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Malayalam Ki Chuni Hui KahaniyaanMalayalam Ki Chuni Hui Kahaniyaan
Malayalam Ki Chuni Hui Kahaniyaan
SPECIFICATION:
  • Publisher : Rajpal and Sons
  • By:  Kamleshwar (Author)
  • Binding : Hardcover
  • Language : Hindi
  • Edition :2013
  • Pages: 204 pages
  • Size : 20 x 14 x 4 cm
  • ISBN-10: 9350640015
  • ISBN-13 :9789350640012

DESCRIPTION: 

मलयालम कहानी की विकास यात्रा आज से डेढ़-सौ वर्ष पहले शुरू हुई थी, जब ये कहानियाँ केरल की पत्रिकाओं में प्रकाशित होने लगीं। गहरे प्रतीकों से लेकर सरल-सहज कथानकों से समृद्ध मलयालम भाषा की ये चयनित कहानियाँ अपने अलग-अलग विषयों के कारण पाठकों का मन जीत लेंगी। तकषी शिवशंकर पिल्लै, शंकरन कुट्टी पोट्टेकाट, वैक्कम मुहम्मद बशीर, एम.टी. वासुदेवन नायर जैसे मलयालम के प्रतिष्ठित लेखकों और अन्य चैबीस लेखकों की चुनिंदा कहानियाँ इस पुस्तक में प्रस्तुत हैं, जिनका चुनाव हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार कमलेश्वर ने किया है और एक विस्तृत भूमिका भी लिखी है। यह पुस्तक हिन्दी के पाठकों को मलयालम साहित्य को जानने का अवसर प्रदान करती है।

                          $30
                          Lal Bahadur Shastri
                          Lal Bahadur Shastri
                          SPECIFICATION:
                          • Publisher : Rajpal and Sons
                          • By:  Kamleshwar (Author)
                          • Binding : Paperback
                          • Language : Hindi
                          • Edition :2014
                          • Pages: 104 pages
                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                          • ISBN-10: 8170286999
                          • ISBN-13 :9788170286998

                          DESCRIPTION: 

                          पटकथा लेखन एक विशिष्ट विधा है, जिसमें शब्दों की भूमिका पढ़े जाने के बजाय देखने की होती है। मीडिया का क्षेत्र व्यापक होने और विजुअल मीडिया की गतिविधियाँ हमारे यहाँ तेज होने के बाद पटकथा-लेखन एक प्रमुख विधा के रूप में सामने आया और जिन लेखकों ने इस दिशा में पहल की, उनमें प्रख्यात साहित्यकार, अनेक सफल फिल्मों, लोकप्रिय धारावाहिकों के पटकथा लेखक व मीडिया विशेषज्ञ कमलेश्वर जी का नाम अग्रणी है। उन्होंने लोकप्रियता अर्जित कर चुके धारावाहिकों व टेली-फिल्मों की स्व-लिखित पटकथाएँ प्रकाशित करने की योजना बनाई थी। देश के प्रसिद्ध स्वाधीनता सेनानी और प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के जीवन और कार्यों पर आधारित कमलेश्वर जी की यह पटकथा उसी योजना की नवीनतम प्रस्तुति है। आधुनिक युग के सुपरिचित महापुरुषों के जीवन को फिल्म में रूपांतरित करना और उसकी पटकथा तैयार करना खासा चुनौती-भरा काम होता है। उपन्यास-कहानियों जैसी आजादी वहाँ नहीं ली जा सकती है। इस दृष्टि से शास्त्री जी के जीवन पर आधारित कमलेश्वर जी की यह पटकथा नवोदित पटकथा-लेखकों को अलग तरह से प्रशिक्षित करेगी।

                                                  $12
                                                  Kitne Pakistan
                                                  Kitne Pakistan
                                                  SPECIFICATION:
                                                  • Publisher : Rajpal and Sons
                                                  • By:  Kamleshwar (Author)
                                                  • Binding : Hardcover
                                                  • Language : Hindi
                                                  • Edition :2018
                                                  • Pages: 364 pages
                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                  • ISBN-10: 8170283205
                                                  • ISBN-13 :9788170283201

                                                  DESCRIPTION: 

                                                  कमलेश्वर का यह उपन्यास मानवता के दरवाजे पर इतिहास और समय की एक दस्तक है...इस उम्मीद के साथ कि भारत ही नहीं, दुनिया भर में एक के बाद एक दूसरे पाकिस्तान बनाने की लहू से लथपथ यह परम्परा अब खत्म हो...।

                                                                          $40
                                                                          Kashmiri Ki Chuni Hui KahaniyaanKashmiri Ki Chuni Hui Kahaniyaan
                                                                          Kashmiri Ki Chuni Hui Kahaniyaan
                                                                          SPECIFICATION:
                                                                          • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                          • By:  Kamleshwar (Author)
                                                                          • Binding : Hardcover
                                                                          • Language : Hindi
                                                                          • Edition :2012
                                                                          • Pages: 184 pages
                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                          • ISBN-10: 9350640716
                                                                          • ISBN-13 :9789350640715

                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                          कश्मीरी कहानी की शुरुआत का समय पिछली शताब्दी के मध्य में माना जाता है, लेकिन इस थोड़े से समय में ही कश्मीरी कहानी ने अपना एक विशेष स्थान बना लिया है, जिसमें हिन्दू-मुस्लिम संस्कृति का अनोखा मिश्रण देखने को मिलता है। अख्तर मुहीउद्दीन, दीनानाथ ‘नादिम’, उमेश कौल, बशीर अहमद बशीर, विजय माम जैसे जाने-माने लेखकों की कहानियों के साथ छब्बीस और कहानीकारों की कहानियों का संकलन इस पुस्तक में प्रस्तुत है, जिनका चुनाव हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार कमलेश्वर ने किया है और एक विस्तृत भूमिका भी लिखी है। यह पुस्तक हिन्दी के पाठकों को कश्मीरी साहित्य को जानने का अवसर प्रदान करती है।

                                                                                                  $25
                                                                                                  Jo Maine JiyaJo Maine Jiya
                                                                                                  Jo Maine Jiya
                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                  • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                  • By:  Kamleshwar (Author)
                                                                                                  • Binding : Hardcover
                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                  • Edition :2014
                                                                                                  • Pages: 224 pages
                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                  • ISBN-10: 8170281229
                                                                                                  • ISBN-13 :9788170281220

                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                  अपनी मौलिक सूझबूझ और नज़रिये को लेकर लगातार चर्चित तथा विवादास्पद रहने वाले कमलेश्वर की बातें रोचक भी है और पाठकों को अपने साथ अतीत व भविष्य में बहा ले जाने का मादूदा भी रखती है। उम्र की एक खास दहलीज पर पैर रखते ही आदमी को अचानक बीते दिन घेरने लगते है, यादों के धुंधले अक्स साफ दिखने लगते है और बेहद याद आने लगते हैँ--वक्त की पिछली गलियों, घोडों, चौराहों पर पीछे छुट गये लोगों और इन यादों के झरोखे से दिखाई देती है एक पूरी दुनिया-हलचलों, दोस्ती-दुश्मनी, आधी शताब्दी के अनेक छोटे- बड़े साहित्यिक कारनामों और इतिहास-प्रसंगों से भरी-पूरी दुनिया। 'जो मैंने जिया' में कमलेश्वर की इसी दुनिया का चित्रण है।

                                                                                                                          $15
                                                                                                                          Jalti Hui NadiJalti Hui Nadi
                                                                                                                          Jalti Hui Nadi
                                                                                                                          SPECIFICATION:
                                                                                                                          • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                          • By:  Kamleshwar (Author)
                                                                                                                          • Binding : Hardcover
                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                          • Edition :2016
                                                                                                                          • Pages: 206 pages
                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                          • ISBN-10: 8170282985
                                                                                                                          • ISBN-13 :9788170282983

                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                          "ग़ज़ल के इतिहास में जाने की ज़रूरत मैं महसूस नहीं करता। साहित्य की हर विधा अपनी बात और उसे कहने के ढब से, संस्कारों से फ़ौरन पहचानी जाती है। ग़ज़ल की तो यह ख़ासियत है। आप उर्दू जानें या न जानें, पर ग़ज़ल को जान भी लेते हैं और समझ भी लेते हैं। जब 13वीं सदी में, आज से सात सौ साल पहले हिन्दी खड़ी बोली के बाबा आदम अमीर खुसरो ने खड़ी बोली हिन्दी की ग़ज़ल लिखी: जब यार देखा नयन भर दिल की गई चिंता उतर, ऐसा नहीं कोई अजब राखे उसे समझाय कर। जब आँख से ओझल भया, तड़पन लगा मेरा जिया, हक्का इलाही क्या किया, आँसू चले भर लाय कर। तू तो हमारा यार है, तुझ पर हमारा प्यार है, तुझे दोस्ती बिसियार है इक शब मिलो तुम आय कर। जाना तलब तेरी करूं दीगर तलब किसकी करूं, तेरी ही चिंता दिल धरूं इक दिन मिलो तुम आय कर। तो ग़ज़ल का इतिहास जानने की ज़रूरत नहीं थी। अमीर खुसरो के सात सौ साल बाद भी बीसवीं सदी के बीतते बरसों में जब दुष्यंत ने ग़ज़ल लिखी : कहाँ तो तय था चिरागाँ हरेक घर के लिए, कहाँ चिराग़ मय्यसर नहीं शहर के लिए। तब भी इतिहास को जानने की ज़रूरत नहीं पड़ी। जो बात कही गयी, वह सीधे लोगों के दिलो-दिमाग़ तक पहुँच गयी। और जब 'अदम' गोंडवी कहते हैं : ग़ज़ल को ले चलो अब गाँव के दिलकश नज़रों में, मुसलसल फ़न का डीएम घुटता है इन अदबी इदारों में। तब भी इस कथन को समझने के लिए इतिहास को तकलीफ़ देने की ज़रूरत नहीं पड़ती। ग़ज़ल एकमात्र ऐसी विधा हजो किसी ख़ास भाषा के बंधन में बँधने से इंकार करती है। इतिहास को ग़ज़ल की ज़रूरत है, ग़ज़ल को इतिहास की नहीं। इसलिए यह संकलन अभी अधूरा है। ग़ज़ल की तूफ़ानी रचनात्मक बाढ़ को संभाल सकना सम्भव नहीं है। शेष-अशेष अगले संकलनों में। - कमलेश्वर "

                                                                                                                                                  $20
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                                                                                                                                                  Hindustani Gazlen
                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                                                                  • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                  • By:  Kamleshwar (Author)
                                                                                                                                                  • Binding : Paperback
                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                  • Edition :2018
                                                                                                                                                  • Pages: 240 pages
                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                  • ISBN-10: 8170284910
                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9788170284918

                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                  "ग़ज़ल के इतिहास में जाने की ज़रूरत मैं महसूस नहीं करता। साहित्य की हर विधा अपनी बात और उसे कहने के ढब से, संस्कारों से फ़ौरन पहचानी जाती है। ग़ज़ल की तो यह ख़ासियत है। आप उर्दू जानें या न जानें, पर ग़ज़ल को जान भी लेते हैं और समझ भी लेते हैं। जब 13वीं सदी में, आज से सात सौ साल पहले हिन्दी खड़ी बोली के बाबा आदम अमीर खुसरो ने खड़ी बोली हिन्दी की ग़ज़ल लिखी: जब यार देखा नयन भर दिल की गई चिंता उतर, ऐसा नहीं कोई अजब राखे उसे समझाय कर। जब आँख से ओझल भया, तड़पन लगा मेरा जिया, हक्का इलाही क्या किया, आँसू चले भर लाय कर। तू तो हमारा यार है, तुझ पर हमारा प्यार है, तुझे दोस्ती बिसियार है इक शब मिलो तुम आय कर। जाना तलब तेरी करूं दीगर तलब किसकी करूं, तेरी ही चिंता दिल धरूं इक दिन मिलो तुम आय कर। तो ग़ज़ल का इतिहास जानने की ज़रूरत नहीं थी। अमीर खुसरो के सात सौ साल बाद भी बीसवीं सदी के बीतते बरसों में जब दुष्यंत ने ग़ज़ल लिखी : कहाँ तो तय था चिरागाँ हरेक घर के लिए, कहाँ चिराग़ मय्यसर नहीं शहर के लिए। तब भी इतिहास को जानने की ज़रूरत नहीं पड़ी। जो बात कही गयी, वह सीधे लोगों के दिलो-दिमाग़ तक पहुँच गयी। और जब 'अदम' गोंडवी कहते हैं : ग़ज़ल को ले चलो अब गाँव के दिलकश नज़रों में, मुसलसल फ़न का डीएम घुटता है इन अदबी इदारों में। तब भी इस कथन को समझने के लिए इतिहास को तकलीफ़ देने की ज़रूरत नहीं पड़ती। ग़ज़ल एकमात्र ऐसी विधा हजो किसी ख़ास भाषा के बंधन में बँधने से इंकार करती है। इतिहास को ग़ज़ल की ज़रूरत है, ग़ज़ल को इतिहास की नहीं। इसलिए यह संकलन अभी अधूरा है। ग़ज़ल की तूफ़ानी रचनात्मक बाढ़ को संभाल सकना सम्भव नहीं है। शेष-अशेष अगले संकलनों में। - कमलेश्वर "

                                                                                                                                                                          $19
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                                                                                                                                                                          Hindustan Hamara
                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                          • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                          • By:  Kamleshwar (Author)
                                                                                                                                                                          • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                          • Edition :2014
                                                                                                                                                                          • Pages: 176 pages
                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 8170287049
                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9788170287049

                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                          प्रख्यात लेखक कमलेश्वर का एक नया प्रयोग-‘जनमंच’ के रूप में ‘साइट एण्ड साउंड’ (जिसमें मंच एक न होकर विस्तृत भूमि में 10-12 मंच या ‘स्पाट्स’ होते हैं) के माध्यम से स्वाधीनता-संग्राम की रोमांचक कथा-1857 की क्रान्ति, नील विद्रोह, वासुदेव बलवन्त फड़के, बिरसा भगवान, राजा राममोहन राय, स्वामी दयानंद, सर सैयद अहमद, लोकमान्य तिलक, गांधी आदि आज तक के सभी आन्दोलनों का सशक्त चित्रण।

                                                                                                                                                                                                  $15
                                                                                                                                                                                                  Gujarati Ki Chuni Hui KahaniyaanGujarati Ki Chuni Hui Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                  Gujarati Ki Chuni Hui Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                  • By:  Kamleshwar (Author)
                                                                                                                                                                                                  • Binding : Hardcover
                                                                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                  • Edition :2016
                                                                                                                                                                                                  • Pages: 232 pages
                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 8170289238
                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9788170289234

                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                  आबिद सुरती, अंजलि खांड़वाला, धीरेन्द्र मेहता, मोहनभाई पटेल गुजराती साहित्य के जाने-माने नाम हैं। उनकी और अन्य गुजराती लेखकों की चुनी हुई कहानियाँ इस पुस्तक में प्रस्तुत हैं जिनका चुनाव हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार कमलेश्वर ने किया है और साथ ही एक विस्तृत भूमिका भी लिखी है। प्रत्येक भाषा की अपनी प्रकृति होती है, औरों से कुछ हटकर। इस संकलन में आप गुजराती कहानी की अपनी विशेष शैली, अपना विशिष्ट प्रवाह पाएंगे। यह पुस्तक हिन्दी के पाठकों को गुजराती की उत्कृष्ट कहानियों और गुजराती साहित्य को जानने का अवसर प्रदान करती है।

                                                                                                                                                                                                                          $15
                                                                                                                                                                                                                          George Pancham Ki Naak
                                                                                                                                                                                                                          George Pancham Ki Naak
                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                          • By:  Kamleshwar (Author)
                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2007
                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 80 pages
                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 8170282683
                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 : 9788170282686

                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 


                                                                                                                                                                                                                                                  $10
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                                                                                                                                                                                                                                                  Ek Sadak Sattavan Galiyan
                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                  • By:  Kamleshwar (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2017
                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 112 pages
                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 8170283817
                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 : 9788170283812

                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                  ‘‘यह मेरा पहला उपन्यास है। लिखा सन् 1956 में गया था, यह उसी समय पूरा का पूरा हंस में छपा था। फिर सन् 68-69 या शायद इसके बाद श्री प्रेम कपूर ने इस पर फ़िल्म बनाई ‘बदनाम बस्ती’। मेरे लिए यह उपन्यास उतना ही प्रिय है जितनी प्रिय मेरे लिए मेरी माँ और मेरी जन्मभूमि मैनपुरी। तब यह उपन्यास बदनाम बस्ती के नाम से छपा और लोकप्रिय हुआ। अब तक मेरी ही तरह गर्दिश में चकराता हुआ यह उपन्यास अब अपने मूल नाम से प्रस्तुत है: एक सड़क सत्तावन गलियां’’

                                                                                                                                                                                                                                                                          $15
                                                                                                                                                                                                                                                                          Dogri Ki Chuni Hui KahaniyaanDogri Ki Chuni Hui Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                                                                                          Dogri Ki Chuni Hui Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:  Kamleshwar (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2012
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 184 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 8170289122
                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 : 9788170289128

                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                          डोगरी भाषा का कोई एक विशेष जन्म स्थान नहीं माना जा सकता। यह जम्मू एवं कश्मीर और पंजाब के कई इलाकों में बोली जाती है और शायद यही कारण है कि डोगरी पर पंजाबी और उर्दू दोनों भाषाओं का बहुत प्रभाव पड़ा और जो उसके साहित्य में भी दिखता है। ओम गोस्वामी, विष्णुनाथ खजूरिया, शिवदेव मनहास, तारा दानपुरे डोगरी के जाने-माने नाम हैं। उनकी और अन्य डोगरी लेखकों की चुनी हुई कहानियाँ इस पुस्तक में संकलित हैं जिनका चुनाव हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार कमलेश्वर ने किया है और साथ ही एक विस्तृत भूमिका भी लिखी है।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $25
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Bharatmata Gramvasini
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Bharatmata Gramvasini
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By:  Kamleshwar (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding : Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2014
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 100 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 : 9788170285984

                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                  पिछले दिनों कमलेश्वर को पाकिस्तान जाने का अवसर मिला लेखकों के सम्मेलन में। वहाँ रहकर, छोटे-बड़े, सभी व्यक्तियों से मिलकर, पाकिस्तानी लेखकों और लेखिकाओं से खुले दिल से बातें करके, वहाँ की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को देख-भाल कर जो अनुभव उन्होंने प्राप्त किए, उन्हें अपने खास अन्दाज़ में लिखा है। पाकिस्तान आज एक कठिन दौर से गुजर रहा है। अनेक विरोधाभासों, विषमताओं और विसंगतियों में लोग जी रहे हैं। जहाँ एक ओर गरीबों की पराकाष्ठा है तो दूसरी ओर अमीरी और जागीरदारी की। एक ओर सरकारी तौर पर शराबबन्दी है तो दूसरी ओर अमीरों के घर-घर में मयखाने खुले हैं। इन्हें पढ़कर आज के पाकिस्तान का सजीव चित्र आपके सामने आएगा। इस पुस्तक का एक विशेष प्रसंग है उन कैदियों के पत्र जो उन्होंने कमलेश्वर को लिखे। जो हिन्दुस्तान और पाकिस्तान के जेलों में कई वर्षों से बन्द हैं।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $15
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Ankhon Dekha Pakistan
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:  Kamleshwar (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 : 9788170286417

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          पिछले दिनों कमलेश्वर को पाकिस्तान जाने का अवसर मिला लेखकों के सम्मेलन में। वहाँ रहकर, छोटे-बड़े, सभी व्यक्तियों से मिलकर, पाकिस्तानी लेखकों और लेखिकाओं से खुले दिल से बातें करके, वहाँ की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को देख-भाल कर जो अनुभव उन्होंने प्राप्त किए, उन्हें अपने खास अन्दाज़ में लिखा है। पाकिस्तान आज एक कठिन दौर से गुजर रहा है। अनेक विरोधाभासों, विषमताओं और विसंगतियों में लोग जी रहे हैं। जहाँ एक ओर गरीबों की पराकाष्ठा है तो दूसरी ओर अमीरी और जागीरदारी की। एक ओर सरकारी तौर पर शराबबन्दी है तो दूसरी ओर अमीरों के घर-घर में मयखाने खुले हैं। इन्हें पढ़कर आज के पाकिस्तान का सजीव चित्र आपके सामने आएगा। इस पुस्तक का एक विशेष प्रसंग है उन कैदियों के पत्र जो उन्होंने कमलेश्वर को लिखे। जो हिन्दुस्तान और पाकिस्तान के जेलों में कई वर्षों से बन्द हैं।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $18
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  VikramorvashiVikramorvashi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Vikramorvashi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By: Kalidas (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2015
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 152 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 8170287766
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 : 9788170287766

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $12
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Raghuvansh
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By: Kalidas (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2018
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 120 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 8170283701
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 : 9788170283706

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          ‘रघुवंश’ संस्कृत साहित्य का एक उत्कृष्ट महाकाव्य है जिसमें रघु के वंश की विस्तृत गाथा कही गई है। उल्लेखनीय बात यह है कि महाकवि कालिदास ने महान् और यशस्वी राजा दिलीप की तपस्या, रघु के पराक्रम और राम के अलौकिक व्यक्तित्व का वर्णन जिस खूबसूरती से किया है, उसी बेबाकी से उनके व्यसनी और निर्बल उत्तराधिकारियों का वर्णन भी किया है। महाकवि कालिदास ‘उपमा’ के लिए विश्वप्रसिद्ध हैं और इस पुस्तक में उपमा के अनेक सुन्दर श्लोक हैं। ‘अभिज्ञान शाकुन्तल’ और ‘मेघदूत’ जैसे महाकाव्यों की ही श्रेणी में है ‘रघुवंश’ जिसे पढ़ने का आनन्द अब हिन्दी में भी आप ले सकते हैं।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $12
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Kumarsambhav
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By: Kalidas (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2017
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 120 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 : 9788170287728

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  संस्कृत के सर्वश्रेष्ठ कवि कालिदास ने ‘कुमारसंभव’ महाकाव्य में श्रृंगार-सौन्दर्य का जैसा वर्णन किया है वैसा अन्यत्र दुर्लभ हैं। ‘उपमा कालिदासस्य’ तो प्रसिद्ध ही है कि आज तक कोई कवि कालिदास जैसी उपमा नहीं दे सका। ‘कुमारसंभव’ में कालिदास ने शिव-पार्वती के अंतरंग क्षणों का ऐसा जीवन्त सौन्दर्य-चित्रण किया जो संस्कृत साहित्य में अनुपम है। ‘कुमारसंभव’ संस्कृत साहित्य की गौरवपूर्ण कृतियों में एक उल्लेखनीय महाकाव्य है जिसको पढ़ते समय पाठक उसी में रम जाता है।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $18
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Abhigyan Shakuntal
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By: Kalidas (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2018
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 112 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 8170287731
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 : 9788170287735

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          ‘‘काव्यों में नाटक सुन्दर माने जाते हैं; नाटकों में ‘अभिज्ञान शाकुन्तल’ सबसे श्रेष्ठ है; शाकुन्तल में भी चौथा अंक और उस अंक में भी चार श्लोक अनुपम हैं।’’ एक अनुभवी और विद्वान आलोचक के इस कथन के बाद ‘अभिज्ञान शाकुन्तल’ के बारे में और क्या कहा जा सकता है! भारत की गौरवशाली और समृद्ध परम्परा, सांस्कृतिक वैभव, प्रकृति के साथ मानवीय अंतरंगता, यहां तक कि वन्य जीवों के साथ भी बन्धुत्व की भावना- इन सबका महाकवि कालिदास ने इस नाटक में जैसा वर्णन किया है, वह वास्तव में अनुपम है। विश्व की अनेक भाषाओं में ‘अभिज्ञान शाकुन्तल’ का अनुवाद हुआ है और सभी ने इसकी मुक्त कंठ से प्रशंसा की है।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $12
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Meri Priya Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By: Ravindra Kalia (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language : Hindi
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 144 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 : 9789350643044

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  हिन्दी साहित्य में ‘नयी कहानी आन्दोलन’ के बाद उभरे लेखकों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले लेखक रवीन्द्र कालिया की कहानियों की मौलिक विशेषता है युवा जीवन की संवेदनाओं का रेखांकन। उनकी कहानियों में हमारे शहरों-कस्बों की ज़िन्दगी में आ गयी जकड़बन्दी और दमघोंटू वातावरण का सजीव चित्रण है जो पाठकों को यथास्थिति से टकराने का हौंसला देता है। विधा के स्तर पर भी वे प्रयोगशील हैं और सामान्य कहानियों के साथ लम्बी कहानी का सधा हुआ कौशल भी उनके यहाँ दिखाई देता है। वे अपने लेखन में किसी शैली या भंगिमा को स्थायी नहीं बनने देते बल्कि लगातार नया-अलहदा और भिन्न रचने की तड़प उन्हें अपनी पीढ़ी में आदर्श कथाकार होने की वजह देती है। इन कहानियों का चुनाव स्वयं रवीन्द्र कालिया ने किया था और 2016 में उनके असामयिक निधन के बाद उनकी पत्नी ममता कालिया इन्हें पाठकों के लिए प्रस्तुत कर रही हैं।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $12
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Meri Priya Kahaniyaan
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:  Mamta Kalia (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2019
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 128 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 : 9789350643860

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          हिन्दी के समकालीन कथाकारों में वरिष्ठ ममता कालिया का लेखन नया और ताजगी भरा लगता है क्योंकि वे अपने आप को लगातार पुनर्नवा करती रही हैं। नब्बे के दशक में आये स्त्री विमर्श की नयी उत्तेजना के बहुत पहले उन्होंने ‘आपकी छोटी लड़की’ जैसी कहानी लिखी थी तो बिलकुल इधर के सामाजिक संक्रमण का राष्ट्रीय रूपक ‘दल्ली’ में देखा जा सकता है। ममता कालिया की भाषा की बहुत प्रशंसा हुई है। ब्रज की मिठास हो या इलाहाबाद का अवधी रंग - इस भाषा ने फिर साबित किया है कि सीधी लकीर खींचना सचमुच टेढ़ा काम है। हिन्दी कहानी को ऊँचाई देने वाली इस कथाकार की अपनी प्रिय कहानियों का यह संग्रह पाठकों को प्रिय होगा इसमें संदेह नहीं।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $12
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Samay Ki Shila Par
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By:  Himanshu Joshi (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding : Hardcover 
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language :  English
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 108 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 : 9788170284796

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $10
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Tilasm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:  Sharad Joshi (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Paperback 
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language :  English
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2016
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 144 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 9350641836
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 : 9789350641835

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          हिन्दी के जाने-माने व्यंग्यकार शरद जोशी के व्यंग्य जहाँ पाठक के मन को गुदगुदाते हैं वहीं सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विसंगतियों को दर्शाते हुए करारी चोट भी करते हैं। इतना ही नहीं प्रशासन द्वारा आम लोगों की समस्याओं को हल करने की नाकाम कोशिशों पर कटाक्ष करने से भी नहीं चूकते। ‘तिलस्म’ में लेखक ने इसी चिर-परिचित शैली द्वारा समाज में फैले अंधविश्वासों पर प्रहार किया है। साथ ही रोज़मर्रा के जीवन की छोटी-छोटी किंतु महत्त्वपूर्ण स्थितियों को नई दिशा देते हुए जिस पैनी दृष्टि का परिचय दिया है वह पाठक को सहज ही प्रभावित करती है। 21 मई, 1931 को उज्जैन में जन्मे शरद जोशी का निधन 5 सितंबर, 1991 को मुंबई में हुआ। ‘छोटी सी बात’ और ‘उत्सव’ आदि चर्चित फिल्मों की पटकथा लिखने के अलावा उन्होंने कई टीवी धारावाहिक भी लिखे।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $12
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Pichhle Dino
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By:  Sharad Joshi (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding : Paperback 
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language :  English
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2014
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 100 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 : 9788170288831

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $12
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Jaadu Ki Sarkar
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:  Sharad Joshi (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Paperback 
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language :  English
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2017
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 144 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 8170282276
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9788170282273

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          ‘जादू की सरकार’ हिन्दी के अप्रतिम और अविस्मरणीय व्यंग्यकार शरत जोशी के अब तक अप्रकाशित व्यंग्य-लेखों का संकलन है। रोज़मर्रा के जीवन-संदर्भों को आधार बनाकर लिखे गए इन लेखों में चुभन भी है और गुदगुदाहट भी। इनमें देश की शासन-व्यवस्था की ख़ामियों पर व्यंग्य है, सामाजिक-आर्थिक जीवन की विसंगतियों पर व्यंग्य है और है, आम लोगों की ज़िन्दगी से जुड़ी समस्याओं के हल के लिए की जा रही तमाम नाकाम कोशिशों पर व्यंग्य। व्यंग्यकार ने किसी भी दोष को अनदेखा नहीं किया, न ही किसी घाव या विकृति को ढंकने की कोशिश की है। उनके व्यंग्य सीधे चोट नहीं करते बल्कि अंतर्मन को झकझोरते हैं। शरद जोशी हिन्दी के पहले व्यंग्यकार हैं जिन्होंने व्यंग्य-विधा को काव्यमंच पर प्रतिष्ठित कराकर उसे अपूर्व ऊँचाई और व्यापक लोकप्रियता प्रदान की। व्यंग्य लिखना उनके लिए ज़िन्दगी जी लेने की तरकीब थी। हिन्दी व्यंग्य-रचनाओं में शरद जोशी की लेखन-शैली सबसे अधिक तराशी हुई लगती है। यह तराश संकलन के लेखों में भी स्पष्ट दिखाई देती है।-प्रकर। ‘जादू की सरकार’ में शरद जोशी ने समाज की सड़न को इस रूप में अनावृत्त किया है कि वह चुभती भी है और गुदगुदाती भी है।-रांची एक्सप्रेस। दैनिक जीवन की छोटी-से-छोटी किन्तु महत्त्वपूर्ण समस्या पर जिस बारीकी से इन व्यंग्यों में अभिव्यक्ति मिली है वह अन्यत्र मिलना कठिन है।-नवनीत।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $18

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