Literature & Fiction Books

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Shesh PrashnShesh Prashn
Shesh Prashn
SPECIFICATION:
  • Publisher : Rajpal and Sons
  • By: Sharat Chandra Chattopadhyaya (Author)
  • Binding :Paperback
  • Language : Hindi
  • Edition :2016
  • Pages: 292 pages
  • Size : 20 x 14 x 4 cm
  • ISBN-10: 8174831770
  • ISBN-13 :9788174831774

DESCRIPTION: 

बीसवीं सदी के प्रारम्भिक दौर में बांगला समाज में जहाँ नारी को कुछ बोलने की आज़ादी नहीं थी, उस परिवेश में जब कमल अलग-अलग मुद्दों पर अपने पति से प्रश्न करती है तो उसे यह फूटी आँख नहीं भाता। स्वतंत्र विचार वाली मुँहफट कमल का हर प्रश्न पुरुष के नारी के ऊपर स्वामित्व की नींव पर चोट पहुँचाता है। जैसे-जैसे कमल के प्रश्न बढ़ते हैं, उसके और उसके पति शिवनाथ, जिससे वह पूरे रीति-रिवाज़ से ब्याही भी नहीं है, के बीच टकराव और तनाव बढ़ता जाता है और कमल अपने अलग रास्ते पर निकल जाती है... 1931 में लिखा शरतचन्द्र का यह उपन्यास आज भी उतना ही प्रासंगिक है, क्योंकि नारी जिन प्रश्नों के उत्तर तब तलाश रही थी वे आज भी अनुत्तरित हैं।

                          $20
                          DevdasDevdas
                          Devdas
                          SPECIFICATION:
                          • Publisher : Rajpal and Sons
                          • By: Sharat Chandra Chattopadhyaya (Author)
                          • Binding :Paperback
                          • Language : Hindi
                          • Edition :2016
                          • Pages: 112 pages
                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                          • ISBN-10: 8174831762
                          • ISBN-13 :9788174831767

                          DESCRIPTION: 

                          देवदास, पारो और चंद्रमुखी -ये तीनो किरदार प्रेम के ऐसे प्रतीक बन गये है की उनकी गिनती लैला -मजनू , शीरी फरहाद , हीर -राँझा के साथ होने लगी . बीसवी सदी के बंगाल के जमीदार समाज की पृष्टभूमि में स्थित यह एक मार्मिक प्रेमगाथा है . इसमें देवदास को अपने बचपन के साथी पारो से अटूट प्यार है लेकिन यह प्यार परवान नहीं चढ़ता . हताश ,परेशान देवदास जब शराब को अपना सहारा बना लेता है तब उसकी जिन्दगी में आती है चंद्रमुखी . देवदास और चंद्रमुखी का रिश्ता अनोखा है - जिसमे प्यार की अनुभुति के विभिन्न रंग एक साथ झलकते है . उपन्यास के हर पृष्ट पर लेखक की गहरी संवेदना , बारीकी से अपने आसपास के समाज को देखने -परखने की नज़र और इन सबको अपनी कलम से कागज़ पर उतारने की बेजोड़ क्षमता ही कारण है की 1917 में लिखा यह उपन्यास आज भी पाठको के बीच इतना लोकप्रिय है . बंगला लेखक शरतचंद्र चटोपाध्याय के इस लोकप्रिय उपन्यास का अनेक भाषाओं मे अनुवाद हो चुका है और भारत में ही इस पर कई भाषाओं में ही इस पर कई भाषाओं में एक दर्ज़न से अधिक फिल्मे बन चुकी हैं।

                                                  $15
                                                  Bindo Ka LadkaBindo Ka Ladka
                                                  Bindo Ka Ladka
                                                  SPECIFICATION:
                                                  • Publisher : Rajpal and Sons
                                                  • By: Sharat Chandra Chattopadhyaya (Author)
                                                  • Binding :Paperback
                                                  • Language : Hindi
                                                  • Edition :2014
                                                  • Pages: 32 pages
                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                  • ISBN-10: 9380300212
                                                  • ISBN-13 :9789380300214

                                                  DESCRIPTION: 

                                                  "इस उपन्यास में प्राग्वेदकालीन नर, नाग, देव, दैत्य-दानव, आर्य, अनार्य आदि विविध नृवंशों के जीवन के वे विस्मृत-पुरातन रेखाचित्र हैं, जिन्हें धर्म के रंगीन शीशे में देखकर सारे संसार ने अन्तरिक्ष का देवता मान लिया था। मैं इस उपन्यास में उन्हें नर-रूप में आपके समक्ष उपस्थित करने का साहस कर रहा हूँ। आज तक कभी मनुष्य की वाणी से न सुनी गई बातें, मैं आपको सुनाने पर आमादा हूँ।... उपन्यास में मेरे अपने जीवन-भर के अध्ययन का सार है..."

                                                                          $10
                                                                          Vayam RakshamVayam Raksham
                                                                          Vayam Raksham
                                                                          SPECIFICATION:
                                                                          • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                          • By: Acharya Chatursen (Author)
                                                                          • Binding :Hardcover
                                                                          • Language : Hindi
                                                                          • Edition :2017
                                                                          • Pages: 416 pages
                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                          • ISBN-10: 8170281350
                                                                          • ISBN-13 :9788170281351

                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                          "इस उपन्यास में प्राग्वेदकालीन नर, नाग, देव, दैत्य-दानव, आर्य, अनार्य आदि विविध नृवंशों के जीवन के वे विस्मृत-पुरातन रेखाचित्र हैं, जिन्हें धर्म के रंगीन शीशे में देखकर सारे संसार ने अन्तरिक्ष का देवता मान लिया था। मैं इस उपन्यास में उन्हें नर-रूप में आपके समक्ष उपस्थित करने का साहस कर रहा हूँ। आज तक कभी मनुष्य की वाणी से न सुनी गई बातें, मैं आपको सुनाने पर आमादा हूँ।... उपन्यास में मेरे अपने जीवन-भर के अध्ययन का सार है..."

                                                                                                  $30
                                                                                                  Vaishali Ki NagarvadhuVaishali Ki Nagarvadhu
                                                                                                  Vaishali Ki Nagarvadhu
                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                  • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                  • By: Acharya Chatursen (Author)
                                                                                                  • Binding :Paperback
                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                  • Edition :2020
                                                                                                  • Pages: 448 pages
                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                  • ISBN-10: 9389373344
                                                                                                  • ISBN-13 :9789389373349

                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                  'वैशाली की नगरवधू' एक क्लासिक उपन्यास है जिसकी गणना हिन्दी के सर्वश्रेष्ठ उपन्यासों में की जाती है। इस उपन्यास के संबंध में इसके लेखक आचार्य चतुरसेन जी ने कहा था: "मैं अब तक की अपनी सारी रचनाओं को रद्द करता हूं और 'वैशाली की नगरवधू को अपनी एकमात्र रचना घोषित करता हूँ।" 'वैशाली की नगरवधू' में आज से ढाई हज़ार वर्ष पूर्व के भारतीय जीवन का एक जीता-जागता चित्र अंकित हैं। उपन्यास का मुख्य चरित्र है-स्वाभिमान और दर्प की साक्षात् मूर्ति] लोक-सुन्दरी अम्बपाली] जिसे बलात् वेश्या घोषित कर दिया गया था, और जो आधी शताब्दी तक अपने युग के समस्त भारत के सम्पूर्ण राजनीतिक और सामाजिक जीवन का केन्द्र-बिन्दु बनी रही। उपन्यास में मानव-मन की कोमलतम भावनाओं का बड़ा हृदयहारी चित्रण हुआ है। यह श्रेष्ठ रचना अब अपने अभिवन रूप में प्रस्तुत है।

                                                                                                                          $34
                                                                                                                          Vaishali Ki Nagarvadhu
                                                                                                                          Vaishali Ki Nagarvadhu
                                                                                                                          SPECIFICATION:
                                                                                                                          • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                          • By: Acharya Chatursen (Author)
                                                                                                                          • Binding :Hardcover
                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                          • Edition :2017
                                                                                                                          • Pages: 448 pages
                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                          • ISBN-10: 8170282829
                                                                                                                          • ISBN-13 :9788170282822

                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                          'वैशाली की नगरवधू' एक क्लासिक उपन्यास है जिसकी गणना हिन्दी के सर्वश्रेष्ठ उपन्यासों में की जाती है। इस उपन्यास के संबंध में इसके लेखक आचार्य चतुरसेन जी ने कहा था: "मैं अब तक की अपनी सारी रचनाओं को रद्द करता हूं और 'वैशाली की नगरवधू को अपनी एकमात्र रचना घोषित करता हूँ।" 'वैशाली की नगरवधू' में आज से ढाई हज़ार वर्ष पूर्व के भारतीय जीवन का एक जीता-जागता चित्र अंकित हैं। उपन्यास का मुख्य चरित्र है-स्वाभिमान और दर्प की साक्षात् मूर्ति] लोक-सुन्दरी अम्बपाली] जिसे बलात् वेश्या घोषित कर दिया गया था, और जो आधी शताब्दी तक अपने युग के समस्त भारत के सम्पूर्ण राजनीतिक और सामाजिक जीवन का केन्द्र-बिन्दु बनी रही। उपन्यास में मानव-मन की कोमलतम भावनाओं का बड़ा हृदयहारी चित्रण हुआ है। यह श्रेष्ठ रचना अब अपने अभिवन रूप में प्रस्तुत है।

                                                                                                                                                  $18
                                                                                                                                                  Sona Aur Khoon - 4Sona Aur Khoon - 4
                                                                                                                                                  Sona Aur Khoon - 4
                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                                                                  • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                  • By: Acharya Chatursen (Author)
                                                                                                                                                  • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                  • Edition :2017
                                                                                                                                                  • Pages: 304 pages
                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                  • ISBN-10: 9386534266
                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9789386534262

                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                  ‘‘सोने का रंग पीला होता है और खून का रंग सुर्ख। पर तासीर दोनों की एक है। खून मनुष्य की रगों में बहता है, और सोना उसके ऊपर लदा हुआ है। खून मनुष्य को जीवन देता है, जबकि सोना उसके जीवन पर खतरा लाता है। पर आज के मनुष्य का खून पर उतना मोह नहीं है, जितना सोने पर है। वह एक-एक रत्ती सोने के लिए अपने शरीर की एक-एक बूँद खून बहाने को आमादा है। जीवन को सजाने के लिए वह सोना चाहता है, और उसके लिए खून बहाकर वह जीवन को खतरे में डालता है। आज के सभ्य संसार का यह सबसे बड़ा कारोबार है।’’ सोना और खून आचार्य चतुरसेन का चार भागों में लिखा उत्कृष्ट उपन्यास है जिसकी उल्लेखनीय विशेषता यह है कि इसका हर भाग अपने में सम्पूर्ण है। लेखक का लक्ष्य इस उपन्यास को दस भागों में पूरा करने का था, लेकिन अपने जीवनकाल मं् वे मात्र चार भाग ही लिख पाये। 1957 में प्रकाशित यह उपन्यास जितना उस समय लोकप्रिय था, उतना ही आज भी है।

                                                                                                                                                                          $34
                                                                                                                                                                          Sona Aur Khoon - 3Sona Aur Khoon - 3
                                                                                                                                                                          Sona Aur Khoon - 3
                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                          • By: Acharya Chatursen (Author)
                                                                                                                                                                          • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                          • Edition :2017
                                                                                                                                                                          • Pages: 304 pages
                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 9386534258
                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9789386534255

                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                          ‘‘सोने का रंग पीला होता है और खून का रंग सुर्ख। पर तासीर दोनों की एक है। खून मनुष्य की रगों में बहता है, और सोना उसके ऊपर लदा हुआ है। खून मनुष्य को जीवन देता है, जबकि सोना उसके जीवन पर खतरा लाता है। पर आज के मनुष्य का खून पर उतना मोह नहीं है, जितना सोने पर है। वह एक-एक रत्ती सोने के लिए अपने शरीर की एक-एक बूँद खून बहाने को आमादा है। जीवन को सजाने के लिए वह सोना चाहता है, और उसके लिए खून बहाकर वह जीवन को खतरे में डालता है। आज के सभ्य संसार का यह सबसे बड़ा कारोबार है।’’ सोना और खून आचार्य चतुरसेन का चार भागों में लिखा उत्कृष्ट उपन्यास है जिसकी उल्लेखनीय विशेषता यह है कि इसका हर भाग अपने में सम्पूर्ण है। लेखक का लक्ष्य इस उपन्यास को दस भागों में पूरा करने का था, लेकिन अपने जीवनकाल मं् वे मात्र चार भाग ही लिख पाये। 1957 में प्रकाशित यह उपन्यास जितना उस समय लोकप्रिय था, उतना ही आज भी है।

                                                                                                                                                                                                  $34
                                                                                                                                                                                                  Sona Aur Khoon - 2Sona Aur Khoon - 2
                                                                                                                                                                                                  Sona Aur Khoon - 2
                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                  • By: Acharya Chatursen (Author)
                                                                                                                                                                                                  • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                  • Edition :2017
                                                                                                                                                                                                  • Pages: 304 pages
                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 93865342410
                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9789386534248

                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                  ‘‘सोने का रंग पीला होता है और खून का रंग सुर्ख। पर तासीर दोनों की एक है। खून मनुष्य की रगों में बहता है, और सोना उसके ऊपर लदा हुआ है। खून मनुष्य को जीवन देता है, जबकि सोना उसके जीवन पर खतरा लाता है। पर आज के मनुष्य का खून पर उतना मोह नहीं है, जितना सोने पर है। वह एक-एक रत्ती सोने के लिए अपने शरीर की एक-एक बूँद खून बहाने को आमादा है। जीवन को सजाने के लिए वह सोना चाहता है, और उसके लिए खून बहाकर वह जीवन को खतरे में डालता है। आज के सभ्य संसार का यह सबसे बड़ा कारोबार है।’’ सोना और खून आचार्य चतुरसेन का चार भागों में लिखा उत्कृष्ट उपन्यास है जिसकी उल्लेखनीय विशेषता यह है कि इसका हर भाग अपने में सम्पूर्ण है। लेखक का लक्ष्य इस उपन्यास को दस भागों में पूरा करने का था, लेकिन अपने जीवनकाल मं् वे मात्र चार भाग ही लिख पाये। 1957 में प्रकाशित यह उपन्यास जितना उस समय लोकप्रिय था, उतना ही आज भी है।

                                                                                                                                                                                                                          $34
                                                                                                                                                                                                                          Sona Aur Khoon - 1Sona Aur Khoon - 1
                                                                                                                                                                                                                          Sona Aur Khoon - 1
                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                          • By: Acharya Chatursen (Author)
                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2017
                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 240 pages
                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 9386534231
                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9789386534231

                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                          ‘‘सोने का रंग पीला होता है और खून का रंग सुर्ख। पर तासीर दोनों की एक है। खून मनुष्य की रगों में बहता है, और सोना उसके ऊपर लदा हुआ है। खून मनुष्य को जीवन देता है, जबकि सोना उसके जीवन पर खतरा लाता है। पर आज के मनुष्य का खून पर उतना मोह नहीं है, जितना सोने पर है। वह एक-एक रत्ती सोने के लिए अपने शरीर की एक-एक बूँद खून बहाने को आमादा है। जीवन को सजाने के लिए वह सोना चाहता है, और उसके लिए खून बहाकर वह जीवन को खतरे में डालता है। आज के सभ्य संसार का यह सबसे बड़ा कारोबार है।’’ सोना और खून आचार्य चतुरसेन का चार भागों में लिखा उत्कृष्ट उपन्यास है जिसकी उल्लेखनीय विशेषता यह है कि इसका हर भाग अपने में सम्पूर्ण है। लेखक का लक्ष्य इस उपन्यास को दस भागों में पूरा करने का था, लेकिन अपने जीवनकाल मं् वे मात्र चार भाग ही लिख पाये। 1957 में प्रकाशित यह उपन्यास जितना उस समय लोकप्रिय था, उतना ही आज भी है।

                                                                                                                                                                                                                                                  $31
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                                                                                                                                                                                                                                                  Somnath
                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                  • By: Acharya Chatursen (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2017
                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 400 pages
                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 8170281571
                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9788170281573

                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                  सोमनाथ हिन्दी साहित्य के कालजयी उपन्यासों में से है। बहुत कम ऐतिहासिक उपन्यास इतने रोचक और लोकप्रिय हुए हैं। इसके पीछे आचार्य चतुरसेन की वर्षों की साधना, गहन अध्ययन और सबसे बढ़कर उनकी लाजवाब लेखन-शैली है। बारह ज्योतिर्लिंगों में सोमनाथ का अग्रणी स्थान है। अन्य विदेशी आक्रमणकारियों के अलावा महमूद गजनवी ने इस आदि-मंदिर के वैभव को 16 बार लूटा। पर सूर्यवंशी राजाओं के पराक्रम से वह भय भी खाता था। फिर भी लूट का यह सिलसिला सदियों तक चला। यह सब इस उपन्यास की पृष्ठभूमि है। ‘सोमनाथ’ का दूसरा पक्ष भी है जो उपन्यास में जीवंत हुआ है। मंदिर के विशाल प्रांगण में गूंजती घुंघरुओं की झनकार इस जीवन की लय को ताल देती है। जीवन का यह संगीत भारत के जनमानस का संगीत है। आततायियों के नगाड़ों का शोर इसे दबा नहीं पाता। एक अजब सी शक्ति से वह फिर-फिर उठता है और करता है-एक और पुनर्निर्माण। निर्माण और विध्वंस की यही श्रृंखला इस कथा का आधार है।

                                                                                                                                                                                                                                                                          $15
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                                                                                                                                                                                                                                                                          Dharmaputra
                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                          • By: Acharya Chatursen (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2017
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 160 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 8170288428
                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9788170288428

                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                          धर्मपुत्र मनुष्य की अस्मिता के बारे में मूल प्रश्न उठाता है-क्या किसी इंसान का अस्तित्व इस बात पर निर्भर है कि वह किस परिवार में जन्मा या उसे किस प्रकार की शिक्षा संस्कार दिए गए या फिर इंसान की अस्मिता धर्म, शिक्षा और संस्कारों से परे इंसानियत से जुड़े जीवन-मूल्यों से है। यह कहानी है हिन्दू और मुसलमान परिवार की जिनका आपस में प्रेम भरा संबंध है। मुस्लिम परिवार की जवान लड़की की नाजायज़ औलाद को हिन्दू परिवार अपना लेता है और हिन्दू संस्कारों से उसका पालन-पोषण करता है। जवान होते-होते यह लड़का कट्टर हिन्दू बन जाता है और उसकी धारणा है कि मुसलमानों को भारत छोड़ देना चाहिए। इसी दौरान उसे अपनी जन्म देने वाली मां की सच्चाई का पता चलता है। मां और बेटे के आपसी संबंध होने के बावजूद वे नदी के दो अलग-अलग किनारों की तरह खड़े हैं और बीच में घृणा और अविश्वास की सुलगती नदी बह रही है। मशहूर फ़िल्म-निर्माता यश चोपड़ा ने 1961 में इस उपन्यास पर इसी नाम से फ़िल्म बनाई थी जो बहुत ही लोकप्रिय हुई थी।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $35
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Devangana
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By: Acharya Chatursen (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding :Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition :2017
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 128 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 9350642700
                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9789350642702

                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                  वैशाली की नगरवधू, वयं रक्षाम: और सोमनाथ जैसे सुप्रसिद्ध उपन्यासों के लेखक आचार्य चतुरसेन के इस उपन्यास की पृष्ठभूमि बारहवीं ईस्वी सदी का बिहार है जब बौद्ध धर्म कुरीतियों के कारण पतन की ओर तेज़ी से बढ़ रहा था। कहानी है बौद्ध भिक्षु दिवोदास की, जो धर्म के नाम पर होने वाले दुराचारों को देखकर विद्रोह कर डालता है। जिसके लिए उसे कारागार और पागलखाने में डाल दिया जाता है। वहां पर उसे एक देवदासी और एक भूतपूर्व सेवक सहारा देते हैं और उनकी सहायता से दिवोदास धर्म के नाम पर किए जाने वाले अत्याचारों का भंडाफोड़ करता है। आचार्य चतुरसेन ने किस्सागोई के अपने खास अंदाज़ में, इस कथानक के जरिये धर्म और धर्म के ढोंग को बहुत ही भावनात्मक और रोचक ढंग से चित्रित किया है और दिखाया है कि भारत से बौद्ध धर्म का लोप किन कारणों से हुआ। पठनीयता इतनी है कि शुरू से अंत तक पाठक को बाँधे रखती है।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $15
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Badi Begum
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By: Acharya Chatursen (Author)
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding :Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language : Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition :2015
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 9350643332
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9789350643334

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION: 

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          आचार्य चतुरसेन हिन्दी के सुप्रसिद्ध साहित्यकार हैं जिन्होंने सैकड़ों कहानियाँ और कई चर्चित उपन्यास लिखे हैं। उनका रचनात्मक फलक बहुत विशाल था जिसमें उन्होंने धर्म, राजनीति, समाजशास्त्र, स्वास्थ्य और चिकित्सा आदि विषयों पर लिखा। उनकी 150 से अधिक प्रकाशित रचनाएँ हैं जो अपने में एक कीर्तिमान है। ऐतिहासिक उपन्यासों के लेखक के रूप में उनकी विशेष प्रतिष्ठा है। बड़ी बेगम की कई कहानियों में भी मुगलकाल के इतिहास की झलक मिलती है। उनकी पहली कहानी ‘सच्चा गहना’, जो इस पुस्तक में भी सम्मिलित है, उस समय की लोकप्रिय मासिक पत्रिका गृहलक्ष्मी में 1917-1918 में प्रकाशित हुई थी। उनकी बहुआयामी प्रतिभा और भाषा पर पकड़ उनके लेखन को विशेष पहचान देती है।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $15
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Ve Awara DinVe Awara Din
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Ve Awara Din
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By:  Ruskin Bond
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language :  Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition : 2018
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 132 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 9350641607
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9789350641606

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION:

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  रस्टी एक 16 वर्षीय एंग्लो-इंडियन लड़का है जो देहरादून में अपने अंग्रेज़ रिश्तेदारों के साथ रहता है। विद्रोही, मनमौजी, घुमक्कड़ और हमेशा नई जगहों की खोजबीन करने के लिए उतावला रस्टी अपने घर से भाग जाता है। रास्ते में मिलता है किशन और दोनों मिलकर अनजाने रास्तों और मंज़िलों की ओर चल पड़ते हैं। चलते-चलते नए दोस्त और नए जोखिम भी मिलते हैं जो उन्हें ज़िंदगी की जटिल और उलझी सच्चाइयों को समझने में मददगार साबित होते हैं लेकिन इससे भी उनके आज़ाद और आवारा मन की गति नहीं थमती। रस्किन बान्ड के क्लासिक उपन्यास ‘रूम ऑन द रूफ’ को आगे बढ़ाती हुई शरारती, साहसी और जोखिमभरे कारनामे करनेवाले रस्टी और उसके दोस्त किशन की मन को गुदगुदाने वाली कहानी है-वे आवारा दिन। 1992 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित रस्किन बान्ड भारत के एक बहुत ही लोकप्रिय लेखक हैं।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $10
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Ve Awara DinVe Awara Din
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Ve Awara Din
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:  Ruskin Bond
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language :  Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition : 2014
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 132 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 93506419510
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9789350641958

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION:

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          रस्टी एक 16 वर्षीय एंग्लो-इंडियन लड़का है जो देहरादून में अपने अंग्रेज़ रिश्तेदारों के साथ रहता है। विद्रोही, मनमौजी, घुमक्कड़ और हमेशा नई जगहों की खोजबीन करने के लिए उतावला रस्टी अपने घर से भाग जाता है। रास्ते में मिलता है किशन और दोनों मिलकर अनजाने रास्तों और मंज़िलों की ओर चल पड़ते हैं। चलते-चलते नए दोस्त और नए जोखिम भी मिलते हैं जो उन्हें ज़िंदगी की जटिल और उलझी सच्चाइयों को समझने में मददगार साबित होते हैं लेकिन इससे भी उनके आज़ाद और आवारा मन की गति नहीं थमती। रस्किन बान्ड के क्लासिक उपन्यास ‘रूम ऑन द रूफ’ को आगे बढ़ाती हुई शरारती, साहसी और जोखिमभरे कारनामे करनेवाले रस्टी और उसके दोस्त किशन की मन को गुदगुदाने वाली कहानी है-वे आवारा दिन। 1992 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित रस्किन बान्ड भारत के एक बहुत ही लोकप्रिय लेखक हैं।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $12
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  UdaanUdaan
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Udaan
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Publisher : Rajpal and Sons
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By:  Ruskin Bond
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language :  Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition : 2016
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 112 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 9350642255
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9789350642252

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION:

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  सच्ची घटनाओं पर आधारित 1857 के पहले स्वतंत्रता-संग्राम की पृष्ठभूमि पर लिखा गया यह उपन्यास इतिहास के शिकंजे में जकड़े प्रेम-भरे दिल की एक दास्तान है। रूथ एक अंग्रेज़ लड़की है जो अपने माता-पिता के साथ शाहजहांपुर में रहती है। चर्च में आते-जाते रूथ एक पठान नवाब जावेद खान के मन को भा जाती है। विद्रोहियों और अंग्रेज़ी फौजियों के बीच छिड़ी लड़ाई से बचने के लिए रूथ और उसकी मां को जावेद खान के पास पनाह लेनी पड़ती है। क्या जावेद खान रूथ को अपना बना पाता है? रूथ के मन में जावेद खान के प्रति घृणा और क्रोध क्या प्यार में बदल जाता है? दिल की इन्हीं सब परतों में छिपी भावनाओं को एक मार्मिक कहानी में बदल दिया है रस्किन बान्ड की कलम ने, जिस पर श्याम बेनेगल ने 1979 में ‘जुनून’ फिल्म भी बनाई थी। ‘‘रस्किन बान्ड का यह उपन्यास अति पठनीय...आखिरी पन्ना पलटते हुए अफसोस होता है कि उपन्यास खत्म हो गया...दिल को छू लेने वाली कहानी बहुत देर तक याद रहती है।’’-संडे ट्रिब्यून ‘‘1857 की आज़ादी की लड़ाई पर आधारित यदि आप कोई उपन्यास खोज रहे हैं तो रस्किन बाॅन्ड का यह उपन्यास सबसे बेहतर है।’’-हिन्दुस्तान टाइम्स

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $12
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Rusty Ki Ghar Wapsi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:  Ruskin Bond
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language :  Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition : 2019
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 176 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 9386534916
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9789386534910

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION:

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          लम्बे अरसे से रस्किन बॉन्ड की पुस्तकों का लोकप्रिय पात्र, रस्टी, अपने कारनामों से पाठकों का मन लुभाता, गुदगुदाता और हँसाता आ रहा है। रस्टी ने पाठकों के मन में अपना एक विशेष स्थान बना लिया है और उसके किस्से-कहानियाँ से पाठक न थकता है, न ऊबता। लंदन से लौटने के बाद रस्टी देहरादून, दिल्ली और शाहगंज में कुछ समय बिताता है और आखिर में मसूरी के पहाड़ों में बस जाता है जहाँ वह बतौर लेखक अपना जीवन शुरू करता है। रस्टी फिर कभी मसूरी के पहाड़ों को छोड़कर कहीं नहीं जाता। रस्टी की कहानियों की शृंखला में यह पाँचवीं और आखिरी कड़ी है। इसमें पायेंगे रस्टी के कई दोस्तों-यारों के किस्से, जिसमें उसका खास दोस्त, सुरेश भी शामिल है, अंकल बिल जो लोगों को ज़हर देने की नई-नई तरकीबें सोचते रहते हैं और जिमी नामक जिन्न। कुछ अजीबोगरीब किरदार, कुछ प्यार-मोहब्बत के किस्सों से भरी रस्किन बॉन्ड की यह किताब हर उम्र के पाठकों को रास आयेगी। सहज भाषा और दिल को छू लेने वाले लेखक - यही है रस्किन बॉन्ड की खासियत जिसके कारण वह इतने लोकप्रिय हैं। ‘साहित्य अकादमी पुरस्कार’, ‘पद्मश्री’ और ‘पद्मभूषण’ से सम्मानित रस्किन बॉन्ड की अन्य उल्लेखनीय पुस्तकें हैं – रूम ऑन द रूफ़, वे आवारा दिन, एडवेंचर्स ऑफ़ रस्टी, नाइट ट्रेन ऐट देओली, दिल्ली अब दूर नहीं, उड़ान, पैन्थर्स मून, अंधेरे में एक चेहरा, अजब-गज़ब मेरी दुनिया, मुट्ठी भर यादें, रसिया, रस्टी और चीता, रस्टी जब भाग गया और रस्टी चला लंदन की ओर।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $15
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Rusty Jab Bhag GayaRusty Jab Bhag Gaya
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Rusty Jab Bhag Gaya
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By:  Ruskin Bond
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language :  Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition : 2019
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 176 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 9386534886
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9789386534880

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION:

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  बारह वर्षीय रस्टी की दुनिया में उथल-पुथल मच जाती है जब उसके पिता और नानी का देहान्त हो जाता है। रस्टी को अब मिस्टर हैरिसन के साथ रहना पड़ता है, लेकिन वे उसकी देखभाल की ज़िम्मेदारी उठाने के लिए तैयार नहीं हैं और रस्टी को बोर्डिंग स्कूल भेज देते हैं। स्कूल से दुखी और दुनिया देखने को बेचैन रस्टी स्कूल से भाग जाने का प्लान बनाता है लेकिन सफल नहीं हो पाता और एक बार फिर अपने अभिभावक, मिस्टर हैरिसन, के पास वापिस पहुँच जाता है। सत्रह साल के रस्टी को मिस्टर हैरिसन के साथ रहना कबूल नहीं है और वह हमेशा के लिए उनका घर छोड़ देता है। बचपन और जवानी के बीच के समय के दिलकश किस्सों का यह संकलन रस्टी की कहानी-शृंखला की दूसरी पुस्तक है। ‘साहित्य अकादमी पुरस्कार’, ‘पद्मश्री’ और ‘पद्मभूषण’ से सम्मानित रस्किन बॉन्ड की अन्य उल्लेखनीय पुस्तकें हैं - रूम ऑन द रूफ़, वे आवारा दिन, एडवेंचर्स ऑफ़ रस्टी, नाइट ट्रेन ऐट देओली, दिल्ली अब दूर नहीं, उड़ान, पैन्थर्स मून, अंधेरे में एक चेहरा, अजब-गज़ब मेरी दुनिया, मुट्ठी भर यादें, रसिया, रस्टी और चीता, रस्टी की घर वापसी और रस्टी चला लंदन की ओर।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $15
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Rusty Chala London Ki OreRusty Chala London Ki Ore
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Rusty Chala London Ki Ore
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:  Ruskin Bond
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language :  Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition : 2019
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 128 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 9386534908
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9789386534903

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION:

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          बीस साल की उम्र पार करते ही रस्टी देहरा छोड़कर लंदन चला जाता है। उसके मन में सपना है वहाँ जाकर एक लेखक बनने का। दिन में वह क्लर्क की नौकरी करता है और देर रात जागकर लिखता है। तीन साल वहाँ बिताने के बावजूद, रस्टी को लंदन रास नहीं आता। उसके मन में, यादों में अब भी बसा है भारत और देहरा, जहाँ उसने अपना बचपन बिताया था। आखिरकार वह देहरा वापिस आ जाता है और फिर वहीं रहता है। लंदन में रस्टी के साथ अनेक मज़ेदार किस्से होते हैं जो इस किताब में सम्मिलित हैं। रस्किन बॉन्ड भारत के अत्यन्त लोकप्रिय लेखक हैं। लोकप्रिय पात्र, रस्टी, की कहानियों की शृंखला में रस्किन बॉन्ड की यह चौथी किताब है। ‘साहित्य अकादमी पुरस्कार’, ‘पद्मश्री’ और ‘पद्मभूषण’ से सम्मानित सम्मानित रस्किन बॉन्ड की अन्य उल्लेखनीय पुस्तकें हैं – रूम ऑन द रूफ़, वे आवारा दिन, एडवेंचर्स ऑफ़ रस्टी, नाइट ट्रेन ऐट देओली, दिल्ली अब दूर नहीं, उड़ान, पैन्थर्स मून, अंधेरे में एक चेहरा, अजब-गज़ब मेरी दुनिया, मुट्ठी भर यादें, रसिया, रस्टी और चीता, रस्टी की घर वापसी और रस्टी जब भाग गया।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $13
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Rusty Aur Cheetah
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By:  Ruskin Bond
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language :  Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition : 2019
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 224 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9789386534897

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION:

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  रस्टी की ज़िन्दगी की कहानियों की कड़ी में यह तीसरी किताब है। रस्टी अपने अभिभावक का घर छोड़ चुका है और कपूर परिवार के साथ रहने आता है। वहाँ वह उनके बेटे किशन को पढ़ाता है और उससे उसकी अच्छी दोस्ती हो जाती है। बेहद सुन्दर, किशन की माँ, मीना कपूर, से रस्टी बहुत प्रभावित है और उनसे बहुत कुछ सीखता है। अचानक मीना की मौत हो जाने के बाद रस्टी और किशन देहरा छोड़ देते हैं और दून घाटी और गढ़वाल के पहाड़ों की ओर निकल जाते हैं। इस दौरान रस्टी और किशन के साथ क्या गुज़रता है यही है इस पुस्तक का ताना-बाना। ‘साहित्य अकादमी पुरस्कार’, ‘पद्मश्री’ और ‘पद्मभूषण’ से सम्मानित रस्किन बॉन्ड की अन्य उल्लेखनीय पुस्तकें हैं – रूम ऑन द रूफ़, वे आवारा दिन, एडवेंचर्स ऑफ़ रस्टी, नाइट ट्रेन ऐट देओली, दिल्ली अब दूर नहीं, उड़ान, पैन्थर्स मून, अंधेरे में एक चेहरा, अजब-गज़ब मेरी दुनिया, मुट्ठी भर यादें, रसिया, रस्टी जब भाग गया, रस्टी की घर वापसी और रस्टी चला लंदन की ओर।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $17
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Room on the Roof
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:  Ruskin Bond
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Hardcover
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language :  Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition : 2014
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 144 pages
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Size : 20 x 14 x 4 cm
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9789350641941

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION:

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          1992 में साहित्य अकादमी अवार्ड से पुरस्कृत रस्किन बान्ड का यह पहला उपन्यास है जिसे उन्होंने 17 वर्ष की उम्र में लिखा था। इस उपन्यास का पात्र, रस्टी एक सोलह वर्षीय एंग्लो-इंडियन लड़का है जिसके मां-बाप नहीं हैं और जिसे अपने अंग्रेज़ रिश्तेदारों के साथ रहना पड़ता है। मनमौजी, घुमक्कड़ और विद्रोही स्वभाव वाले रस्टी को अपने रिश्तेदारों का अनुशासन और तौर-तरीके बिलकुल रास नहीं आते और वह उनके घर से भाग जाता है। फिर उसे मिलते हैं नये दोस्त जिनके साथ बाज़ार, मेले और त्योहारों की चहल-पहल में वह खो जाता है...बचपन और जवानी के बीच की अल्हड़ उम्र के अनुभवों पर आधारित यह क्लासिक उपन्यास आज भी पाठकों का भरपूर मनोरंजन करता है। ‘‘अपना एक विशेष जादू है इस पुस्तक का’’-हैरल्ड ट्रिब्यून बुक रिव्यू ‘‘बेहद पठनीय’’-द गार्डियन।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $14
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Room on the RoofRoom on the Roof
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Room on the Roof
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • By:  Ruskin Bond
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Language :  Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Edition : 2018
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • Pages: 144 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-10: 9350641593
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  • ISBN-13 :9789350641590

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  DESCRIPTION:

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  1992 में साहित्य अकादमी अवार्ड से पुरस्कृत रस्किन बान्ड का यह पहला उपन्यास है जिसे उन्होंने 17 वर्ष की उम्र में लिखा था। इस उपन्यास का पात्र, रस्टी एक सोलह वर्षीय एंग्लो-इंडियन लड़का है जिसके मां-बाप नहीं हैं और जिसे अपने अंग्रेज़ रिश्तेदारों के साथ रहना पड़ता है। मनमौजी, घुमक्कड़ और विद्रोही स्वभाव वाले रस्टी को अपने रिश्तेदारों का अनुशासन और तौर-तरीके बिलकुल रास नहीं आते और वह उनके घर से भाग जाता है। फिर उसे मिलते हैं नये दोस्त जिनके साथ बाज़ार, मेले और त्योहारों की चहल-पहल में वह खो जाता है...बचपन और जवानी के बीच की अल्हड़ उम्र के अनुभवों पर आधारित यह क्लासिक उपन्यास आज भी पाठकों का भरपूर मनोरंजन करता है। ‘‘अपना एक विशेष जादू है इस पुस्तक का’’-हैरल्ड ट्रिब्यून बुक रिव्यू ‘‘बेहद पठनीय’’-द गार्डियन।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          $12
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          Rasiya
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          SPECIFICATION:
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • By:  Ruskin Bond
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Binding : Paperback
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Language :  Hindi
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Edition : 2018
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • Pages: 96 pages
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                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-10: 93865345510
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          • ISBN-13 :9789386534552

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          DESCRIPTION:

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                          ‘‘मैं एक रसिया हूँ। अपनी काम-वासना पूरी करने के अलावा मैं और कुछ नहीं कर पाता।’’ रसिया कहानी है एक ऐसे आदमी की जो अपनी काम-प्रवृत्ति का गुलाम है। वासना का भूत उसके सिर चढ़कर तो जैसे तांडव करता है और वह अपनी यौनेच्छाओं को पूरा करने की राह पर चलने को मजबूर है। इस राह पर उसे आनन्द तो मिलता है लेकिन साथ ही जोखिमों का सामना भी होता है। रस्किन बॉन्ड का यह लघु उपन्यास रसिया उनकी जानी-पहचानी शैली से हटकर है जिसमें उन्होंने मानव-प्रवृत्ति के नकारात्मक पक्षों को उजागर किया है। ‘साहित्य अकादमी पुरस्कार’, ‘पद्मश्री’ और ‘पद्मभूषण’ से सम्मानित रस्किन बॉन्ड की अन्य उल्लेखनीय पुस्तकें हैं - रूम ऑन द रूफ़, वे आवारा दिन, एडवेंचर्स ऑफ़ रस्टी, नाइट ट्रेन ऐट देओली, दिल्ली अब दूर नहीं, उड़ान, पैन्थर्स मून, अंधेरे में एक चेहरा, अजब-गज़ब मेरी दुनिया और मुट्ठी भर यादें।

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  $12

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  Recently viewed