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SPECIFICATION:
- Publisher :Rajpal and Sons
- By: Harivansh Rai Sharma (Author)
- Binding : Hardcover
- Language: Hindi
- Edition :2018
- Pages: 768 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10 : 81702816110
- ISBN-13: 9788170281610
DESCRIPTION:
प्राच्य और पाश्चात्य सभी देशों के विख्यात साहित्यकारों की अमर रचनाओं से चुने गए सुभाषित- कालिदास, भवभूति, शेक्सपियर, मिल्टन, तिरुवल्लुवर, तुलसीदास, सूरदास, शॉपेनहावर, शेख सादी, गुरु नानक, रवीन्द्रनाथ ठाकुर, प्रेमचंद, महादेवी वर्मा, वाल्तेयर, आइन्स्टाइन इत्यादि सैकंड़ों, लेखकों, चिंतकों, समाजनिर्माताओं के वचन। -विभिन्न विषयों के अनुसार संयोजित -लेखकों, वक्ताओं, अध्यापकों तथा छात्रों के लिए उपयोगी।

SPECIFICATION:
- Publisher :Rajpal and Sons
- By: Shankar Sharan (Author)
- Binding : Hardcover
- Language: Hindi
- Edition :2016
- Pages: 176 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10 : 8170288185
- ISBN-13: 9788170288183
DESCRIPTION:
कट्टरता और इस्लाम के नाम पर आज आतंक चारों ओर फैल रहा है, जिसमें हज़ारों निरपराध, असहाय, स्त्री-पुरुषों को गोलियों का शिकार होना पड़ रहा है और जिसे रोकने के लिए अनेक देशों के सम्मिलित प्रयास भी पूरी तरह सफल नहीं हो पा रहे हैं। इसी समस्या के विभिन्न पक्षों पर गंभीरता से विचार करते हुए यह पुस्तक सामयिक भी है और महत्त्वपूर्ण भी।

SPECIFICATION:
- Publisher :Rajpal and Sons
- By: Shankar Sharan (Author)
- Binding : Hardcover
- Language: Hindi
- Edition :2013
- Pages: 156 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10 : 9350640813
- ISBN-13: 9789350640814
DESCRIPTION:
‘‘गाँधी काम-भावना की दुर्दम्य शक्ति से जीवनपर्यंत आक्रान्त रहे। उन्होंने ब्रह्मचर्य व्रत, अर्थात पत्नी के साथ शारीरिक सम्बन्ध का त्याग सन् 1906 में ही ले लिया था। पर वे स्त्री-पुरुष सम्बन्ध के आकर्षण से कभी मुक्त नहीं हो सके। जिसे गाँधीजी ने जीवन के उत्तरार्ध में ‘ब्रह्मचर्य प्रयोग’ कहा, उसके गम्भीर अध्ययन के बाद वह मोह और आकर्षण ही लगता है। स्वयं गाँधीजी ने अपनी आत्मकथा लिखने में तथा उस के बारह वर्ष बाद भी स्वीकार किया है कि वे ‘इन्द्रिय नियन्त्रण’ रखने में कठिनाई महसूस करते हैं। अर्थात् 57 और 69 वर्ष की आयु में भी उनका ब्रह्मचर्य एक सचेत प्रयत्न था, सहजावस्था नहीं। गाँधीजी ने यह छिपाया नहीं, यह उनकी महानता थी। किन्तु उन प्रयोगों में कोई महानता नहीं थी।’’ गाँधीजी के ब्रह्मचर्य के प्रयोग क्या थे? ऐसे प्रयोगों के पीछे गाँधीजी की क्या धारणा थी? कारण क्या थे, ऐसे प्रयोग करने के? और इन प्रयोगों की गाँधीजी के जीवन में क्या अहमियत थी? ऐसे ही कुछ असहज सवालों पर यह पुस्तक प्रकाश डालती है। गंभीर अध्ययन के बाद लिखी यह पुस्तक प्रामाणिक उद्धरणों पर आधारित है और लेखक का कहना है कि ‘‘यह एक प्रयास है ताकि हम प्रत्येक विषय पर पूर्वाग्रहरहित होकर जानकारी प्राप्त करने तथा सोचने-विचारने के प्रति सचेत हों।’’

SPECIFICATION:
- Publisher :Rajpal and Sons
- By: Kali Shankar (Author)
- Binding : Hardcover
- Language: Hindi
- Edition :2011
- Pages: 176 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10 : 81702893610
- ISBN-13: 9788170289364
DESCRIPTION:
अन्तरिक्ष मानव के लिए एक रहस्यमय चुनौती है, जिसे वह समझने और जीतने का निरंतर प्रयास करता रहा है। 1961 में पहली बार मनुष्य अन्तरिक्ष में गया; तब से लेकर अन्तरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में अनेक कीर्तिमान बने हैं। इन सब कीर्तिमानों की जानकारी इस पुस्तक में प्रस्तुत है। सामान्य पाठक, बुद्धिजीवी, विद्यार्थी सभी इस पुस्तक को पढ़कर ज्ञान बढ़ा सकते हैं और अपना मनोरंजन भी कर सकते हैं।

SPECIFICATION:
- Publisher :Rajpal and Sons
- By: Dharampal Gupta Shalabh (Author)
- Binding : Paperback
- Language: Hindi
- Edition :2020
- Pages: 112 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10 : 93893733110
- ISBN-13: 9789389373318
DESCRIPTION:
इस अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक-माला की शुरुआत 1960 के दशक में हुई जब पहली बार नागरी लिपि में उर्दू की चुनी हुई शायरी के संकलन प्रकाशित कर राजपाल एण्ड सन्ज़ ने हिन्दी पाठकों को उर्दू शायरी का लुत्फ़ उठाने का अवसर प्रदान किया। शृंखला की हर पुस्तक में शायर के संपूर्ण लेखन में से बेहतरीन शायरी का चयन है और पाठकों की सुविधा के लिए कठिन शब्दों के अर्थ भी दिये हैं; और साथ ही हर शायर के जीवन और लेखन पर रोचक भूमिका भी है।
आज तक इस पुस्तक-माला के अनगिनत संस्करण छप चुके हैं। अब इसे एक नई साज-ज्जा में प्रस्तुत किया जा रहा है।
मोमिन ख़ान मोमिन (1800 - 1851) ग़ालिब, ज़ौक के वक्त के शायर हैं, जो अपनी ग़ज़लों के लिए याद किये जाते हैं और जिनमें फ़ारसी भाषा की ख़ास झलक मिलती है। कहा जाता है कि मोमिन के इस एक शे’र के लिए ग़ालिब उन्हें अपना पूरा दीवान देने के लिए तैयार थे -
तुम मेरे पास होते हो गोया
जब कोई दूसरा नहीं होता
कश्मीरी परिवार में जन्मे, मोमिन पेशे से तो एक हकीम थे और शायद इसीलिए उन्हें हक़ीम ख़ान भी कहा जाता है।

SPECIFICATION:
- Publisher :Rajpal and Sons
- By: Shakespeare (Author)
- Binding : Paperback
- Language: Hindi
- Edition :2016
- Pages: 112 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10 : 9350642069
- ISBN-13: 9789350642061
DESCRIPTION:
विश्व साहित्य के गौरव, अंग्रेज़ी भाषा के अद्वितीय नाटककार शेक्सपियर का जन्म 26 अप्रैल, 1564 ई. को इंग्लैंड के स्ट्रैटफोर्ड-आन-ए वोन नामक स्थान में हुआ। उनके पिता एक किसान थे और उन्होंने कोई बहुत उच्च शिक्षा भी प्राप्त नहीं की। इसके अतिरिक्त शेक्सपियर के बचपन के बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। 1582 ई. में उनका विवाह अपने से आठ वर्ष बड़ी ऐन हैथवे से हुआ। 1587 ई. में शेक्सपियर लंदन की एक नाटक कम्पनी में काम करने लगे। वहाँ उन्होंने अनेक नाटक लिखे जिनसे उन्होंने धन और यश दोनों कमाए। 1616 ई. में उनका देहान्त हुआ। प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार रांगेय राघव ने शेक्सपियर के ग्यारह नाटकों का हिन्दी अनुवाद किया है, जो इस श्रृंखला में पाठकों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

SPECIFICATION:
- Publisher :Rajpal and Sons
- By: Shakespeare (Author)
- Binding : Paperback
- Language: Hindi
- Edition :2017
- Pages: 118 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10 : 9350642115
- ISBN-13: 9789350642115
DESCRIPTION:
विश्व साहित्य के गौरव, अंग्रेज़ी भाषा के अद्वितीय नाटककार शेक्सपियर का जन्म 26 अप्रैल, 1564 ई. को इंग्लैंड के स्ट्रैटफोर्ड-आन-ए वोन नामक स्थान में हुआ। उनके पिता एक किसान थे और उन्होंने कोई बहुत उच्च शिक्षा भी प्राप्त नहीं की। इसके अतिरिक्त शेक्सपियर के बचपन के बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। 1582 ई. में उनका विवाह अपने से आठ वर्ष बड़ी ऐन हैथवे से हुआ। 1587 ई. में शेक्सपियर लंदन की एक नाटक कम्पनी में काम करने लगे। वहाँ उन्होंने अनेक नाटक लिखे जिनसे उन्होंने धन और यश दोनों कमाए। 1616 ई. में उनका देहान्त हुआ। प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार रांगेय राघव ने शेक्सपियर के ग्यारह नाटकों का हिन्दी अनुवाद किया है, जो इस श्रृंखला में पाठकों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

SPECIFICATION:
- Publisher :Rajpal and Sons
- By: Shakespeare (Author)
- Binding : Paperback
- Language: Hindi
- Edition :2017
- Pages: 104 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10 : 9350642166
- ISBN-13: 9789350642160
DESCRIPTION:
विश्व साहित्य के गौरव, अंग्रेज़ी भाषा के अद्वितीय नाटककार शेक्सपियर का जन्म 26 अप्रैल, 1564 ई. को इंग्लैंड के स्ट्रैटफोर्ड-आॅन-ए वोन नामक स्थान में हुआ। उनके पिता एक किसान थे और उन्होंने कोई बहुत उच्च शिक्षा भी प्राप्त नहीं की। इसके अतिरिक्त शेक्सपियर के बचपन के बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। 1582 ई. में उनका विवाह अपने से आठ वर्ष बड़ी ऐन हैथवे से हुआ। 1587 ई. में शेक्सपियर लंदन की एक नाटक कम्पनी में काम करने लगे। वहाँ उन्होंने अनेक नाटक लिखे जिनसे उन्होंने धन और यज्ञ दोनों कमाए। 1616 ई. में उनका देहान्त हुआ। प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार रांगेय राघव ने शेक्सपियर के ग्यारह नाटकों का हिन्दी अनुवाद किया है, जो इस श्रृंखला में पाठकों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

SPECIFICATION:
- Publisher :Rajpal and Sons
- By: Shakespeare (Author)
- Binding : Paperback
- Language: Hindi
- Edition :2018
- Pages: 136 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10 : 9350643057
- ISBN-13: 9789350643051
DESCRIPTION:
विश्व साहित्य के गौरव, अंग्रेज़ी भाषा के अद्वितीय कवि-नाटककार विलियम शेक्सपियर को विश्व का ‘साहित्य सम्राट’ कहा जाता है। शेक्सपियर का जन्म इंग्लैंड में 26 अप्रैल, 1564 ई. में हुआ था और 52 वर्षों के अपने जीवन में उन्होंने 37 नाटक और अनेक कविताओं की रचना की। शेक्सपियर के नाटक दुनिया की प्रायः सभी भाषाओं में अनुवादित हो चुके हैं। उनके नाटक आज भी लोकप्रियता के शिखर पर हैं और विश्व का कोई भी रंगमंच ऐसा नहीं, जिसमें उनके नाटक न खेले जाएँ। इस पुस्तक में शेक्सपियर के 11 नाटकों पर आधारित कहानियाँ प्रस्तुत हैं जिनमें दुखांत और सुखांत दोनों प्रकार के नाटक सम्मिलित हैं। सरल, रोचक और पठनीय भाषा में लिखी ये कहानियाँ अवश्य ही आपको शेक्सपियर के मूल नाटक पढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी।

SPECIFICATION:
- Publisher :Rajpal and Sons
- By: Shakespeare (Author)
- Binding : Paperback
- Language: Hindi
- Edition :2018
- Pages: 104 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10 : 9350642077
- ISBN-13: 9789350642078
DESCRIPTION:
विश्व साहित्य के गौरव, अंग्रेज़ी भाषा के अद्वितीय नाटककार शेक्सपियर का जन्म 26 अप्रैल, 1564 ई. को इंग्लैंड के स्ट्रैटफोर्ड-आन-ए वोन नामक स्थान में हुआ। उनके पिता एक किसान थे और उन्होंने कोई बहुत उच्च शिक्षा भी प्राप्त नहीं की। इसके अतिरिक्त शेक्सपियर के बचपन के बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। 1582 ई. में उनका विवाह अपने से आठ वर्ष बड़ी ऐन हैथवे से हुआ। 1587 ई. में शेक्सपियर लंदन की एक नाटक कम्पनी में काम करने लगे। वहाँ उन्होंने अनेक नाटक लिखे जिनसे उन्होंने धन और यश दोनों कमाए। 1616 ई. में उनका देहान्त हुआ। प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार रांगेय राघव ने शेक्सपियर के ग्यारह नाटकों का हिन्दी अनुवाद किया है, जो इस श्रृंखला में पाठकों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

SPECIFICATION:
- Publisher :Rajpal and Sons
- By: Shakespeare (Author)
- Binding : Paperback
- Language: Hindi
- Edition :2015
- Pages: 112 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10 : 93506421410
- ISBN-13: 9789350642146
DESCRIPTION:
विश्व साहित्य के गौरव, अंग्रेज़ी भाषा के अद्वितीय नाटककार शेक्सपियर का जन्म 26 अप्रैल, 1564 ई. को इंग्लैंड के स्ट्रैटफोर्ड -ऑन-ए वोन नामक स्थान में हुआ। उनके पिता एक किसान थे और उन्होंने कोई उच्च शिक्षा भी प्राप्त नहीं की। इसके अतिरिक्त शेक्सपियर के बचपन के बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। 1582 ई. में उनका विवाह अपने से आठ वर्ष बड़ी ऐन हैथवे से हुआ। 1587 ई. में शेक्सपियर लंदन की एक नाटक कम्पनी में काम करने लगे। वहाँ उन्होंने अनेक नाटक लिखे जिनसे उन्होंने धन और यश दोनों कमाए। 1616 ई. में उनका देहान्त हुआ। प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार रांगेय राघव ने शेक्सपियर के ग्यारह नाटकों का हिन्दी अनुवाद किया है, जो इस श्रृंखला में पाठकों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

SPECIFICATION:
- Publisher :Rajpal and Sons
- By: Shakespeare (Author)
- Binding : Paperback
- Language: Hindi
- Edition :2017
- Pages: 104 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10 : 9350642131
- ISBN-13: 9789350642139
DESCRIPTION:
विश्व साहित्य के गौरव, अंग्रेज़ी भाषा के अद्वितीय नाटककार शेक्सपियर का जन्म 26 अप्रैल, 1564 ई. को इंग्लैंड के स्ट्रैटफोर्ड-आन-ए वोन नामक स्थान में हुआ। उनके पिता एक किसान थे और उन्होंने कोई बहुत उच्च शिक्षा भी प्राप्त नहीं की। इसके अतिरिक्त शेक्सपियर के बचपन के बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। 1582 ई. में उनका विवाह अपने से आठ वर्ष बड़ी ऐन हैथवे से हुआ। 1587 ई. में शेक्सपियर लंदन की एक नाटक कम्पनी में काम करने लगे। वहाँ उन्होंने अनेक नाटक लिखे जिनसे उन्होंने धन और यश दोनों कमाए। 1616 ई. में उनका देहान्त हुआ। प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार रांगेय राघव ने शेक्सपियर के ग्यारह नाटकों का हिन्दी अनुवाद किया है, जो इस श्रृंखला में पाठकों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

SPECIFICATION:
- Publisher :Rajpal and Sons
- By: Shakespeare (Author)
- Binding : Paperback
- Language: Hindi
- Edition :2015
- Pages: 136 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10 : 9350642875
- ISBN-13: 9789350642870
DESCRIPTION:
विश्व साहित्य के गौरव, अंग्रेज़ी भाषा के अद्वितीय नाटककार शेक्सपियर का जन्म 26 अप्रैल, 1564 ई. को इंग्लैंड के स्ट्रैटफोर्ड-आन-ए वोन नामक स्थान में हुआ। उनके पिता एक किसान थे और उन्होंने कोई बहुत उच्च शिक्षा भी प्राप्त नहीं की। इसके अतिरिक्त शेक्सपियर के बचपन के बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। 1582 ई. में उनका विवाह अपने से आठ वर्ष बड़ी ऐन हैथवे से हुआ। 1587 ई. में शेक्सपियर लंदन की एक नाटक कम्पनी में काम करने लगे। वहाँ उन्होंने अनेक नाटक लिखे जिनसे उन्होंने धन और यश दोनों कमाए। 1616 ई. में उनका देहान्त हुआ। प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार रांगेय राघव ने शेक्सपियर के ग्यारह नाटकों का हिन्दी अनुवाद किया है, जो इस श्रृंखला में पाठकों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

SPECIFICATION:
- Publisher :Rajpal and Sons
- By: Shakespeare (Author)
- Binding : Paperback
- Language: Hindi
- Edition :2018
- Pages: 112 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10 : 9350642093
- ISBN-13: 9789350642092
DESCRIPTION:
विश्व साहित्य के गौरव, अंग्रेज़ी भाषा के अद्वितीय नाटककार शेक्सपियर का जन्म 26 अप्रैल, 1564 ई. को इंग्लैंड के स्ट्रैटफोर्ड-आन-ए वोन नामक स्थान में हुआ। उनके पिता एक किसान थे और उन्होंने कोई बहुत उच्च शिक्षा भी प्राप्त नहीं की। इसके अतिरिक्त शेक्सपियर के बचपन के बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। 1582 ई. में उनका विवाह अपने से आठ वर्ष बड़ी ऐन हैथवे से हुआ। 1587 ई. में शेक्सपियर लंदन की एक नाटक कम्पनी में काम करने लगे। वहाँ उन्होंने अनेक नाटक लिखे जिनसे उन्होंने धन और यश दोनों कमाए। 1616 ई. में उनका देहान्त हुआ। प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार रांगेय राघव ने शेक्सपियर के ग्यारह नाटकों का हिन्दी अनुवाद किया है, जो इस श्रृंखला में पाठकों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

SPECIFICATION:
- Publisher :Rajpal and Sons
- By: Shakespeare (Author)
- Binding : Paperback
- Language: Hindi
- Edition :2017
- Pages: 168 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10 : 9350642174
- ISBN-13: 9789350642177
DESCRIPTION:
विश्व साहित्य के गौरव, अंग्रेज़ी भाषा के अद्वितीय नाटककार शेक्सपियर का जन्म 26 अप्रैल, 1564 ई. को इंग्लैंड के स्ट्रैटफोर्ड-आन-ए वोन नामक स्थान में हुआ। उनके पिता एक किसान थे और उन्होंने कोई बहुत उच्च शिक्षा भी प्राप्त नहीं की। इसके अतिरिक्त शेक्सपियर के बचपन के बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। 1582 ई. में उनका विवाह अपने से आठ वर्ष बड़ी ऐन हैथवे से हुआ। 1587 ई. में शेक्सपियर लंदन की एक नाटक कम्पनी में काम करने लगे। वहाँ उन्होंने अनेक नाटक लिखे जिनसे उन्होंने धन और यश दोनों कमाए। 1616 ई. में उनका देहान्त हुआ। प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार हरिवंशराय ‘बच्चन’ ने शेक्सपियर के इस दुखान्त नाटक का पद्य-गद्यानुवाद किया है।

SPECIFICATION:
- Publisher :Rajpal and Sons
- By: Shakespeare (Author)
- Binding : Paperback
- Language: Hindi
- Edition :2017
- Pages: 96 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10 : 9350642107
- ISBN-13: 9789350642108
DESCRIPTION:
विश्व साहित्य के गौरव, अंग्रेज़ी भाषा के अद्वितीय नाटककार शेक्सपियर का जन्म 26 अप्रैल, 1564 ई. को इंग्लैंड के स्ट्रैटफोर्ड-आॅन-ए वोन नामक स्थान में हुआ। उनके पिता एक किसान थे और उन्होंने कोई बहुत उच्च शिक्षा भी प्राप्त नहीं की। इसके अतिरिक्त शेक्सपियर के बचपन के बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। 1582 ई. में उनका विवाह अपने से आठ वर्ष बड़ी ऐन हैथवे से हुआ। 1587 ई. मंे शेक्सपियर लंदन की एक नाटक कम्पनी में काम करने लगे। वहाँ उन्होंने अनेक नाटक लिखे जिनसे उन्होंने धन और यज्ञ दोनों कमाए। 1616 ई. में उनका देहान्त हुआ। प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार रांगेय राघव ने शेक्सपियर के ग्यारह नाटकों का हिन्दी अनुवाद किया है, जो इस श्रृंखला में पाठकों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

SPECIFICATION:
- Publisher :Rajpal and Sons
- By: Shakespeare (Author)
- Binding : Paperback
- Language: Hindi
- Edition :2018
- Pages: 120 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10 : 9350643340
- ISBN-13: 9789350643341
DESCRIPTION:
विश्व साहित्य के गौरव, अंग्रेज़ी भाषा के अद्वितीय नाटककार शेक्सपियर का जन्म 26 अप्रैल, 1564 ई. को इंग्लैंड के स्ट्रैटफोर्ड-आन-ए वोन नामक स्थान में हुआ। उनके पिता एक किसान थे और उन्होंने कोई बहुत उच्च शिक्षा भी प्राप्त नहीं की। इसके अतिरिक्त शेक्सपियर के बचपन के बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। 1582 ई. में उनका विवाह अपने से आठ वर्ष बड़ी ऐन हैथवे से हुआ। 1587 ई. में शेक्सपियर लंदन की एक नाटक कम्पनी में काम करने लगे। वहाँ उन्होंने अनेक नाटक लिखे जिनसे उन्होंने धन और यश दोनों कमाए। 1616 ई. में उनका देहान्त हुआ। प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार रांगेय राघव ने शेक्सपियर के ग्यारह नाटकों का हिन्दी अनुवाद किया है, जो इस श्रृंखला में पाठकों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

SPECIFICATION:
- Publisher :Rajpal and Sons
- By: Shakespeare (Author)
- Binding : Paperback
- Language: Hindi
- Edition :2018
- Pages: 168 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10 : 9350642085
- ISBN-13: 9789350642085
DESCRIPTION:
विश्व साहित्य के गौरव, अंग्रेज़ी भाषा के अद्वितीय नाटककार शेक्सपियर का जन्म 26 अप्रैल, 1564 ई. को इंग्लैंड के स्ट्रैटफोर्ड-आन-ए वोन नामक स्थान में हुआ। उनके पिता एक किसान थे और उन्होंने कोई बहुत उच्च शिक्षा भी प्राप्त नहीं की। इसके अतिरिक्त शेक्सपियर के बचपन के बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। 1582 ई. में उनका विवाह अपने से आठ वर्ष बड़ी ऐन हैथवे से हुआ। 1587 ई. में शेक्सपियर लंदन की एक नाटक कम्पनी में काम करने लगे। वहाँ उन्होंने अनेक नाटक लिखे जिनसे उन्होंने धन और यश दोनों कमाए। 1616 ई. में उनका देहान्त हुआ। प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार रांगेय राघव ने शेक्सपियर के ग्यारह नाटकों का हिन्दी अनुवाद किया है, जो इस श्रृंखला में पाठकों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

SPECIFICATION:
- Publisher :Rajpal and Sons
- By: Shakespeare (Author)
- Binding : Paperback
- Language: Hindi
- Edition :2017
- Pages: 104 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10 : 9350642158
- ISBN-13: 9789350642153
DESCRIPTION:
विश्व साहित्य के गौरव, अंग्रेज़ी भाषा के अद्वितीय नाटककार शेक्सपियर का जन्म 26 अप्रैलए 1564 ई. को इंग्लैंड के स्ट्रैटफोर्ड-आन-ए वोन नामक स्थान में हुआ। उनके पिता एक किसान थे और उन्होंने कोई बहुत उच्च शिक्षा भी प्राप्त नहीं की। इसके अतिरिक्त शेक्सपियर के बचपन के बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। 1582 ई. में उनका विवाह अपने से आठ वर्ष बड़ी ऐन हैथवे से हुआ। 1587 ई. में शेक्सपियर लंदन की एक नाटक कम्पनी में काम करने लगे। वहाँ उन्होंने अनेक नाटक लिखे जिनसे उन्होंने धन और यश दोनों कमाए। 1616 ई. में उनका देहान्त हुआ। प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार रांगेय राघव ने शेक्सपियर के ग्यारह नाटकों का हिन्दी अनुवाद किया है, जो इस श्रृंखला में पाठकों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

SPECIFICATION:
- Publisher :Rajpal and Sons
- By: Shakespeare (Author)
- Binding : Paperback
- Language: Hindi
- Edition :2017
- Pages: 112 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10 : 9350642123
- ISBN-13: 9789350642122
DESCRIPTION:
विश्व साहित्य के गौरव, अंग्रेज़ी भाषा के अद्वितीय नाटककार शेक्सपियर का जन्म 26 अप्रैल, 1564 ई. को इंग्लैंड के स्ट्रैटफोर्ड-आन-ए वोन नामक स्थान में हुआ। उनके पिता एक किसान थे और उन्होंने कोई बहुत उच्च शिक्षा भी प्राप्त नहीं की। इसके अतिरिक्त शेक्सपियर के बचपन के बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। 1582 ई. में उनका विवाह अपने से आठ वर्ष बड़ी ऐन हैथवे से हुआ। 1587 ई. में शेक्सपियर लंदन की एक नाटक कम्पनी में काम करने लगे। वहाँ उन्होंने अनेक नाटक लिखे जिनसे उन्होंने धन और यश दोनों कमाए। 1616 ई. में उनका देहान्त हुआ। प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार रांगेय राघव ने शेक्सपियर के ग्यारह नाटकों का हिन्दी अनुवाद किया है, जो इस श्रृंखला में पाठकों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

SPECIFICATION:
- Publisher :Rajpal and Sons
- By: Qamar Shaharoz (Author)
- Binding : Paperback
- Language: Hindi
- Edition :2014
- Pages: 160 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10 : 8170285690
- ISBN-13: 9788170285694
DESCRIPTION:
उर्दू-साहित्य की श्रेष्ठ व्यंग्य रचनाओं का हिन्दी में प्रकाशित एकमात्र संकलन। यहाँ एक ओर ख़्वाजा हसन निज़ामी, पतरस बुख़ारी, शौकत थानवी, कृश्न चन्दर और मंटो की धारदार रचनाएँ हैं तो वहीं नरेन्द्र लूथर और मुज्तबा हुसैन के हास्य-परिहास से पूर्ण व्यंग्यात्मक-निबन्ध भी। यानी एक पुस्तक में सम्पूर्ण हास्य-व्यंग्य जगत। इसे सम्भव किया है।
SPECIFICATION:
- Publisher : Ramakrishna Math
- By : Swami Satprakashananda (Author), Ray Ellis (Editor)
- Cover : Paperback
- Language : English
- Edition : 2001
- Pages : 277
- Weight : 200 gm
- Size : 4.7 x 0.5 x 7 inches
- ISBN-10 : 8171209343
- ISBN-13 : 978-8171209347
DESCRIPTION:
Swami Satprakashananda was a lecturer and author for almost four decades in America. The present volume is a collection of his class talks on different aspects of Vedanta.In an almost conversational tone he discusses such topics as:
The role of the spiritual teacher,
The aura of meditation,
The dichotomy of good and evil,
The reconciliation between Divine Grace and the Law of Karma,
The significance of spiritual visions,
The power of mantras, and
What happens after death.

SPECIFICATION:
- Publisher :Rajpal and Sons
- By: Shaharyaar) (Author)
- Binding : Paperback
- Language: Hindi
- Edition :2017
- Pages: 160 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10 : 8170289793
- ISBN-13: 9788170289791
DESCRIPTION:
मशहूर उर्दू शायर शहरयार के समूचे कलाम में से उनके क़रीबी दोस्त, प्रसिद्ध साहित्यकार कमलेश्वर द्वारा विशेष रूप से तैयार संकलन, शायर की ज़िन्दगी और उनके लेखन पर रोचक भूमिका सहित चैंकानेवाली आतिशबाज़ी से हटकर, शाइस्तगी से भरी कुछ ऐसी शायरी जो अजाने ही वक्त की पुकार में बदल जाती है।

SPECIFICATION:
- Publisher :Rajpal and Sons
- By: Ramesh Chandra Shah (Author)
- Binding : Hardcover
- Language: English
- Edition :2010
- Pages: 100 pages
- Size : 20 x 14 x 4 cm
- ISBN-10 : 8170288053
- ISBN-13: 9788170288053
DESCRIPTION:
Bharatrihari was a sixth century Indian poet who wrote Bharatrihari Satak a book of Sanskrit poetry comprising of three sections of a hundred verses each. The first section, the Shringar focuses on love and love-making. The second section Vairagya talks about the gradual with drawal from worldly matters and the third section, Niti has verses on ethical conduct. His poetry displays great depth and intensity of feelings as the writings move between pleasures of the flesh and spiritual pursuits of the soul. Most of the poems have just four lines and sometimes two, but as in miniature paintings where the small size enhances the beauty of the paintings these poems through a few words convey profound meaning. Presented in this book are selections from the original Sanskrit poems alongwith their English translations by Dr. Ramesh Chandra Shah, an eminent Hindi poet, novelist and critic who has been a professor of English in the University of Bhopal.
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