस किताबों की रचना की। वह एक निबंधकार, उपन्यासकार, कवि तथा चित्रकार के रूप में जाने गये और उनकी रचनाएं पीढ़ी दर पीढ़ी पढ़ी जाती रहीं और पाठकों को जीवन, प्रेम और सहभागिता के नये अर्थ समझाती रहीं। यह पुस्तक ख़लील जिब्रान की अंतिम रचना है, जो वर्ष 1931 में उन्होंने अपनी मृत्यु के बस कुछ ही पहले पूरी की। इस पुस्तक को भी ‘मसीहा’ की ही तरह एक श्रेष्ठ कृति का सम्मान दिया गया। इस पुस्तक में ख़लील जिब्रान ने कविता और सूक्तियों के माध्यम से अपना कालातीत जीवन-दर्शन तथा ज्ञान प्रस्तुत किया है जिसने विश्व-स्तर पर मान्यता पाई है। इस अधुनातन गौरव-ग्रंथ को ख़लील जिब्रान के रहस्यपूर्ण चित्रांकन ने और भी निखार दे दिया है।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $15
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Litti – Chokha
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:  Geetashree (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2019
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 112 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 93893730010
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9789389373004

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          गीताश्री उन चुनिंदा लेखिकाओं में हैं जिनकी कहानियों का अपना ‘लोकेल’, अपनी बोली-ठोली है जो स्थानीय जीवन संदर्भों में गहरे रचा-बसा है। उनकी अपनी सघन भाषा भी है जिसमें बोली के मुहावरे बहुत प्रमुखता से दिखाई देते हैं। लिट्टी-चोखा और अन्य कहानियाँ कहानी-संग्रह की दस कहानियाँ इसका बेहतरीन उदाहरण हैं। संग्रह की कहानियों में तिरहुत-मिथिला के धूल पगे गाँवों-क़स्बों की भूली-बिसरी कहानियाँ कभी वहाँ की समृद्ध सामाजिकता की याद दिला देती हैं तो कभी विस्थापन की गहरी टीस से भर देती हैं। उनकी कहानियों के परिवेश ही नहीं किरदार भी याद रह जाने वाले हैं। राजा बाबू, पमपम बाबू जैसे कलाकार हैं जिनको कभी पहचान नहीं मिल पाई, नीलू कुमारी है जिसको दिल्ली में नौकरी मिल जाती है और क़स्बे में प्रेमी पीछे छूट जाता है। यह गीताश्री की कहानियों का नया मुक़ाम है जिनमें अपने अपनों से छूट रहे हैं, भास-आभास की दूरी मिटती दिखाई दे रही है, जो जहाँ है वह वहीं नहीं है। सब भ्रम है, यथार्थ कुछ भी नहीं। लिट्टी-चोखा और अन्य कहानियाँ आते हुए दौर के लिए बीते हुए दौर के अल्बम की तरह है, मानो लेखिका जिसे झाड़-पोंछकर पढ़ने वालों के लिए सहेज रही हो। गीताश्री की कहानियों में ग्रामीण-कस्बाई जीवन के सघन समाज से लेकर महानगरीय जीवन की अकेली लड़ाइयाँ तक मौजूद हैं।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $15

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